गाँजा सहित स्कूटी जप्त, मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार, धोखाधड़ी का फरार आरोपी भी गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के थाना कोतमा पुलिस द्वारा कोतमा हाईवे रोड में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान बुढ़ानपुर तरफ से एक स्कूटी वाहन क्रमांक MP 65 ZB 5023  चालक रोड पर आते हुए दिखाई दिया जो पुलिस की चेकिंग देखकर अपनी स्कूटी को वापस मोड़कर भागने लगा। जिसे वहां मौके पर पुलिस द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया। नाम पूछने पर स्कूटी चालक ने अपना नाम अनिल सोनी पिता गौरी शंकर सोनी निवासी पुरानी बस्ती , कोतमा का होना बताया। शक होने पर पुलिस ने स्कूटी को चेक करने पर स्कूटी की डिक्की में खाकी रंग के 2 पैकेट मिले जिसमें अवैध मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया । 2.050 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30000/- रुपये एवं, स्कूटी वाहन जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 60000/- रुपए को आरोपी अनिल सोनी के कब्जे से जप्त कर, आरोपी को गिरफ्तार कर उसके  विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पूछताछ पर आरोपी अनिल सोनी ने गांजा रज्जू उर्फ राजेन्द्र द्विवेदी निवासी वार्ड नं 04 कोतमा से लाना बताया है, जिसकी तलाश की जा रही है।

*धोखाधडी का फरार आरोपी को गिरफ्तार*

जिले के थाना भालूमाड़ा की टीम द्वारा अप. क्र. 350/2024 धारा 420, 406, 409, 120बी ता.हि. 6 व अप.क्र. 400/2024 धारा 420, 409, 34 भा.दं.वि. 6 फरार आरोपी को थाना कोतमा पुलिस दो वर्ष से फरार आरोपी अल्कित मालीवाड की पता तलास हेतु गोधरा गुजरात रवाना हुई, जो उक्त टीम के द्वारा अपनी सूझ बूझ एवं साईबर सेल अनूपपुर के मदद से आरोपी अल्कित मालीवाड को गिरफ्तार कर लाया गया इसके पूर्व भी दोनो प्रकरण के आरोपी अल्कित मालीवाड का साथी उमेश कांतिलाल पटेल निवासी चांदखेडा अहमदाबाद गुजराज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से जिला जेल अनूपपुर भेजा गया । 

गलत सीमांकन में लेनदेन मामले में पटवारी के समर्थन में उतरे सरपंच व ग्रामीण, निष्पक्ष जांच की मांग



सीधी

सीधी जिले के कुसमी तहसील के हल्का मेडरा के पटवारी राजकुमार रैदास के खिलाफ हाल ही में कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से भूमि सीमांकन करने एवं पैसे लेने के लगाए गए आरोपों के बीच अब ग्राम पंचायत मेडरा के सरपंच कुंवर देव सिहं सहित कई ग्रामीण और किसान खुलकर पटवारी के समर्थन में सामने आए हैं।

ग्राम पंचायत मेडरा के सरपंच कुंवर देव सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पटवारी पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने वाले कुछ लोग स्वयं अन्य किसानों की जमीन पर गलत तरीके से कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिसकी जानकारी सीमांकन के दौरान सामने आई। इसी कारण वे पटवारी के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं। सरपंच ने दावा किया कि कुछ लोगों को छोड़कर अधिकांश ग्रामीण पटवारी के कार्य से संतुष्ट हैं।

ग्रामीण संतोष यादव ने बताया कि शिकायतकर्ताओं ने उनकी जमीन पर भी अपना आधिपत्य जमा लिया था और दूसरे के नाम बिक्री तक कर दी थी। मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने पटवारी से सीमांकन कराया, जिसके बाद उन्हें अपनी वास्तविक भूमि वापस मिल गई। उनका आरोप है कि इसी वजह से संबंधित लोग अब पटवारी की शिकायत कर रहे हैं।

पटवारी के समर्थन में सरपंच कुंवर देव सिंह के साथ वंश गोपाल यादव, उत्तम सिंह, संतोष यादव, कृष्ण लाल यादव, अनुज यादव सहित कई किसानों ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी और निष्पक्ष जांच की मांग की।

सरपंच ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सीमांकन पर आपत्ति है तो राजस्व नियमों के अनुसार संबंधित अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराकर दूसरे आरआई या पटवारी से दोबारा सीमांकन कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिना जांच के पूरे गांव और पटवारी की छवि खराब करना उचित नहीं है।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब सभी की निगाहें राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच और उसके बाद आने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।

संजय गाँधी ताप परियोजना के रख रखाव के नाम पर चल रहा खेल, इकाई 3-4 के मरम्मत कार्य पर उठे गंभीर सवाल


उमरिया

संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट बिरसिंहपुर पाली में एक बार फिर  से अनियमितताओं की गूंज उत्पादन केन्द्र से परियोजना के बाहर सुनाई दे रही है। विश्वासनीय  सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यूनिट क्रमांक 3/4 में चल रहे मरम्मत कार्यों में तकनीकी मानकों की अनदेखी कर परियोजना को लाखों रुपये की चपत लगने की बात बतायी जा रही है। विदित होवे की इकाई क्र तीन चार के मरम्मत कार्य इन दिनों चल रहा है । मालुम होवे की इकाई क्र चार पिछले पांच माह से बेक्र डाऊन चल रही है। जिसके टरबाइन में खराबी बतायी जा रही है। 

सूत्रों का दावा है कि बंकर मरम्मत कार्य के तहत क्षतिग्रस्त स्टील प्लेटों को पूरी तरह हटाकर नई प्लेटें लगाने का प्रावधान था ,लेकिन   पुरानी प्लेटों को बदलने की जगह उसके खराब भाग की  कटिंग कर टूकडो में प्लेट लगाकर थेंगरी लगाने का काम किया जा रहा है। परियोजना में मरम्मत कार्य में लग रहें इन कथित आरोपों के अनुसार मरम्मत कार्य में  गुणवत्ता से समझौता कर कार्य को पूरा दिखाने की कोशिश की जा रही है जिससे भविष्य में संयंत्र की सुरक्षा और कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

प्लांट के गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि बड़े नाम वाली कंपनियों को ठेके दिए जाने के बाद वास्तविक कार्य स्थानीय स्तर के ठेकेदारों से कराया जाता है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो ठेका प्रक्रिया गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग सकते हैं। परियोजना में घटिया मरम्मत कार्य की इन मुखरित खबरों से क्षेत्र के लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए। 

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget