टांगी से मारकर हत्या के आरोपी को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा


अनूपपुर/राजेन्द्रग्राम

अपर सत्र न्यायाधीश राजेन्द्रग्राम अविनाश शर्मा की न्यायालय ने थाना करनपठार के अपराध की धारा 302 भादवि आरोपी 28 वर्षीय विपिन बैगा पुत्र स्व. भुगबल बैगा निवासी ग्राम करनपठार को आजीवन कारावास एवं 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई। प्रकरण में पैरवी शशि धुर्वे एडीपीओ एवं अति.लोक अभियोक हेमंत अग्रवाल द्वारा अंतिम तर्क प्रस्तु्त किया गया। जिला अभियोजन अधिकारी अनूपपुर रामनरेश गिरि ने शुक्रवार को बताया कि घटना 20 जुलाई 2019 को मृतक मिहीलाल मवेशी चराने जंगल तरफ जा रहा था और उसका भाई सुरेश कुमार ढीमर खेतों में जुताई के लिए हल चलाने बैलों को लेकर मिहीलाल के पीछे-पीछे जा रहा था, जैसे ही मिहीलाल पुराना थाना भवन के पीछे मैदान के पास पहुचा, उसी समय आरोपित विपिन बैगा एवं दारन सिंह गोंड़ की खेत की तरफ से हाथ में टांगी लेकर आया और मिहीलाल पर अचानक से टंगिया से प्रहार कर दिया जिससे वह जमीन में गिर गया उसके बाद आरोपित ने मिहीलाल पर कई वार लगातार प्रहार किया और जब उसका भाई बीच बचाव करने आया तो आरोपित नगमला के जंगल की तरफ भाग गया एवं उसकी चप्पल वहीं घटना स्थल पर रह गई। हल्ला करने पर आस-पास लोग इक्ट्ठे हो गए और 100 डायल को फोन के द्वारा घटना की जानकारी दी गई। मौके पर पुलिस पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य संकलन करते हुए संपूर्ण कार्यवाही की कर मामला न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु रखा। प्रकरण हत्या से संबंधित होकर अत्यंत गंभीर प्रकृति का था जिसे जिला समिति द्वारा चिंहित किया गया था प्रकरण में रामनरेश गिरि, जिला लोक अभियोजन अधिकारी, शशि धुर्वे अपर लोक अभियोजक, हेमंत अग्रवाल अपर लोक अभियोजक/एडीपीओ उक्त, सभी अधिकारियों के समन्वतय में डी.एम./एस.पी. के मार्गदर्शन से प्रकरण के आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषित ठहराते हुए सजा सुनाई।

ब्यूटी पार्लर के नाम पर संचालित हो रहा अवैध क्लीनिक, गलत इलाज से मौत का लग चुका है आरोप


इन्ट्रो:- अनूपपुर जिले में इन दिनों अवैध क्लीनिक का संचालन जोरों पर है, स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नाम मात्र की कार्यवाही कर वाहवाही लूटी जाती है जिसके बाद दोबारा से अवैध क्लीनिक का संचालन शुरू हो जाता है। 14 सितंबर को भालूमाडा थाना क्षेत्र अंतर्गत झोलाछाप डॉक्टर के अवैध क्लीनिक में एक मरीज की मृत्यु हो जाती है जिस पर मामला भालूमाडा थाना अंतर्गत दर्ज होता है लेकिन 2 माह बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही ना तो पुलिस विभाग करती हैं और ना ही स्वास्थ्य विभाग। 

अनूपपुर/भालूमाड़ा

जिले के भालूमाडा थाना अंतर्गत पसान नगर पालिका के ब्यूटी पार्लर के अंदर संचालित अवैध क्लीनिक में 14 सितंबर की दोपहर झोलाछाप डॉक्टर के पास इलाज के लिए आए हुए कुशलाबहरा में निवासरत बबलू की झोलाछाप डॉक्टर मजूमदार के अवैध क्लीनिक के बाहर तड़प कर मौत हो गई थी। आश्चर्य की बात तो यह है क्लीनिक ब्यूटी पार्लर के अंदर अवैध रूप से संचालित हो रहा था। युवक की मौत के बाद डॉ मजूमदार क्लीनिक में ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए थे। वही परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी जिसके बाद पुलिस द्वारा पंचनामा कर क्लीनिक के बाहर से शव को बरामद कर पोस्टमार्टम करवाया गया था। मामला भालूमाड़ा थाना अंतर्गत दर्ज हो गया था। मामला दर्ज होने के 2 माह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नही की गई है। शासन प्रशासन को जेब में रखकर अवैध रूप से ब्यूटी पार्लर के अंदर अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग मरीज के खत्म होने के बाद भी  2 महीने से चुप्पी साधे हुए हैं किसी प्रकार की कार्यवाही स्वस्थ विभाग द्वारा नहीं की जा रही है। 

*परिजनों ने लगया था गलत इलाज से मृत्यु का आरोप*

बबलू नामक मरीज के मृत्यु के बाद मजूमदार नामक डॉक्टर पर परिजनों का आरोप है कि बबलू कई दिनों से बीमार चल रहा था जो कि अपने इलाज के लिए मजूमदार के क्लीनिक में आया हुआ था। जहां क्लीनिक में पहुंचकर डॉक्टर मजूमदार से इलाज के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वही दरवाजे में बबलू ने दम तोड़ दिया था । मृतक मरीज के साथ में आए व्यक्ति द्वारा बताया गया था की जब पुलिस द्वारा पंचनामा के दौरान मृतक के कपड़े निकाले गए तो कमर पर सुई लगाने का निशान था और उस पर रुई लगी हुई थी। जिसके बाद परिजनों द्वारा लगातार थाने और स्वास्थ्य विभाग के चक्कर काटे जा रहे हैं पर कार्यवाही के नाम पर अब तक पीड़ित पक्ष को मायूसी ही मिल रही है। 

*ब्यूटी पार्लर में अवैध क्लीनिक का संचालन*

झोलाछाप डॉक्टर मजूमदार द्वारा अपने निवास स्थान पर डायमंड ब्यूटी पार्लर का बोर्ड लगा कर अंदर अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन बेखौफ हो कर किया जा रहा था। जहां अक्सर मरीज इलाज करवाने के लिए आया करते है। वहीं 14 सितंबर दिन बुधवार की दोपहर बबलू भी झोलाछाप डॉक्टर मजूमदार के पास अपने इलाज के लिए पहुंचा जहां डॉक्टर द्वारा उसका इलाज किया गया और वह क्लीनिक के बाहर ही अपना दम तोड़ दिया जिसके बाद परिजनों और करीबियों ने डॉ मजूमदार के ऊपर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। उसके बाद से लगातार मजूमदार द्वारा अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है पर किसी प्रकार की कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध क्लीनिक पर नहीं की जा रही है जिससे झोलाछाप डॉक्टर का मनोबल सातवें आसमान पर है। 

*इनका कहना है*

मेरे द्वारा क्लीनिक का पंजीयन नही कराया है आप इसको वैध समझो या अवैध

मामला संज्ञान में आते ही जांच टीम गठित की गई थी जांच टीम अवैध क्लीनिक के लिए रवाना हुई थी पर अवैध क्लीनिक ब्यूटी पार्लर के अंदर संचालित होना बताया जा रहा था जो की टीम जब पहुंची तो वह बंद था जिससे टीम वापस लौट आई अगर कहीं क्लीनिक खुल रहा है तो उस पर हम अवश्य ही कार्यवाही होगी।

*डॉ. एस सी राय, सीएचएमओ अनूपपुर*

पानी का टैंकर गुम गया, सीएम हेल्पलाइन व कलेक्टर से ढूढने की लगाई गुहार


अनूपपुर

सरकार हो या जनप्रतिनिधि सभी चाहते हैं कि उनके क्षेत्र में विकास की गति तेज हो लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की लापरवाही के कारण शासन की योजनाओं से ग्रामीण वंचित रहते हैं और दी गई सामग्री का उपयोग ग्रामीणों को समय पर नहीं मिल पाते जनपद पंचायत द्वारा विधायक निधि से गर्मियों के समय में ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए पानी का टैंकर प्रदान किए जाते हैं उस टैंकर का भी उपयोग करने को नहीं मिल पाता। कई माह हो गए पंचायत से पानी का टैंकर गायब है जिससे आमजन परेशान हो रहे हैं।

अनूपपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी का ही एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पंचायत में विधायक निधि से दिया गया टैंकर का शिकायत बेलिया बड़ी निवासी दिलीप कुमार मिश्रा ने कलेक्टर अनूपपुर को शिकायत पत्र  देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी में पिछले कई महीनों से विधायक मद द्वारा प्रदान किया गया पानी का टैंकर ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी के अंतर्गत कहीं भी नहीं है उनके द्वारा 10 मई को सरपंच व सचिव से पंचायत की टैंकर की मांग की जिससे पानी की जल पूर्ति की जा सके जिससे पानी की समस्या दूर हो सके लेकिन तत्कालीन सरपंच के द्वारा बताए गए कि पानी का टैंकर बदरा में बनाने के लिए दिया गया है टैंकर  की स्थिति ठीक नहीं है यह कह कर टैंकर देने के लिए साफ मना कर दिए उसके बाद दिलीप मिश्रा द्वारा तत्कालीन सचिव से बात किए तो उन्होंने कहा कि मैं छुट्टी में हूं आप सरपंच से टैंकर के संबंध में बात कर लीजिए टैंकर संबंधी सही जानकारी न मिलने से दिलीप मिश्रा द्वारा 12 मई को मजबूर होकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की उसके बाद उन्होंने जनपद सीईओ को भी ग्राम पंचायत के टैंकर के संबंध में अवगत कराया है इसके बावजूद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई शिकायतकर्ता दिलीप कुमार मिश्रा द्वारा कलेक्टर अनूपपुर को भी इस संबंध में अवगत कराया है कि ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी में शासकीय टैंकर का तलाश करवा कर टैंकर के संबंध में कार्यवाही की जाए जिससे ग्रामीणों  की पानी की समस्या दूर हो सके। इस मामले की शिकायत करने के बाद पंचायत के जनप्रतिनिधि उपसरपंच, सचिव बौखलाकर शिकायत कर्ता से शिकायत वापस लेने का दबाब बना रहे हैं शिकायत वापस न लेने पर उसे झूठे मामले में फसाने की धमकी दी जा रही है और पारिवारिक दबाब बनाया जा रहा है यह कृत्य यह साबित करता है कि पंचायत मामले को दबाने के लिए किस कदर कहा तक जा सकता है।

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