सीएमओ ने की गाली गलौच, शिवसेना ने सौपा ज्ञापन, सरपंच, सचिव के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत
अनूपपुर
पत्रकार के साथ फोन पर अभद्र गाली-गलौज करने के मामले में शिवसेना संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के आदेश एवं जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा के निर्देश पर शिवसेना कोतमा नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी ने आज एसडीएम कोतमा को ज्ञापन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर पालिका परिषद बिजुरी के अध्यक्ष पति एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनगवां लखन लाल पनिका ने दूरभाष पर पत्रकार निखिल कुमार को माँ-बहन की अभद्र गालियाँ दीं। इस घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। ज्ञापन में कहा गया कि यह कृत्य लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया का अपमान है। पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। किसी अधिकारी द्वारा इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।
मामले की निष्पक्ष जांच हेतु समिति गठित की जाए। ऑडियो रिकॉर्डिंग का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाए। दोषी पाए जाने पर CMO लखन लाल पनिका के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई हो। जिले के पत्रकारों की सुरक्षा व सम्मान हेतु निर्देश जारी हों।
संभाग अध्यक्ष ने कहा कि "लोकतंत्र में पत्रकारों का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन 7 दिवस में कार्रवाई करे।" वहीं जिला अध्यक्ष राजेश महारान ने चेतावनी दी कि दोषी सीएमओ पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो। *नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी ने कहा कि "कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
*सरपंच, सचिव का भृष्टाचार, कलेक्टर से हुई शिकायत*
अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत पोंडी के दर्जनों ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव के मनमानी व भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँच कर शिकायत पत्र सौपा है, शिकायत में कहा गया है कि लगातार शिकायत के बाद भी आज तक कोई जांच व कार्यवाही नही की गई है।
शिकायत पत्र में लेख किया गया हैं कि पूर्व में की गई शिकायतो की जांच आज तक नहीं कराई गई है। ग्राम पंचायत पोड़ी के सरपंच / सचिव द्वारा बिना कार्य किये राशि आहरण कर खुलेआम भृष्टाचार किया गया, जबकि 5 बार जनसुनवाई मे आवेदन कलेक्टर को दिया गया, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही किया गया है, विभिन्न निर्माण कार्यों के नाम से लगभग 22 लाख का फर्जी भुगतान बिना कार्य किये राशि आहरण कर लिया गया है। जिससे ग्रामीणो मे सरपंच/सचिव के उपर काफी आक्रोशित है। मात्र सचिव को निलबिंत कर मामले को दबाये जाने की प्रयास किया जा रहा है। एवं दोषी सरपंच के भृष्टाचार की जांच कराये जाये।
अगर 07 दिवस के अंदर बिन्दुवार जांच कर सरपंच, सचिव दोषियो पर कार्यवाही नही की जाती है, तो चक्काजाम, आंदोलन धरना, प्रर्दशन ग्राम पंचायत के सामने मुख्यमार्ग रीवा अमरकंटक मार्ग पर चक्काजाम, आंदोलन, धरना प्रदर्शन किया जायेगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।
