ताप विद्युत गृह ने विद्युत उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड, मगर श्रमिकों का शोषण बदस्तूर जारी?
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट की इकाई ने 99.35 फीसदी पीएलएफ के साथ लगातार 100 दिन किया विद्युत उत्पादन
अनूपपुर/चचाई
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की इकाई क्रमांक पाँच ने लगातार 100 दिन तक विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया है। यह इकाई इस वर्ष 30 जनवरी से आज तक सतत एवं निर्बाध रूप से क्रियाशील है।इस अवधि में 210 मेगावाट क्षमता की इकाई ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए101.13 प्रतिशत पीएएफ (प्लांट अबेविलिटी फेक्टर), 99.35 प्रतिशत पीएलएफ (प्लांट लोड फेक्टर) तथा 8.97 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की।अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इकाई क्रमांक पाँच द्वारा लगातार 100 दिन तक विद्युत उत्पादन करने की अभूतपूर्व उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे और पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने समस्त अभियंताओं और कार्मिकों को बधाई दी है से संबंधित समाचार जनसंपर्क विभाग एवं ऊर्जा विभाग के पेज पर प्रकाशित किया गया है जो सही है लेकिन जो पर्दे के पीछे मुख्य अभियंता उत्पादन, अधीक्षण अभियंता सेवाएं तथा कार्यपालन अभियंता मुख्यालय के चहेते ठेकेदारों के द्वारा जो किया जाता है वह सर्वविदित ही है ताजा मामला संयंत्र के सुरक्षा श्रमिकों एवं सीएचपी के कोल हापर है जहां पहलवान जी सुबह शाम अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जाते तो है लेकिन हापर में पसीना बहा कर हेमरिंग कर रहे श्रमिकों को मिलने वाली मजदूरी कितनी है, कितनी मिलती है, सुरक्षा उपकरण मिलता है या नहीं की जानकारी नहीं लेते हैं, जबकि ठेकेदार के द्वारा हेमरिंग कर रहे श्रमिकों को 280/तथा बिजली सुधार एमसीसी 2 के श्रमिकों को भी 280/ कोयला सफाई के श्रमिकों को 290/ के दर से भुगतान किया जा रहा है साथ ही श्रमिकों के खाते में जमा राशि को एक विश्वामित्र जैसे बुजुर्ग चच्चा, बिजली संभाग में यादव तथा सफाई संभाग के श्रमिकों का पैसा छोटे मियां बड़े मियां के द्वारा भय दिखा कर छीन लिया जाता है।वहीं संयंत्र के अधीक्षण अभियंता सेवाएं श्रमिकों का समय से मजदूरी का भुगतान नहीं करा पा रहे हैं जब हमारे संवाददाता ने बिजली सुधार कर्मियों/कोल हेमरिंग कर्मी/कोयला सफाई कर्मियों से पूछा तो बताए कि सयम से मजदूरी का भुगतान कभी नहीं किया जाता शिकायत करने पर अधिकारी ठेकेदार से श्रमिकों की आंख की जांच या फेफड़े की जांच या आईटीआई का प्रमाण पत्र मांगकर परेशान करते हैं यह बात सर्वविदित है तथा विश्व की सर्वाधिक श्रमिक संख्या का राग अलापने वाले जो जोर- जुल्म से टक्कर लेने का वादा करते हुए जोर जोर से नटई फाड़कर नारा लगाकर कभी बिहार में तो कभी अमरकंटक अधिवेशन कर श्रमिकों से चंदा लेते हैं जबकि स्वयं के कार्यक्षेत्र के श्रमिकों को कभी सुरक्षा एवं पूरी मजदूरी नहीं दिला पाते।
*युवा शक्ति कंपनी के ठेका श्रमिकों को बेरोजगार करने का लिए प्रण लिखा पत्र?*
संयंत्र में अपने डंडे के दम पर सुरक्षा का भार उठाने वाले सुरक्षा श्रमिकों का ठेका 9 जून तक है तथा अगले ठेके के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है पूर्व में सुरक्षा श्रमिकों का समय से मजदूरी का भुगतान नहीं होने से सभी श्रमिकों ने एकदिवसीय काम बंद हड़ताल किया था जिससे सुरक्षा अधिकारी भार्गव एवं अधीक्षण अभियंता मुख्यालय में पदस्थ कार्यपालन अभियंता खरे के द्वारा नाराज होकर पीजीसीएल को पत्र दिए जिससे कंपनी के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 221/08/2022 दूसरा पत्र 346/10/2022 तीसरा पत्र 13/01/2023 के द्वारा अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 2 सुपरवाइजर व 44 सुरक्षा श्रमिक सशस्त्र एवं 12 सुरक्षा श्रमिक डंडा मैन कुल 58 श्रमिक दिनांक/09/06/2023 तक पदस्थ करने हेतु निदेशक, मध्यप्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति, जीटीबी काम्प्लेक्स प्रथम तल ,टीटी नगर भोपाल 462003 को सुरक्षा श्रमिक पदस्थ करने के आदेश दिए गए हैं जिससे कार्य कर रहे श्रमिकों में काम छूटने का भय व्याप्त है
*विधानसभा को भी किया गुमराह*
विधानसभा के बजट सत्र में विधायक पांची लाल मेढा ने अतारांकित प्रश्न संख्या 1542 दिनांक 03/03/2023 के माध्यम से ऊर्जा मंत्री से प्रश्न किया था कि अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में कार्य कर रहे कंपनी आरती इंटरप्राइजेज कैंप चचाई,अन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज, हैप्पी सिक्योर आउटसोर्स कंपनी तथा भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति कैंप चचाई एवं में इंडियन कॉफी हाउस कैंप चचाई जिला अनूपपुर के श्रमिकों की मजदूरी की क्या है संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या कितनी है , विधानसभा को जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि संगठित श्रमिकों की संख्या 770 है एवं असंगठित श्रमिकों की संख्या निरंक है एवं आरती इंटरप्राइजेज कैंप चचाई, अन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज कैंप चचाई, हैप्पी सिक्योर प्राइवेट लिमिटेड के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अनुसार मजदूरी का भुगतान किया जाता है जबकि भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति कैंप चचाई एवं इंडियन काफी हाउस कैंप चचाई के श्रमिकों को किये जाने वाले भुगतान के दरों में अंतर है,तथा इंडियन काफी हाउस तथा भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति को दी जाने वाली मजदूरी दरों की जानकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है बता कर उच्च सदन विधानसभा को झूठी जानकारी देकर गुमराह कर दिए हैं,जब कि मप्र पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के द्वारा ही निविदा का प्रकाशन, प्रक्रिया पूर्ण होने पर कार्यादेश भी कंपनी के द्वारा दिया गया है,तब दर की जानकारी कैसे नहीं होगी?यह एक यक्ष प्रश्न है? विधानसभा को जानकारी प्रेषित करने के समय जब सभी कंपनी के वेतन भुगतान पत्रक दिये जा रहे थे तब क्या चित्रगुप्त के उपासक को दर नहीं दिखी अब महोदय के आंख की जांच आवश्यक है, वहीं दबी जबान में ठेका श्रमिकों ने बताया कि अगर बेरोजगार हुए तो हम सभी न्यायालय में भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति के बराबर राशि का भुगतान के संबंध में न्यायालय जायेंगे।
