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तीन को सांप ने डसा, एक की मौत, दो का इलाज जारी, सर्प प्रहरी ने 20 सर्पो का रेस्क्यू करके जंगल मे छोड़ा

अनूपपुर

जिले में एक ही परिवार के तीन लोगों को सर्प ने डसा, जिसमे एक की मौत हो गयी। दो लोगो का इलाज जारी है। वही एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गयी है।

भालूमाड़ा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत बाड़ीखार के भेड़वाटोला निवासी भानु प्रताप सिंह रात खाना-पीना खाने बाद घर के अंदर तखत में पत्नी रेखा सिंह पुत्री माधवी उम्र 6 वर्ष के साथ सो रहे थी, तभी अत्यंत जहरीले करैत प्रजाति के डंडा करायल सर्प के घर के अंदर तखत में चढ़कर 6 वर्षीय बालिका एवं भानु प्रताप व उनकी पत्नी को डस दिया,  जानकारी मिलने पर परिजनों द्वारा उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लाकर प्रारंभिक उपचार कराने बाद रेफर किए जाने से जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाने पर डॉक्टरों द्वारा परीक्षण के दौरान 6 वर्षीय बालिका जिसके पैर में सर्प ने काटा था की अस्पताल पहुंचने के पूर्व मृत्यु होना चिकित्सकों ने बताया, इस बीच पिता भानु प्रताप सिंह मां रेखा सिंह को भी सांप के काटने के कारण चिकित्सकों द्वारा भर्ती रख कर उपचार किया जा रहा है। जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय अनूपपुर के सर्प प्रहरी शशिधर अग्रवाल जिला चिकित्सालय पहुंचकर पिता भानु प्रताप सिंह से बातचीत की तब उन्होंने घटना के संबंध में बताते हुए कहा कि मेरे पक्के घर के अंदर संभवत अलमारी के पास हम तीनों को काटने वाला करैत/डंडाकरायल सांप आलमारी के पास चुप कर बैठे होने की संभावना व्यक्त की, घर में अन्य कोई सदस्य ना होने, घर में ताला लगे होने के कारण खोजबीन भी नहीं हो सकी, इस बीच कोतमा के सर्पप्रहरी हरिवंश प्रसाद पटेल घर के खोले जाने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि घर के अंदर का परीक्षण कर सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।

सर्पप्रहरी शशिधर अग्रवाल,छोटेलाल यादव,मनोज यादव,धर्मेंद्र यादव,लालदास सिंह एवं देवराज कोल के द्वारा विगत 48 घंटे के मध्य अनूपपुर नगर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में आहार की तलाश में घरों के अंदर आए 20 से अधिक सर्पो रेस्क्यू कर जंगल मे छोड़े है। 

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करंट लगने एवं अज्ञात ट्रेन से टकराने के कारण दो युवकों की मौत हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी

अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर से 6 किलोमीटर दूर स्थित सेंदुरी गांव में घर के बांड़ी में स्थित पुराने कुआं में लगे मोटर पंप को चोरी से बचाए जाने हेतु निकाले जाने दौरान 27 वर्षीय युवक हीरालाल बैगा पिता लालमन बैगा के हाथ में अचानक करंट लगने से स्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी कविता बैगा ने बताया कि पति घर के पीछे बांड़ी में पुराने कुआं में लगाए गए मोटर पंप को की चोरी ना हो इस उद्देश्य से पंप निकल रहे थे, तभी अचानक हाथ में करंट लगने से स्थल पर ही मृत्यु हो गई, उनकी ननद जब बांड़ी की तरफ गई तो हीरालाल बैगा को जमीन में पड़े होना, हाथ में तार पकड़े देखा, परिजनों द्वारा जिला अस्पताल लाकर ड्यूटी डॉक्टर से परीक्षण कराए जाने पर डॉक्टर ने अस्पताल के पूर्व ही मृत होना बताया। घटना की सूचना पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर को दिए जाने पर शुक्रवार की सुबह परिजनों की उपस्थिति में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए घटना की अग्रिम जांच क्षेत्र कोतवाली थाना अनूपपुर को सूचित किया।

वहीं कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत खांड़ा गांव के 35 वर्षीय युवक विजय सिंह पिता लालजी सिंह जो रिश्तेदारी ने भालूमाड़ा थाना अंतर्गत ग्राम छोहरी/परासी गया था। घर आते समय हरद रेलवे स्टेशन के समीप अज्ञात ट्रेन से टकरा जाने पर स्थल पर ही मृत्यु हो गई। हरद स्टेशन मास्टर की सूचना पर जीआरपी चौकी अनूपपुर पुलिस द्वारा मृतक के शव को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए पहचान करा कर परिजनों के समक्ष पंचनामा एवं शव परीक्षण की कार्यवाही कर जांच की जा रही है।

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घर मे सोते समय कोबरा सांप ने डसा, किशोरी की इलाज में दौरान हुई मौत, 

शहडोल

सोहागपुर नगर के इंदिरा वार्ड में एक दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय छात्रा की जहरीले कोबरा के डसने से मौत हो गई। घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात की है। छात्रा अपने घर में सो रही थी, तभी जहरीले सांप ने उसे काट लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

मृतक छात्रा की पहचान रितिका सूर्यवंशी के रूप में हुई है, जो नगर के इंदिरा वार्ड निवासी जितेंद्र सूर्यवंशी की बेटी थी। परिजनों के मुताबिक, रात करीब 3:30 बजे रितिका की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। जब घरवालों ने देखा तो उसके शरीर पर सर्पदंश के निशान मिले। इसके बाद सुबह करीब 4 बजे उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सोहागपुर ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मी अबरार खान ने घर के अंदर मौजूद सांप का रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि रितिका को काटने वाला सांप कोबरा (नाग) प्रजाति का था, जो बेहद जहरीला होता है। उन्होंने बताया कि रितिका इस साल कक्षा 10वीं में प्रवेश लेने वाली छात्रा थी।

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व्यापारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने पर एक्सटॉर्शन का मामला हुआ दर्ज

उमरिया 

जिले में कबीर बिल्डकॉन के संचालक और बड़े व्यापारी विनोद आहूजा से 50 लाख की रंगदारी (अवैध वसूली) मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शुरुआती जांच में आरोपों को सही पाते हुए आरोपी विकास सचदेव के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज कर लिया है।

व्यापारी विनोद आहूजा ने एसपी को शिकायत में बताया था कि विकास सचदेव लगातार उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कर रहा था। आहूजा के मुताबिक, उन्होंने शासन और उच्च न्यायालय स्तर पर हुई सभी जांचों में हमेशा सहयोग किया, लेकिन इसके बावजूद शिकायतें बंद नहीं हुईं।इसके बाद विकास सचदेव ने एक रात उनसे मुलाकात की और कहा कि अगर वे 50 लाख रुपए दे दें, तो वह अपनी सभी शिकायतें वापस ले लेगा।

व्यापारी ने इस धमकी को अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्यों का परीक्षण किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि 27 जून को मिली इस शिकायत की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। इसके आधार पर आरोपी विकास सचदेव के विरुद्ध एक्सटॉर्शन सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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जंगल मे मांसाहारी जानवर का मिला कंकाल, किया अंतिम संस्कार, ।मौत के कारण की जांच शुरू

उमरिया

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला परिक्षेत्र की मझखेता बीट में मानसूनी गश्त के दौरान एक मांसाहारी जंगली जानवर का कंकाल मिला है। घने और दुर्गम जंगल में कंकाल मिलने की खबर से वन विभाग में हड़कंप मच गया, जिसके बाद आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए।

कंकाल मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक (फील्ड डायरेक्टर), उप संचालक और वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में डॉग स्क्वाड (खोजी कुत्तों) की मदद से सर्चिग कराई गई और पूरे क्षेत्र की मेटल डिटेक्टर से भी जांच की गई, ताकि कोई संदिग्ध चीज न छूटे। डॉक्टर ने शुरुआती जांच के बाद इसके बाघ (टाइगर) का कंकाल होने की आशंका जताई है।

शुक्रवार को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के नियमों और तय गाइडलाइंस का पालन करते हुए अधिकारियों के सामने कंकाल का बारीकी से मुआयना किया गया। यह पता लगाने के लिए कि यह कंकाल किस प्रजाति का है और नर का है या मादा का, जरूरी बायोलॉजिकल सैंपल (जैविक नमूने) लिए गए हैं। सारी कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कंकाल का वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की स्पेशल टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब लैब की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह कंकाल असल में किस बाघ का था, उसकी उम्र क्या थी और उसकी मौत किन हालातों में हुई थी।

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शादी में हुआ विवाद, दो घायल, 112 एफआरवी-14 वाहन में मारा पत्थर, आरोपी हुआ फरार

शहडोल 

जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की डायल-112 पर पथराव का मामला सामने आया है। बारात में हुए विवाद को शांत कराने पहुंची पुलिस जब दो घायलों को अस्पताल ले जा रही थी, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस वाहन पर पत्थर फेंक दिया। हमले में वाहन का साइड का शीशा टूट गया। हालांकि, वाहन में सवार सभी पुलिसकर्मी और अन्य लोग सुरक्षित रहे। घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, सोहागपुर थाना क्षेत्र के जमुई गांव में एक बारात आई हुई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर बारातियों और घरातियों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया। सूचना मिलते ही पुलिस की डायल-112 वाहन एफआरवी-14 मौके पर पहुंची।

मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवाद शांत कराया। इसके बाद मारपीट में घायल दो लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के उद्देश्य से डायल-112 वाहन में बैठाया गया।पुलिस वाहन जैसे ही घटनास्थल से कुछ मीटर आगे बढ़ा, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने वाहन पर पत्थर फेंककर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। डायल-112 में ड्यूटी पर तैनात सहायक उप निरीक्षक शिवराज सिंह ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

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भोलगढ़ के जंगल में तीन हाथियों ने जमाया डेरा,रात होते ही फसल व घरों को बना रहे हैं निशाना 

अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर से 7 किलोमीटर दूर तीन हाथियों के समूह द्वारा विगत 6 दिनों से दिन के समय जंगल में बिताने बाद, शाम/रात होते ही हाईवे रोड पार कर ग्रामीणों के मकान,खेत एवं बांड़ी में पहुंचकर आहार की तलाश में निरंतर नुकसान कर रहे हैं हाथियों के निरंतर विचरण एवं नुकसान किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, वही कई माह से निरंतर हाथियों द्वारा किए गए ग्रामीण जनों के नुकसान पर प्रशासन की ओर से मुआवजा राशि नहीं मिल पाने से ग्रामीण परेशान है।

ग्राम पंचायत बरबसपुर के ग्राम एवं वन बीट भोलगढ़ से लगे कुरियारी के जंगल में दिन बीताने बाद शाम एवं रात होने पर हाईवे मार्ग पारकर भोलगढ गांव के कई टोला/मोहल्ला में अचानक प्रवेश कर कई ग्रामीणों के घर खेत बारी में तोड़फोड़ कर विभिन्न तरह के अनाजों को अपना आहार बना रहे हैं। तीन दिनों के मध्य हाथियों द्वारा आधा दर्जन ग्रामीणो के घरों में तोड़फोड़ की है, वही ग्रामीणों के खेत एवं बांडी में लगे विभिन्न तरह के फसलों,सब्जियो,पेड़/पौधों का नुकसान किया है। हाथियों के निरंतर विचरण करते हुए ग्रामीणों के नुकसान किए जाने पर जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा किसी भी तरह का ठोस उपाय नहीं किए जाने से परेशान ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

तीनों हाथी कभी-कभी अकेले या एक एवं दो की संख्या में हाईवे मार्ग पर कर अलग-अलग तरह से विचरण करने के कारण हाथी गस्ती दल मे लगे, वनविभाग के गश्ती दल एवं ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण रात-रात भर जाग कर रात गुजारने एवं अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा कर रहे हैं।

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सुरक्षित स्कूल बस अभियान, 23 वाहनों की जांच, 12 पर कार्यवाही, 22,500 का जुर्माना

अनूपपुर

जिले भर में सुरक्षित स्कूल बस अभियान 3.0 के तहत यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहनों की सघन जांच लगातार जारी है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में संचालित 23 स्कूल बसो एवं वाहनों की जांच की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 12 स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्यवाही करते हुए कुल ₹22,500 का जुर्माना लगाया गया।

जांच के दौरान महर्षि एंग्लो जर्मन स्कूल अनूपपुर की बस क्रमांक MP 65 P 0112 तथा ग्रीनलैंड स्कूल, कोतमा के बच्चों को ले जा रहे वाहन क्रमांक MP 65 BB 0675 बिना वैध परमिट के संचालित पाया गया। दोनों वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए जुर्माना किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य वाहनों में आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों से संबंधित कमियां पाए जाने पर भी नियमानुसार चालानी कार्यवाही की गई।

ग्रीनलैंड स्कूल कोतमा, एसएसआर इंटरनेशनल स्कूल पयारी, बैथल मिशन स्कूल अनूपपुर, डीवीएम स्कूल अनूपपुर, सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय अनूपपुर तथा कल्याणिका विद्यालय राजेन्द्रग्राम* में संचालित स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस, अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास, आवश्यक दस्तावेजों एवं अन्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया।

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बैठक के पूर्व सांसद ने किया पौधारोपण

अनूपपुर

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के पूर्व कलेक्ट्रेट एवं जिला पंचायत परिसर के बीच रिक्त भूमि पर समिति की अध्यक्ष सांसद हिमाद्री सिंह ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत गुलमोहर का पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर विधायक पुष्पराजगढ़ फुंदेलाल सिंह मार्को, कलेक्टर हर्षल पंचोली, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी, वन मंडलाधिकारी डेविड वेंकटराव चनाप तथा अन्य जनप्रतिनिधीकरण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

नगरपालिका अध्यक्ष के जाति प्रमाण-पत्र पर हाईकोर्ट ने 90 दिनो में जांच करने कलेक्टर को दिए निर्देश


शहडोल

धनपुरी नगर परिषद की अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा के जाति प्रमाण-पत्र को लेकर दायर याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एकलपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति मनींदर एस. भट्टी की एकलपीठ ने शहडोल कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि अध्यक्ष के जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित शिकायत का विधि अनुसार परीक्षण कर 90 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए। न्यायालय ने इस निर्देश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया है।

यह याचिका धनपुरी नगर परिषद के पार्षद आनंद कछेर, भोला प्रसाद पनिका और स्कंद कुमार सानी की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा ने अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) के प्रमाण-पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा, जबकि उनके जाति प्रमाण-पत्र की वैधता पर गंभीर सवाल हैं। याचिकाकर्ताओं ने शिकायत की थी कि इस मामले की जांच कर प्रमाण-पत्र की वैधानिकता का परीक्षण कराया जाए।

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शहडोल कलेक्टर को निर्देशित किया गया है कि दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष निर्णय लें।

वहीं जानू छाबड़ा की जन्मतिथि को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। समग्र आईडी में दर्ज जन्मतिथि में बदलाव कर उम्र कम दर्शाई गई है। अलग-अलग अभिलेखों में वर्ष 1988, 1991 और अन्य प्रविष्टियों का उल्लेख होने का दावा किया गया है। हालांकि, जन्मतिथि संबंधी इन आरोपों की किसी सक्षम  सरकारी एजेंसी या न्यायालय द्वारा अभी पुष्टि नहीं हुई है 

 शहडोल कलेक्टर की जांच प्रक्रिया पर टिक गई हैं। आगामी 90 दिनों में जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि जाति प्रमाण-पत्र संबंधी शिकायत सही है या गलत इस आदेश के बाद धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र की राजनीतिक में हलचल तेज हो गई है।

रेलवे के निर्माण कार्यों में जांच के नाम पर खानापूर्ति, करोड़ों के निर्माण कार्यों पर उठे गंभीर सवाल 

*भ्रष्टाचार व रेल संरक्षा से समझौते के आरोप*


उमरिया

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के अंतर्गत कटनी–बिलासपुर मुख्य रेलखंड पर बंधवावारा–घुनघुटी सेक्शन (किमी 922 से 924) के बीच करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे नाली निर्माण एवं सेस रिपेयर कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद भी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय नागरिकों, रेलवे कर्मचारियों एवं तकनीकी जानकारों का आरोप है कि स्पष्ट शिकायतों, समाचार प्रकाशन एवं उपलब्ध साक्ष्यों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो निर्माण सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई और न ही कार्य की तकनीकी गुणवत्ता का वास्तविक परीक्षण कराया जा रहा है। 

*मिट्टीयुक्त रेत, बिना कम्पेक्शन और कागजों में पूरा काम*

आरोप है कि रेलवे ट्रैक के समानांतर बनाई जा रही नाली में स्वीकृत गुणवत्ता वाली साफ रेत के स्थान पर मिट्टीयुक्त एवं निम्न गुणवत्ता की रेत का उपयोग किया गया। वहीं इसी स्थान पर हुए सेस रिपेयर कार्य में भी निर्धारित मानकों के अनुरूप कम्पेक्शन नहीं किया गया। कई स्थानों पर केवल औपचारिक रूप से मिट्टी डालकर कार्य पूर्ण दर्शा दिया गया, जबकि वास्तविक गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई। आरोप यह भी है कि जिन कार्यों का निष्पादन पूर्ण रूप से नहीं हुआ, उनका भी मापन पुस्तिका (एमबी/एमडीओ) के आधार पर भुगतान कर दिया गया।

*अवैध रेत उत्खनन और राजस्व की क्षति के आरोप*

स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य में उपयोग की गई रेत बाजार से नहीं खरीदी गई, बल्कि आसपास के बरसाती नालों जो की रौगढ बीट के क्षेत्र में आते हैं उन नालो से रात के समय अवैध उत्खनन कर सीधे निर्माण स्थल तक पहुंचाई गई। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल सरकारी राजस्व की हानि ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय नियमों और खनिज अधिनियम का भी गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

*रेल संरक्षा पर मंडरा रहा खतरा*

विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के समीप होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता की सामग्री एवं निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य होता है। कमजोर निर्माण, अपर्याप्त कम्पेक्शन अथवा घटिया सामग्री के उपयोग से वर्षा के दौरान कटाव, धंसान एवं ट्रैक की स्थिरता प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में रेल परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

*जांच के नाम पर केवल औपचारिकता?*

सूत्रों का दावा है कि शिकायतों और समाचार प्रकाशन के बाद अधिकारियों द्वारा जांच तो की गई, लेकिन न तो सामग्री के नमूने लिए गए, न प्रयोगशाला परीक्षण कराया गया और न ही स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से गुणवत्ता का मूल्यांकन कराया गया। आरोप है कि जांच केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रही, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

*विजिलेंस की भूमिका भी सवालों के घेरे में*

रेलवे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग, गुणवत्ता नियंत्रण इकाई तथा विजिलेंस तंत्र की होती है। इसके बावजूद यदि इतने गंभीर आरोपों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली भी स्वतः संदेह के घेरे में आ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा रेल संरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

*उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग*

क्षेत्रीय नागरिकों एवं रेलवे कर्मचारियों ने रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक से मांग की है कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय तकनीकी समिति से जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कम्पेक्शन टेस्ट, मापन पुस्तिकाओं, भुगतान अभिलेखों एवं अवैध रेत उत्खनन के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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