रोजगार मेले के नाम पर युवाओं को गुमराह करना बंद करें मुख्यमंत्री आजाद

रोजगार मेले के नाम पर युवाओं को गुमराह करना बंद करें मुख्यमंत्री आजाद


शहडोल 

चंद घंटों में  पांच लाख से अधिक बेरोजगारों को रोजगार से जोड़कर उन्हें लाभान्वित करने  का दावा करने वालो की सच्चाई जनता के सामने आ चुकी हैं। उनके कथनी और करनी में कितना फर्क है यह शहडोल जिले की जनता भली-भांति समझ चुकी है। उनका असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। मेडिकल कॉलेज इंजीनियरिंग कॉलेज का  बार-बार राग नापने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री ना जाने और कई वर्षों तक यह दावा करते रहेंगे, यह बात जिला कांग्रेस अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही, उन्होंने कहा कि  जो भी शहडोल को मिला वह उसका अधिकार है और हक है ।लेकिन इसे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके अंधभक्त इस बात को बार-बार इस ढंग से जनता के सामने परोस रहे हैं जैसे  हमें भीख में सौगाते  दी गई हो।

मुख्यमंत्री जी ने पॉलिटेक्निक मैदान में  जिस तरह छाती पीट कर कह रहे थे कि अगर मेडिकल कालेज नही होता तो न जाने कितने कोरोना में मरते,लेकिन उन्हें यह  पता कि इसी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के अभाव में कई लोगों की जानें गई।  स्वास्थ सुविधा मेडिकल कॉलेज में लोगों को नहीं मिल पाई । किसी काम का नहीं रहा उस दौरान यह मेडिकल कॉलेज जब कोरोना के मरीज व उनके परिजन ऑक्सीजन व उपचार के लिए दर दर भटकते रहे, उस दौरान लोगों ने अपनों को खोया है और यह मंजर लोग अभी भूले नहीं है शिवराज जी

प्रेस विज्ञप्ति में जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री आजाद बहादुर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार मेले के नाम पर युवाओं को गुमराह करना बंद करें। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के  शहडोल दौरा कार्यक्रम को लेकर सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग किया गया। जितनी राशि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खर्च की गई है इतने में हमारे अपने जिले के न जाने कितने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध हो जाता। जनता का पुजारी बताने वाले मुख्यमंत्री को शायद यह नहीं दिख रहा होगा कि आज इस महंगाई में  प्रदेश की जनता कितनी दिक्कत झेल  रही है। पेट्रोल के बढ़े दामों में मध्य प्रदेश पूरे देश में अव्वल है।

रसोई गैस के दाम आसमान पर हैं। कोरोना काल में माफ किया गया बिजली बिल भी प्रदेश की शिवराज सरकार वसूल रही है। रोजगार के नाम पर केवल प्रदेश की सरकार रोजगार मेला आयोजित कर रही है। रोजगार के लिए आने वाले युवाओं के साथ केवल छलावा किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री को  आम आदमी से कोई लेना-देना नहीं रहा, जनता की दिक्कत अब सरकार को नहीं दिख रही हैं। प्रदेश सरकार  के जन विरोधी रवैया से  जनता पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है।

*शहडोल की समस्या से मुख्यमंत्री को कोई वास्ता नहीं*

जिला कांग्रेस अध्यक्ष हजार बहादुर सिंह ने बताया कि शहडोल की मूल समस्या से शायद मुख्यमंत्री जी को कोई वास्ता नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि आज मुख्यालय की सड़कें खस्ताहाल है नगरपालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है, और जिला प्रशासन मुख्यमंत्री जी को गोड़तरा  लल्लू सिंह  चौक  के सामने से ना लाकर उन्हें नया बाय पास से सीधे पॉलिटेक्निक  ले जाया गया। 

आजाद ने कहा कि आज शहर की समस्त सड़कें खस्ताहाल है। न्यू बस स्टैंड से बुढार चौक जाने वाली सड़क, बाणगंगा तिराहा से लल्लू सिंह चौक होते हुए नया बाईपास बुढ़ार की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है । लेकिन इस ओर किसी तरह का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था भी लड़खड़ा गई है पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई है।

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget