कोटितीर्थ घाट व जैन मंदिर पार्किंग में चलते वाहन को सड़क पर रोककर वसूला जा रहा पार्किंग शुल्क 

*व्यवस्था पर उठे सवाल, श्रद्धालुओं में नाराजगी*


अनूपपुर

प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में कोटितीर्थ घाट एवं जैन मंदिर पार्किंग क्षेत्र में इन दिनों वाहनों को बीच सड़क पर रोककर पार्किंग शुल्क वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि यह प्रक्रिया निर्धारित पार्किंग व्यवस्था के अनुरूप नहीं है, क्योंकि सामान्यतः पार्किंग शुल्क केवल पार्किंग स्थल पर खड़े किए गए वाहन से लिया जाता है तथा वाहन की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी शुल्क वसूलने वाली संस्था की होती है।

कोटितीर्थ घाट पार्किंग का संचालन नगर परिषद के माध्यम से कराया जा रहा है। आरोप है कि नर्मदा पुल के समीप तिराहे पर खड़े होकर आने-जाने वाले वाहनों से भी पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि इसी मार्ग से पर्यटक स्थल सोनमुड़ा, माई की बगिया, धूनीपानी एवं भृगु कमंडल सहित वार्ड क्रमांक 8, 14 एवं 15 की बस्तियों के निवासी, विद्यालय एवं छात्रावासों में आने-जाने वाले अभिभावक तथा स्थानीय लोग भी आवागमन करते हैं। ऐसे लोगों से भी पार्किंग शुल्क लिए जाने की शिकायतें पूर्व में मिल चुकी हैं।

बताया जाता है कि इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते से शिकायत भी की गई थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए सड़क पर शुल्क वसूली बंद कर दी गई थी। लेकिन अब पुनः पहले जैसी स्थिति बन गई है। इसी प्रकार जैन मंदिर पार्किंग क्षेत्र में भी सड़क पर वाहनों को रोककर शुल्क वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पार्किंग शुल्क की वसूली इलेक्ट्रॉनिक मशीन के माध्यम से की जाती थी, जिससे पारदर्शिता बनी रहती थी। वर्तमान में कागजी रसीद पर्ची के माध्यम से शुल्क वसूले जाने से व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का कहना है कि विभिन्न स्थानों पर पार्किंग शुल्क तो लिया जा रहा है, लेकिन कई जगहों पर न तो व्यवस्थित पार्किंग स्थल उपलब्ध हैं और न ही वाहन सुरक्षा अथवा अन्य मूलभूत सुविधाएं। उनका कहना है कि शुल्क लेने के बाद भी यदि निर्धारित पार्किंग, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं मिलती है, तो वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते हैं।

मछली पकड़ने गया शिक्षक सोन नदी में डूबा, रेस्क्यू टीम ने तलाश की शुरू, अजगर द्वारा पानी मे खींचने की आशंका


अनूपपुर

जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र में सोन नदी के दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए 40 वर्षीय एक अतिथि शिक्षक पानी मे डूब गया। अभी तक शव बरामद नहीं किया जा सका है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर खोजबीन शुरू कर दी है।

शिक्षक अपने एक साथी के साथ मछली पकड़ने गए थे। साथी ने बताया कि जब शिक्षक महेंद्र चौधरी घाट के एक छोर से दूसरे छोर की ओर लौट रहे थे, तो किनारे से लगभग 10 मीटर पहले उनका पैर किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने पैर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

साथी विजय चौधरी के अनुसार, महेंद्र ने नीचे हाथ डालकर पैर में उलझी चीज को निकालने की कोशिश की, तभी उन्हें पैर में अजगर सांप लपेटा होने का अहसास हुआ। साथी ने तुरंत पानी में उतरकर महेंद्र को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वे डूब चुके थे। महेंद्र ने बताया की अजगर पानी मे खींचकर ले गया।

घटना की सूचना मिलने पर जैतहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव की तलाश शुरू की गई, लेकिन दूधिया घाट पर पानी अधिक होने और ऊबड़-खाबड़ जगह के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद अनूपपुर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिसने खोजबीन शुरू की किन्तु रात होने पर इसे रोक दिया सोमवार की सुबह पुनः तलासी अभियान शुरू होगा।

जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि मृतक की पहचान महेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। वे शासकीय मॉडल स्कूल लहरपुर मुर्रा गांव में अतिथि शिक्षक थे। महेंद्र चौधरी मूल रूप से शहडोल जिले के निवासी थे, वह स्कूल में ही रह रहे थे।

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से महिला व पुरुष की हुई मौत, दो घायल अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर 

जिले में आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक महिला और एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसों में पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

बिजुरी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत उमरदा के पकरिया गांव में खेत में धान की रोपाई कर रही महिलाओं पर आकाशीय बिजली गिर गई। घटना में पुनिया साहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार की मुन्नी बाई और सुनीता साहू गंभीर रूप से झुलस गईं। ग्रामीणों ने तीनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने पुनिया साहू को मृत घोषित कर दिया। दोनों घायलों का उपचार जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

दूसरे मामले में जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के पथरोड़ी गांव में राइस मिल के पास बकरियां चराने गए 45 वर्षीय मोतीलाल यादव की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बारिश शुरू होने पर मोतीलाल एक अस्थायी झोपड़ी में शरण लेने पहुंचे थे, तभी वे बिजली की चपेट में आ गए। इस घटना में उनके मवेशियों को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस दोनो मामलों की जांच में जुट गई है।

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