मोटरसाइकिल से अंग्रेजी शराब की तस्करी, एक लाख का मशरुका जप्त, 2 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

ब्यौहारी पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने 54 लीटर से अधिक अंग्रेजी शराब की बरामदगी करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शहडोल के निर्देशन में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

बीती रात को ब्यौहारी पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि राजकुमार पटेल और उसका साथी रामशिरोमणि पटेल भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब लेकर देवलोंद से ब्यौहारी की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी ने एक पुलिस टीम का गठन किया और रीवा रोड न्यायालय के सामने नाकाबंदी की गई। उसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर तीन व्यक्ति ट्राली बैग, पिट्ठू बैग और बोरियों के साथ आते दिखाई दिए। जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, एक व्यक्ति गाड़ी से कूदकर भाग निकला। पकड़े गए व्यक्तियों में से एक ने अपना नाम रामशिरोमणि पटेल जबकि दूसरे ने रामदेव पटेल बताया। भागने वाले व्यक्ति का नाम राजकुमार पटेल है।

पुलिस ने बैग और बोरियों की तलाशी ली, जिसमें इम्पीरियल ब्ल्यू के 12 बोतल, 8 PM के 12 बोतल, रायल चैलेंज के 40 पाव और गोवा व्हिस्की के 160 पाव शराब बरामद हुए। कुल मिलाकर, पुलिस ने 54 लीटर अंग्रेजी शराब की बरामदगी की। बाईक सहित कुल मशरूका एक लाख का जप्त किया गया है ।

जगह-जगह अवैध शराब बेची जा रही है, और अंग्रेजी शराब की अवैध तस्करी भी की जा रही है, बीते दिनों अमलाई पुलिस ने एक पिकअप वाहन को जप्त किया था जिसमें 2 हजार लीटर से अधिक शराब जप्त की गई थी। अब ब्यौहारी पुलिस ने 54 लीटर अंग्रेजी शराब जप्त की है। आबकारी विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है, तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग की मिलीभगत से ही अंग्रेजी शराब की अवैध तस्करी शराब तस्कर कर रहे हैं। और जगह-जगह शराब की बिक्री भी हो रही है। जिस पर आबकारी विभाग कार्यवाही करने आगे नहीं आता, पुलिस को जब खबर लगती है तो पुलिस कार्यवाही कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती है।

 एक हाथी किसानों की फसल चौपट कर जिले में मचा रहा है उत्पात, दो हाथी सीमा में कभी भी कर सकते हैं प्रवेश

*प्रशासन एलर्ट रहने की दी सलाह*


अनूपपुर

हाथी विगत 10 दिनों से अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर तहसील,वन परिक्षेत्र एवं थाना क्षेत्र में निरंतर विचरण कर रहा है वही दो नए हाथी शनिवार की सुबह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील अंतर्गत चोलना गांव से लगे छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा मरवाही क्षेत्र में पहुंचकर विश्राम कर रहा है जिसके देर रात चोलना गांव में प्रवेश करने की संभावना बन रही है,ग्रामीणों द्वारा पूरी रात अपने इलाके से हाथियों को दूर करने में लग रहे हैं, हाथी द्वारा शाम से पूरी रात ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाता रहा।

अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी एवं अनूपपुर तहसील,वन परिक्षेत्र एवं थाना क्षेत्र निरंतर विचरण कर रहा है जो दिन होते ही जंगलों में प्रवेश कर दिन भर विश्राम करने बाद शाम होते ही आहार की तलाश में जंगल से निकल कर 8 से 10 किलोमीटर की दूरी के मध्य स्थित विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाते हुए सुबह होने पर फिर से जंगल में विश्राम करने चला जा जाता है, एक दांत वाला नर हाथी गोबरी के जंगल में ठहरने बाद शाम 4 बजे जैतहरी-राजेंद्रगाम का मुख्य मार्ग को ठाकुर बाबा के पास से पार करते हुए जंगल में स्थित गोबरार नाला में पानी पीने एवं नहाने बाद शाम 5 बजे फिर से जैतहरी-राजेन्दगाम मुख्य मार्ग पर डिईयो राड के पास से पार मुख्य मार्ग में चलता हुआ गोबरी के जंगल में जाने बाद ठाकुरबाबा के पास स्थित सुखीलाल राठौर के खेत में लगी गेहूं की फसल को देर रात तक फसलों को खाते हुए शनिवार की सुबह बांका से भदराखार होकर फिर से गोबरी मे सुखीलाल राठौर के खेत में लगी गेहूं की फसल को खाता हुआ गोबरी के जंगल में जाकर ठहरा हुआ है, वही दो नए मेहमान हाथी शुक्रवार की शाम,रात वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र मरवाही के मालाकोट के जंगल में दिनभर ठहरने बाद देर रात चलते हुए शनिवार की सुबह शिवनी बीट के अंतर्गत ग्राम मालाडांड,करहनी के जंगल 2085 में पहुंचकर विश्राम कर रहा है, यह क्षेत्र मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी तहसील एवं वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चोलना की सीमा से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे दोनों हाथियों के शनिवार की देर रात तक चोलना गांव में प्रवेश करने की संभावना बन रही है, वनविभाग के अधिकारी/कर्मचारी हाथी के निरंतर विचरण पर निगरानी करते हुए ग्रामीणों को सचेत एवं सतर्क कर रहे हैं वही हाथी वनविभाग की टीम एवं ग्रामीणों को चकमा देते हुए नए-नए स्थान पर जाकर विचरण कर रहा है। 

सीमांकन पूर्ण होने के बाद बरगवां हल्का पटवारी रूपनारायण ने बनाया फर्जी पंचनामा ग्रामीणों में रोष 

*आरआई ने जमीन नापी, 2 हजार वर्गफिट जमीन में नगरपरिषद का अवैध कब्जा*


अनूपपुर

जिले के बरगवां अमलाई नगरपरिषद में लंबे समय से पटवारी रूपनारायण तोमर भ्रष्टाचार की गाथा लिख रहे है इनको हर कार्य मे पैसा चाहिए और अगर कोई पैसा नही दिया उंसके जमीन में हेर फेर करने लगते है, इनको कानून और भगवान का कोई डर नही रहता है। अभी हाल ही में इनके द्वारा बरगवां के निस्तार की भूमि को जबरन आवण्टित कराने का कार्य किया, जिसमें नदी तालाब और आम रास्ते थे, वही इनके द्वारा मृत व्यक्ति के नाम पर सीमांकन की नोटिस जारी करते हुए मृतक के अस्थि संचय के दिन कब्जे और पट्टे की जमीन नाप दिए, जिसके किसानों की जमीन और रास्ता था, पटवारी रूपनारायण द्वारा गलत सीमांकन किया गया खेत को नापकर खेल किया, जब मृतक परिवार शोकाकुल था और उनकी जमीन नापी गयी आग्रह किया गया कि जमीन बाद में नापी जाए, लेकिन कोई नही सुना तब मामले की शिकायत कलेक्टर से किया गया व ग्रामीण जनों ने ज्ञापन भी दिया। उक्त मामले में सभी जान रहे थे कि पट्टे की जमीन नाप दी गयी है, पीड़ित किसानों ने सीमांकन आपत्ति लगाई पेशी होनी थी, लेकिन कोई सुनवाई न कर पट्टे की खेतिहर जमीन में अध्यक्ष के पति खड़े होकर बुल्डोजर चलवा दिया, इस मामले में पूर्ण रूप से पटवारी दोषी है, जब उनसे बात की गई तो उनके द्वारा गलत जमीन नापने की बात भी स्वीकार की उंसके बाद पुनः पटवारी ने सीमांकन में खेल करना चाहा जब आरआई फुनगा पैकरा ने सीमांकन किया पहली बार मे आधा पार्क का हिस्सा आया तो पटवारी ने भ्रमित किया, फिर दूसरी बार उल्टा नापे इसके बाद ग्रामीणों की मांग पर सर्वे सेटेलमेंट के केंद्र बिंदु से नापा गया जहां मुनारा था, वही से नक्से के आधार में नाप हुआ जिससे दूध का दूध पानी का पानी हुआ, सत्य की जीत हुई खसरा नम्बर 139/763 जो 0.3400 हेक्टेयर भूमि है, उसका हिस्सा पार्क के अंदर है और पार्क में लगे 40 पोल 60 खम्बे खेत तोड़कर लगाए गए और मेढ़ तोड़ा गया सभी नपाई के बाद खुश हुए, आरआई ने तो सही नाप किया मगर जमीन निकलने के बाद पटवारी ने लालच के चक्कर मे झूंठा पंचनामा में हस्ताक्षर कराना चाहा ग्रामीणों ने कहा जब आप नापकर बताये है कि 40 पोल और 60 पिलर हमारे पट्टे में अब झूंठा रिपोर्ट बनाकर सिर्फ 6 पोल लिख रहे हो, जमीन नापने के बाद आखिर गलत पंचनामा क्यों बनाया जा रहा है, इसका विरोध सभी नागरिक किसान किये और किसी ने हस्ताक्षर नही किया आखिर पटवारी किसके कहने में गलत पंचनामा में हस्ताक्षर कराया जा रहा था।

*पटवारी द्वारा गलत रिपोर्ट बनाने की शिकायत*

पटवारी द्वारा गलत रिपोर्ट बनाए जाने पर किसान नागरिकों ने कमिश्नर, कलेक्टर, सयुंक्त कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार को लिखित में शिकायत की गयी हैं। पटवारी रूपनारायण तोमर जो की सीमांकन होते समय भी गायब रहे। पैसों के लालच में समझौता करके जब सीमांकन हो गया था तब गलत रिपोर्ट बनाने का साहस करने पर नागरिक किसानों ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।

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