आग से जला बाइक व टायर, फायरमैन मौके से रहे नदारद, अन्य कर्मचारियों ने पाया आग पर काबू

*नगरपरिषद की बड़ी लापरवाही, हो सकती थी बड़ी घटना*


अनूपपुर

जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद डोला के वार्ड न.8 में आग लगने से बाईक सहित लाखो का सामान जलकर हुआ राख। वहीं लोगों की मदद से घर में रखे सामान को बाहर कराया गया, साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष को भी आग लगने की जानकारी दी गई, जिस पर मौके पर पहुंचे डोला अध्यक्ष प्रतिनिधि रीनू सुरेश कोल उपाध्यक्ष रवि शंकर तिवारी पार्षद सहित डोला दमकल की टीम द्वारा आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन रुम में रखी बाईक व ट्रकों के टायरो में आग लगने की वजह से आग़ की लपटें तेज हो गई थीं। जिस पर बंनगवा अध्यक्ष यशवंत सिंह को भी आग की जानकारी दी गई जिस पर उनके द्वारा भी अपनी परिषद के दमकल की टीम को मौके स्थल पर रवाना किया गया, वहीं नगर परिषद डोला मस्टर कर्मचारी व नगर परिषद बंनगवा मस्टर कर्मचारियों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

*फायरमैन ड्यूटी कर्मचारियों ने बनाई दूरी*

मुख्य नगर पालिका अधिकारी डोला राजेश मार्को द्वारा न्यायालय के आदेश पर 7 अप्रैल 2025 को समस्त कर्मचारियों को कार्य आवंटन किया गया था जिसकी कॉपी अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित डोला नगर परिषद के नोटिस बोर्ड पर भी चश्पा की गई थी। लेकिन आज देखा गया कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह 6 से 2 बजे लगाई गई थी वह महिला कर्मचारी सहित फायरमैन वाहन चालक भी अपने ड्यूटी से नदारद रहे हैं। अब देखना है कि प्रशासन इन पर कार्यवाही करती है या अभयदान देती हैं।

*कर्मचारियों ने सम्हाला मोर्चा आग पर पाया काबू*

नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आग जनी जैसी गंभीर मामलों पर उन कर्मचारियों की लापरवाही है जिनकी सुबह ड्यूटी लगी थी, आज इनकी लापरवाही से एक गरीब का घर जलकर राख हो गया। नगर परिषद डोला से अंकिता नामदेव, शशिबाला, श्रीदेवी त्रिपाठी, नमिता अग्रवाल के साथ ही वाहन चालक की ड्यूटी सुबह 6 से 2 बजे व नगर परिषद बंनगवा से चालक रवि चौगले फायरमैन रोहित भारती, राज कलशा की ड्यूटी रात्रि 12 से सुबह 8 बजे थी, लेकिन सभी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थे। आग लगातार बढ़ते ही जा रही थी साथ ही पड़ोस के घर तरफ बढ़ रही थी। जिसे नगर के लोगों द्वारा सुनील गुप्ता के घर का सामान बाहर कराया गया जिससे अन्य रुम में रखे सामनों को बचाया गया। डोला परिषद के मस्टर कर्मचारी रिंकू दुबे, बबन, ओमप्रकाश,प्रशांत कोल ,अनुज नाहर,शनि खरे  व नगर परिषद बंनगवा के मस्टर कर्मचारियों मे धनजय यादव, अखंड प्रताप सिंह, अजय शंकर उपाध्याय, अभिलेष विश्वकर्मा द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू।

इनका कहना है।

कार्य आवंटन किया जा चूका है जिनकी ड्यूटी लगी थी वो सभी उपस्थित नहीं थे उनसे जवाब मगा जायेगा। मस्टर कर्मचारीयों व नगर वासियों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया।

*रीनू सुरेश कोल, अध्यक्ष, नगर परिषद डोला*

अवैध रेत उत्खनन परिवहन पर ट्रैक्टर ट्रॉली जप्त


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर के उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक संदीप साहू, विनय बैस के द्वारा ग्राम पसला में बिना नम्बर की मैसी फरग्यूसन कंपनी की ट्रेक्टर इंजन न. 533428133 चेचिस नम्बर MEA11DFAFD9000513 KS के चालक के द्वारा अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा था, जो मौके पर चालक अजय प्रजापति पिता रामलखन प्रजापति उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम पसंला से ट्रेक्टर ट्राली मय लोड रेता के जप्त कर, थाना कोतवाली अनूपपुर में ट्रेक्टर चालक अजय प्रजापति एवं वाहन स्वामी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 160/25 धारा 303(2), 317(5) बी.एन.एस.4/21 खान खनिज अधिनियम का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर कार्यवाही की जा रही है।

जिला न्यायालय निर्माण में देरी पर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर, राज्य सरकार को नोटिस जारी


अनूपपुर

जिला न्यायालय अनूपपुर के निर्माण में हो रही देरी की वजह से अनुपपुर जिला न्यायालय के अधिवक्ता बासुदेव चटर्जी द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में जनहित याचिका संख्या WP 6278/2025 अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डेय के माध्यम से प्रस्तुत की गई थी, याचिका में पंद्रह साल बीत जाने के बाद भी अनुपपुर में जिला न्यायालय के निर्माण की राशि राज्य सरकार द्वारा जारी नहीं किया जा रहा है, जबकि सारी तकनीकी औपचारिकताएं पूर्ण किया जा चुका है, इस सम्बन्ध में याचिकाकर्ता और उनके अधिवक्ता के माध्यम से कई आवेदन दिए गए थे, जिला अधिवक्ता संघ ने भी कई बार अनुरोध किया था, अनुपपुर विधायक और पुष्पराजगढ़ विधायक द्वारा विधानसभा में प्रश्न भी लगाए गए, यहां गौरतलब है की मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जिले में प्रवास के दौरान घोषणा भी की गई थी, परन्तु राशि स्वीकृत नहीं की गई, जिले में जिला न्यायालय भवन नहीं होने के कारण अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी, पक्षकारों को निरंतर असुविधा का सामना करना पड़ता है, नए न्यायधीश की उपलब्धता भी भवन के नहीं होने से प्रभावित होती है, शासकीय तुलसी महाविद्यालय के पुराने भवन में जिला न्यायालय का संचालन किया जा रहा है, जिससे अधिवक्ता श्री चटर्जी द्वारा याचिका दायर कर इस मामले में राज्य सरकार को बजट जारी करने की मांग की गई थी, दिनांक 08/04/2025 को सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की डबल बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है, और जून 2025 के लिए इस मामले को सुनवाई के लिए रखा है, हाइ कोर्ट की नोटिस के बाद जिला न्यायालय भवन के निर्माण की संभावना बन गई है, अब देखना है राज्य सरकार बजट जारी करती है या नहीं, याचिकाकर्ता का पक्ष युवा अधिवक्ता अनुभव सिंघल ने रखा जो कि अनुपपुर जिले के निवासी हैं।

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