बाबूलाल जिला अस्पताल पहुँचकर रिसर्च के लिए अपना शरीर किया दान

बाबूलाल जिला अस्पताल पहुँचकर रिसर्च के लिए अपना शरीर किया दान


अनूपपुर

अनूपपुर जिला अस्पताल में एक व्यक्ति ने सोमवार को अपना शरीर दान कर दिया। बाबूलाल राठौर उम्र 62 वर्ष निवासी वार्ड़ न. 06 सेंदुरी ने जिला अनूपपुर मरने के बाद अपना शरीर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे बच्चों को रिसर्च के लिए देना चाहते हैं। जहां उन्होंने आज जिला अस्पताल अनूपपुर पहुंचकर सिविल सर्जन को एक पत्र देकर शरीर दान देने की घोषणा की है। पूरे जिले में यह पहला मामला है। जब किसी व्यक्ति ने अपना पूरा शरीर दान किया है। इससे पहले लोग आंख एवं शरीर के अन्य हिस्से को ही दान किए हैं। घोषणा पत्र में उल्लेख है कि मैं बाबूलाल राठौर अपना देह मृत्यु उपरांत शरीर संरचना विभाग शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शहडोल जिला शहडोल को दान करना चाहता हूं। जिसका उपयोग अध्ययन अध्यापन में किया जाए। किसी भी व्यक्ति को चाहे वह मेरा उत्तराधिकारी व रिश्तेदार हो मृत्यु के पश्चात शरीर संरचना विभाग को दिए जाने पर आपत्ति करने का अधिकार नहीं हैं। मेरी मृत्यु के बाद मेरे बेटा अवधेश राठौर जिसकी जिम्मेदारी रहेगी कि शरीर संरचना विभाग छात्र-छात्राओं के काम आएगा शरीर

बाबूलाल राठौर  बताया कि मैंने सभी धर्मों का अनुसरण किया है। सभी धर्मों का अनुसरण करने के बाद मुझे कोई भी सही स्थान नहीं दिखा। इस शरीर का यहां कोई काम नहीं लगने वाला हैं। जो आज लग चुका है। मेरी मृत्यु के बाद या शरीर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए काम आएगा। बाबूलाल राठौर ने बताई मेरे इस फैसले पर मेरे परिवारों ने भी सहमति जताई और मुझे ऐसा करने में मेरी मदद की।

डॉक्टर जनक सारीवान के अनुसार छात्र-छात्राएं जो मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। वे सभी इनके शरीर दान करने से सीखेंगे। डॉक्टर ने कहा कि अगर हम शिक्षित एवं जागरूक हो तो दुनिया की इस आडंबर को हटाकर अपना शरीर दान करे तो किसी की जिंदगी बचा सकते हैं।

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