नप के कर्मचारी से मौसा बनकर की 80 हजार की ऑनलाइन ठगी


अनूपपुर 

जिले में ऑनलाइन ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, एक शख्स ने रिश्तेदार बनकर नगर परिषद कर्मचारी को 80 हजार रुपये का चूना लगाया है, इस मामले की पुलिस अब जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र के डोला निवासी गोकरण गोस्वामी ठगी का शिकार हुआ, वह नगर परिषद में दैनिक कर्मचारी है, उनसे ठग ने मौसा बनकर 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।

ठग ने खुद को रिश्तेदार (मौसा) बताकर फोन पे के जरिये चार किस्तों में पैसे मंगवाए, जिस शख्स के साथ ठगी हुई है वह मात्र 7000 रुपए महीने कमाता है और उसने वर्षों से अपने खाते में कुल 91000 रुपये जमा किए थे। ठगी का शक होने पर उसने 11000 रुपये सुरक्षित कर थाने पहुंच शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर खाते को होल्ड कर दिया है और जांच प्रारंभ कर दिया है।

जेसीबी में लगे सर के बाल ने खोला हत्या का राज, नदी किनारे झाड़ियों में फेंका दिया था शव, 4 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

जिले के अमलाई थाना क्षेत्र में हत्या कर सोन नदी के किनारे झाड़ियों में शव मिलने का राज जेसीबी में लगे मृतक के एक बाल ने राज खोल दिया। जिस जेसीबी के बकेट से सिर पर हमला किया था, उस बकेट में मृतक के सिर का बाल छूट गया था। बकेट में चिपका बाल हत्यारों के गुनाह का गवाह बना। हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने जेसीबी जब्त कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

*झाड़ियों में नदी किनारे मिला था शव*

दरअसल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के बटुरा सोन नदी के पास रहने वाले 62 वर्षीय राम खिलामन वासुदेव की 2 अप्रैल को झाड़ियों में शव मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नेशनल हाइवे में जाम लगाकर हंगामा किया था। पुलिस जांच में जुटी पता लगा कि बटुरा क्षेत्र में उत्खनन में लगे जेसीबी क्रमांक CG -16- CR-0344 के चालक को मृतक राम खिलामन के घर में पत्थर गिराने के लिए परेशान कर रहा था। चालक सूर्यभान कोल ने जेसीबी के बकेट से राम खिलामन के सिर पर हमला कर दिया था, जिससे राम खिलामन की मौके पर ही मौत हो गई थी।

*जेसीबी पर लगे बाल ने खोला राज*

हत्या को छिपाने के उद्देश्य से सूर्यभान कोल अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर शव को सोन नदी के पास झाड़ियों में फेंक दिया था। जेसीबी में लगे खून को पानी से धोकर फरार हो गए थे। हत्यारे इस बात से अंजान थे कि जिस जेसीबी के बकेट से उन्होंने हत्या की थी, उसके बाल उसी में छूट गया था, जो उन्हें उनके गुनाह का गवाह बन सजा दिलाएगा। हत्या का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने जेसीबी जब्त कर आरोपी सूर्यभान कोल, बच्चू कोल, कोमल महरा, छोटू महरा को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी थाना प्रभारी जेपी शर्मा ने दी।

सी.एम. राइस स्कूल निर्माण में गड़बड़ी भ्रष्टाचार, मजदूरों का शोषण, प्रशासन की चुप्पी

*ठेकेदार के जेब मे नियम व कानून, कब होगी कार्यवाही*


अनूपपुर

जिले के जैतहरी क्षेत्र के खूंटा टोला में निर्माणाधीन सी.एम. राइस स्कूल का कार्य इन दिनों विवादों में घिरता जा रहा है। जहां यह परियोजना शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, वहीं अब यह भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और श्रमिक शोषण का पर्याय बन चुकी है। स्थानीय लोगों और मजदूरों के अनुसार निर्माण कार्य का जिम्मा संभाल रहे बाहरी ठेकेदार द्वारा न सिर्फ निर्माण सामग्री की अवैध चोरी की जा रही है, बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी बेहद घटिया स्तर की है। ईंट, सीमेंट और सरिया जैसे मुख्य सामग्री में कमीशनखोरी और गड़बड़ी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। यह निर्माण कार्य मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है।

*मजदूरों की सुरक्षा पर लापरवाही*

सबसे गंभीर स्थिति तो श्रमिकों की है, जिन्हें ना तो न्यूनतम मजदूरी मिल रही है और ना ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था। स्थानीय मजदूरों से 70 से 80 फीट की ऊँचाई पर बिना किसी सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट या अन्य उपकरणों के कार्य करवाया जा रहा है, जिससे उनकी जान हर वक्त खतरे में है। इसके अतिरिक्त इस चिलचिलाती गर्मी में उनके लिए ना तो कोई छांव या विश्राम स्थल की व्यवस्था है और ना ही पीने के पानी का इंतजाम किया गया है।

*ठेकेदार के जेब मे नियम कानून*

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। इससे पहले भी कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और स्थानीय संगठन इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगता है जैसे प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।

*कब होगी कार्यवाही, प्रशासन नींद में?*

यह सवाल अब आम जनता के मन में उठने लगा है कि आखिर कब तक जिले के अधिकारी इन अनियमितताओं पर आंखें मूंदे बैठे रहेंगे? क्या निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करना, मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना और जनता की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है? अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन जागता है और दोषियों पर कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget