अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, 50 लाख का 38 तोला सोना व स्कॉर्पियो जब्त
अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, 50 लाख का 38 तोला सोना व स्कॉर्पियो जब्त
*सूने मकानों को बनाते थे निशाना, 6 आरोपी गिरफ्तार*
अनूपपुर
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो सीमा पार कर अनूपपुर (एमपी) और पेंड्रा (सीजी) के इलाकों में सूने मकानों को निशाना बनाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 लाख रुपए से अधिक कीमत का 38 तोला सोना, डेढ़ किलो चांदी, चोरी के पैसों से खरीदी गई नई स्कॉर्पियो कार, दो बाइक, आईफोन और हाईटेक तिजोरी तोड़ने वाले आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पिछले कुछ समय से अनूपपुर-पेंड्रा shetra और आसपास के क्षेत्रों में लगातार अज्ञात चोरों द्वारा सेंधमारी की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया कि यह गिरोह दोनों राज्यों की सीमाओं का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता था। आरोपी चोरी करने के बाद तुरंत राज्य बदल देते थे ताकि स्थानीय पुलिस की पकड़ में न आ सकें। इस गिरोह की गिरफ्तारी से दो राज्यों के कुल 7 बड़े चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें शामिल हैं अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के 2 बड़े चोरी के मामले। जीपीएम (छत्तीसगढ़): कोतमीकला के 3 और मरवाही थाना क्षेत्र के 2 मामले।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपी छत्तीसगढ़ के जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के ही रहने वाले हैं, जो संगठित होकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले तक जाकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों के नाम परमेश्वर गोस्वामी, सूरज गोस्वामी, सुमित गोस्वामी, प्रणय पांडेय, विशाल जादव, शरद काटकर हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने चोरी की मोटी रकम से अपने शौक पूरे करने के लिए एक नई स्कॉर्पियो गाड़ी, दो मोटरसाइकिलें और कीमती आईफोन खरीदे थे। इसके अलावा उनके पास से ताले और लोहे की मजबूत तिजोरियां काटने व तोड़ने वाले आधुनिक कटर और औजार भी जब्त किए गए हैं।
*साइबर सेल व 4 थानों की टीम को मिली सफलता*
लगातार हो रही चोरियों को देखते हुए एएसपी अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में मरवाही, पेंड्रा, कोटमी और सिवनी पुलिस की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और साइबर सेल के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर इन छह आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने सभी आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


