पीआरटी महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की सात दिवसीय विशेष शिविर का हुआ शुभारंभ

*मेरा युवा भारत एवं डिजिटल साक्षरता के लिए युवा थीम प आयोजित शिविर*


अनूपपुर

नगर में संचालित पंडित राम गोपाल तिवारी महाविद्यालय अनूपपुर के द्वारा महाविद्यालय में अध्यनरत NSS के स्वयंसेवकों हेतु 7 दिवसीय विशेष शिविर का प्रारंभ, महाविद्यालय द्वारा लिए गए गोद ग्राम बर्री में शुभारंभ हुआ। विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ जीवन मूल्यों को समझने, उनमें समाज के प्रति जिम्मेदारी व सहभागिता की समझ पैदा करने और समाज में जागरूक पैदा करने हेतु महाविद्यलाय द्वारा प्रतिवर्ष इस तरह के विशेष शिविर का आयोजन किया जाता है। इस विशेष शिविर के दौरान शिविरार्थी विविध गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जीवन के नैतिक मूल्यों को भी समझते है ।।शिविर में स्वयंसेवकों द्वारा बहुउपयोगी परियोजना माध्यम से समाज एवं लोगों के बीच संदेश कि पर्यावरण संरक्षण, कार्य के समुदाय के प्रसारित किया जल संरक्षण, विद्युत संरक्षण, कुपोषण स्वच्छता, शिक्षा, मतदाता और बेटी बचाओ-इत्यादि गतिविधियों में की क्या भूमिका होनी से बचाव, जागरूकता बेटी पढ़ाओ सामान्य जन चाहिए।

मुख्य अतिथि के रूप में  शासकीय महाविद्यालय जैतहरी के प्राचार्य डॉ आर. एस. बाटे  विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ.जे. के. संत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक डॉक्टर ज्ञान प्रकाश पांडे, एवं उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता पीआरटी महाविद्यालय डॉ. देवेंद्र कुमार तिवारी के द्वारा कि गई, उद्घाटन सत्र का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद जी के अनुपम छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि समर्पित कर की गई । तत्पश्चात स्वयंसेवकों भेंट करके के अतिथियों किया। मुख्य अतिथि डॉ आर एस बाटे जी ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सेवा के रूप में कार्य करते देखकर प्रसन्नता जाहिर की गयी और कहा गया कि विद्यार्थियों में इस तरह के सेवा भाव से ही उनमें व्यक्तित्व निर्माण होता है। डॉ. जे के संत जी के द्वारा अपने उद्बोधन मे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को समझने और उनको जीवन में अनुसरण करने की बात कहीं गयी । वहीं डॉ. ज्ञान प्रकाश ने विद्यार्थियों का समाज के प्रति उत्तरदायित्व और उनके निर्वहन पर अपना व्याख्यान दिया। अंत में डॉक्टर देवेंद्र कुमार तिवारी के द्वारा स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिविर जीने की कला सिखाता है। सात दिवसीय विशेष शिविर मय भारत के एवं डिजिटल साक्षरता युवा थीम पर आयोजित  है। इसके साथ ही सभी स्वयंसेवकों को सात दिवसीय शिविर की रूप रेखा से विस्तार से अवगत करवाया। अंत मे शिविर के कार्यक्रम अधिकारियों के द्वारा दैनिक क्रियाकलापों की सूची विद्यार्थियों को बताई। विद्यार्थियों को खेल और मनोरंजन के कुछ तरीके भी कार्यक्रम अधिकारी रंजना साहू के द्वारा दी गई तत्पश्चात अल्पाहार के उपरान्त सत्र समाप्त की घोषणा की गई। उद्घाटन सत्र में महाविद्यलाय के स्वयंसेवकों के अलावा महाविद्यालय के प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।

समस्या हल नही हुआ तो कोयला खदान करेंगे बंद, प्रभावित किसान उप मुख्यमंत्री को सौपा ज्ञापन


शहड़ोल

रामपुर के किसानों की एक टीम जिला के प्रवास पर आए उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला जिले के दौरे पर अल्प प्रवास में बुढार पहुंचे, रामपुर के किसानों को खबर लगी वैसे ही अपनी पीड़ा को अपने प्रभारी मंत्री तक पहुंचाने हेतु बुढार पहुंचकर रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना के प्रभावित किसानों ने 2016 से रामपुर, बेलिया बड़ी, कोडयली, अतरिया, बिछिया, खैरबना, एवं अन्य गांव चींटी की चाल किसानों के विस्थापन मुआवजा और रोजगार को लेकर एसईसीएल एवं सहयोगी जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही है, जबकि उद्योग को लेकर कोल मंत्रालय सोहागपुर रामपुर और जिला प्रशासन कोयले को खनन तेजी से कैसे कर रहे है, जबकि पॉलिसी में साफ दर्ज है कि जब तक किसानों के विस्थापन की कार्यवाही पूर्ण नहीं होगी तब तक खदान को संचालित नहीं किया जाएगा, लेकिन यहां पर अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके शेर खाजा की कहावत चरितार्थ हो रही है, रामपुर के किसानों के आश्रित को अलग-अलग जगह रोजगार में भेज दिया गया है, रहने के लिए कमरा और ना कोई सुविधा उन्हें मुहैया कराया गया है, उनके माता-पिता बुजुर्ग रामपुर में खदान के प्रदूषण का शिकार होते चले जा रहे हैं, ऐसी स्थिति में किसानों के द्वारा उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से पुनर्वास पुनर्स्थापना पर संपत्ति की समस्त प्रकार के मुआवजा और रोजगार के कार्यवाही के साथ आश्रितों की समस्या पर ज्ञापन सौपा। किसानों ने मांग की खुली खदान परियोजना से प्रभावित होने के कारण खुली खदान भेजा जाए, हमारे किसानों के समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए, अन्यथा किसान मजबूर होकर सड़क पर उतरेंगे और जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा खदान को अनिश्चितकालीन के लिए बंद करेंगे, ज्ञापन में उपस्थित मुख्य रूप से जनपद सदस्य चंद्र कुमार तिवारी, पूर्व सरपंच झोले बैगा,  सांसद प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ साथी राजकमल मिश्रा, आनंद त्रिपाठी, उप सरपंच राजाराम पूर्व जनपद सदस्य नेमसाय राठौर, दिलीप पांडे, राजेश सोनी, वेद प्रकाश,सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान नेता भूपेश शर्मा सहित अन्य ग्रामीण की उपस्थिति रही। उपमुख्यमंत्री के द्वारा अस्वस्थ कराया गया की जिला कलेक्टर से इस संदर्भ में बात करेंगे। 

CMHO आर के बर्मा को हटाने सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर शिवसेना ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन 

*मांगे पूरी नही हुई तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने सड़क पर करेंगे प्रदर्शन*


अनूपपुर

शिवसेना ने सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि कुछ दिनों पूर्व देवशरण सिंह जी एवं दीपक पटेल जी के द्वारा अनूपपुर कलेक्टर को कोतमा सामुदायिक स्वस्थ केंद्र की अव्यवस्थाओं की निम्नलिखित 07 मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन सौंपने के ब महीने भर बीत जाने  के बाद भी प्रशासन के द्वारा इन सभी मांगो को पूरा ना किए जाने पर देवशरण सिंह जी एवं दीपक पटेल जी आमरण अनशन में बैठने को मजबूर हुए हैं जो कि प्रशासन द्वारा बीमारी का बहाना बता कर आमरण अनशन समाप्त करवाकर देवशरण सिंह जी एवं दीपक पटेल जी को जबरन अनूपपुर चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जो कि जिले की प्रशासन व्यवस्था की कमी को पूरी तरीके से दर्शाता है जिसका शिवसेना कड़ा विरोध करती है ।

8 मांगे इस प्रकार से हैं। सीएचएमओ आरके वर्मा के अनूपपुर में पदभार संभालने के बाद अनूपपुर की स्वास्थ व्यवस्था पूरी तरीके से बदतर हो गई है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा के साथ जिले की स्वास्थ व्यवस्था को ठीक करने के लिए सीएमएचओ आरके वर्मा का अनूपपुर जिले से स्थानांतरित किया जाए।कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला और पुरुष डॉक्टरों का अभाव है, जिसके कारण मरीजों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी रेफर कर दिया जाता है। एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण मरीजों को रेफर किए जाने पर कई घंटे इंतजार करना पड़ता है और कभी-कभी रेफर किए गए स्थान तक पहुंचने से पहले मरीज की मृत्यु हो जाती है।  शासन द्वारा दी गई दवाइयों की कमी है, जिसके कारण मरीजों को दर-दर भटकना पड़ता है। जांच संबंधी मशीनरी उपकरण होने के बावजूद भी मरीजों की पूर्णता जांच नहीं की जाती है और मरीजों को जांच हेतु बाहर भेज दिया जाता है। साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है। शासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत दी गई राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिसके कारण अस्पताल में कोई सुधार नहीं हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कमी है, जैसे कि टीवी, कूलर, एसी, फैन, हिटर इत्यादि।

*समस्याओं के समाधान के लिए निम्नलिखित मांगें*

सीएचएमओ आर के वर्मा का अनूपपुर जिले से स्थानांतरित किया जाए। महिला और पुरुष डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए। एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। दवाइयों की कमी को पूरा किया जाए। जांच संबंधी मशीनरी उपकरणों का उपयोग किया जाए। साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए। कायाकल्प योजना के तहत दी गई राशि का सही उपयोग किया जाए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कमी को पूरा किया जाए।

शिवसेना ने चार दिनों के भीतर उक्त 08 मांगे को पूरा करने की बात कही है अन्यथा शिवसेना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा के सामने सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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