जानलेवा हमला व लूट के आरोपियों की नही हुई गिरफ्तारी, भगवती मानव कल्याण संगठन ने दी थाना घेराव की चेतावनी
जानलेवा हमला व लूट के आरोपियों की नही हुई गिरफ्तारी, भगवती मानव कल्याण संगठन ने दी थाना घेराव की चेतावनी
*एसपी से की शिकायत, 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम*
अनूपपुर
जिला अंतर्गत आने वाले थाना राजेन्द्रग्राम के ग्राम पटनाकला में बीते 25 जून को कार सवार युवकों पर जानलेवा हमला कर नकदी व मोबाइल लूटने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। घटना के दो सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष और भगवती मानव कल्याण संगठन में भारी आक्रोश है। संगठन ने पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए थाना घेराव और धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
*रॉड व तलवार से हुआ था हमला*
जानकारी के अनुसार, अमित कुमार यादव उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम कोड़ा व कृष्णा कोल उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम जमुड़ी अपनी चार पहिया वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान आरोपी विष्णु पनाडिया, सेमू पनाडिया, विष्णु की पत्नी, एक अन्य महिला, एक अज्ञात पुरुष और बल्लू बकरा ने राजेंद्रग्राम से ही उनका पीछा करना शुरू किया। ग्राम पटनाकला के पास आरोपियों ने अपनी कार को पीड़ितों की कार क्रमांक MP 65 ZB 3194 के आगे लगाकर रास्ता रोक लिया।
कार रुकते ही आरोपियों ने अमित कुमार यादव पर टाई लीवर रॉड से सिर पर तीन-चार बार ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे उनका सिर फट गया और अत्यधिक खून बहने लगा। इसके बाद आरोपियों ने दूसरे युवक कृष्णा कोल पर तलवार और रॉड की से पीठ पर गंभीर हमला किया। आरोपियों ने पीड़ितों की कार की चारों खिड़कियों और सामने का ग्लास तोड़कर वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय ग्राम सचिव फूल सिंह मरावी ने मौके पर पहुँचकर बीच-बचाव किया, जिससे अमित यादव की जान बच सकी। जाते-जाते आरोपी अमित की जेब से 10 हजार रुपये नकद और वीवो वाई-2100 मोबाइल लूट ले गए।
*पुलिस ने लगाई कम धारा*
पीड़ित अमित यादव की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेन्द्रग्राम लाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय अनूपपुर और फिर वहाँ से शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने उन्हें और बड़े अस्पताल (बिलासपुर) ले जाने की सलाह दी है।
पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद राजेन्द्रग्राम पुलिस ने इतने गंभीर अपराध को बेहद सामान्य धाराओं में दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली थी। बाद में उप-निरीक्षक दयावंती मरावी और थाना प्रभारी पी.सी. कोल द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) (लूट के दौरान जानलेवा हमला/चोट) और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं बढ़ाने व दो दिन में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
*एसपी से शिकायत, 24 घंटे दिया अल्टीमेटम*
मामले में कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ितों ने अपने अधिवक्ता रामकिशोर सिंह राणा और भगवती मानव कल्याण संगठन के 40-50 कार्यकर्ताओं के साथ 7 जुलाई को पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से व्यक्तिगत मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। एसपी द्वारा मुख्य आरोपी बल्लू बकरा व अन्यों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
हताश होकर संगठन और पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुनः एक लिखित पत्र सौंपकर चेतावनी दी है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे है, पीड़ितों को लगातार धमकियां दे रहे हैं। यदि आगामी 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान व कार जब्त नहीं की गई, तो भगवती मानव कल्याण संगठन राजेन्द्रग्राम थाने का उग्र घेराव करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


