अवैध रेत, कोयला उत्खनन, परिवहन को वैध माना जाए, हजारों लोगों को मिला स्व रोजगार- कैलाश तिवारी
शहडोल
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश तिवारी ने मध्यप्रदेश शासन से मांग की है कि जिले में व्यापक पैमाने पर की जा रही रेत एवं कोयला अवैध उत्खनन एवं परिवहन को देखते हुए इसको अवैध ना मानते हुए वैद्य माना जाए, रॉयल्टी मुक्त किया जाए। इस स्वरोजगार को प्रोत्साहन दिया जाए ।इसमें हजारों देशभक्त नागरिक लगे हुए हैं। जब-जब इसमें सख्ती की जाती है तो जिले में बेरोजगारी बढ़ जाती है। ऐसे में उसको वैध रूप दिया जाए।
कैलाश तिवारी ने कहा है कि इस अवैध व्यवसाय में 90% मामले तो पकड़ में आते नहीं है। केवल 10% परसेंट लोग पकड़े जाते हैं । हाईवा ट्रक वाले तो पकड़ में नहीं आते हैं। ट्रैक्टर ट्राली वाले पकड़ में आते हैं वह भी अगर मिली भगत करके काम करें तो बचा जा सकता है। ऐसे में प्रदेश शासन को चाहिए कि शहडोल जिले के लिए यह विशेष सुविधा प्रदान की जाए।
कैलाश तिवारी ने कहा है कि जब 90% काम मिलीं भगत से हो रहा है तो 10% लोगों के लिए क्यों शासन परेशान हो रहा है।
कैलाश तिवारी ने कहा है कि यह अवैध व्यवसाय शहडोल जिले में दशकों से चल रहा है और चलता रहेगा। इसको कोई भी शासन , प्रशासन रोक नहीं सकता है। इसलिए इसका एकमात्र उपाय है कि इसको मुक्त किया जाए।
