आस्था पर भारी पंचायत, मूल भूत सुविधा से वंचित सिद्ध बाबा मंदिर हर वर्ष लगता हैं शिवरात्रि मेला
*आज तक मंदिर स्थल पर ना तो पानी की व्यवस्था न लाइट की व्यवस्था न बैठने की व्यवस्था और न सेड की व्यवस्था नहीं हैं*
अनूपपुर/अमलाई
दुनिया भर में जहां कहीं भी मेले लगते हैं या जहां बड़ी संख्या में लोगों का आना जाना या जमघट लगता है वहां स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। आमतौर पर यही होता है लेकिन ग्राम पंचायत बरगवां इस मामले में अपवाद साबित हुआ है, जिसने तकरीबन वर्षों से लग रहे सिद्धनाथ मंदिर डोंगरिया टोला मेला स्थल पर न तो अब तक बिजली की व्यवस्था की है, पानी या साफ सफाई की, लोगों को यह बात काफी चुभ रही है और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नगर व जिला प्रशासन से मेला स्थल पर समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई है।
सिद्धनाथ बाबा डोंगरिया में महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष मेला लगता है ग्रामीणों ने बताया कि 1 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर सिद्ध बाबा डोगरिया मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया जाता रहा है।
*अधिक से अधिक संख्या में भक्तजन पहुंच कर सिद्धनाथ बाबा का दर्शन*
प्राकृतिक सौंदर्य एवं आदिवासी अंचल की छबि लिए पर पहाड़ो पर बने सिद्ध बाबा मंदिर डोगरिया महाशिवरात्रि मेले के लिए प्रसिद्ध है कई वर्ष से यहां पर अनवरत मेला लग रहा है। कोरोना कॉल भर में मेले का आयोजन नहीं किया गया था।
*चढ़ते हैं सैकड़ों सीढ़ियां*
महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष मेले लगता है जहां सभी तरह की बड़ी छोटी दुकानें झूला खिलौनो मिठाइयो से मेला सजा जहा नगर आस पास के व्यापारी मेले में पहुंचते हैं। सिद्ध बाबा मंदिर पहाड में पहुंचने के लिए सैकड़ों सीढ़ी चढ़ कर भक्तजन पहुंचते हैं। मन्दिर जहां भगवान शिवलिंग जी के दर्शन किया जाता है और भक्त जन जल चढ़ाकर नारियल प्रसाद आदि चढ़ाते हैं भक्ति भाव से पूजा किया जाता है जहां लोग मंदिर में दर्शन हेतु पहुंचते हैं, अन्य दिनों में भी रामचरितमानस या रामायण पाठ का आयोजन भी किया जाता रहा है।
ग्राम पंचायत के द्वारा साफ सफाई पीने का पानी बिजलीके नाम पर औपचारिकता करती है सिद्ध बाबा मंदिर सिद्धनाथ की शिवलिंग मूर्ति अन्य मूर्तियां स्थापित की गई है जहां आए दिन दर्शन करने लोगों जाते हैं।
सुप्रसिद्ध मंदिर धार्मिकआस्था का प्रतीक सिद्ध बाबा मंदिर ना शासन और ना ही ग्राम पंचायत के द्वारा आसपास साफ सफाई स्थाई बिजली की व्यवस्था और ना ही आज तक मंदिर स्थल पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई और ना ही भक्त जनों नाम पर ऐसा कुछ भी पंचायत द्वारा नहीं कराया गया।