उपक्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय मे सीबीआई की रेड, पेंशन आयुक्त तक पहुंचेगी सीबीआई की जांच

*एसईसीएल के सबेरिया ऑफिस में कार्यरत उमाशंकर तिवारी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार*


उमरिया

जिले के नौरोजाबाद साऊथ ईस्टन कोल फील्ड्स लिमिटेड जोहिला क्षेत्र के नौरोजाबाद उपक्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में सी बी आई जबलपुर की टीम ने छापामार कार्यवाही की है । इस कार्यवाही में उपक्षेत्रीय प्रबंधक आफिस मे अधीक्षक (ओ एस ) के पद पर पदस्थ उमा शंकर तिवारी को पकड़ कर घर और आफिस में सी बी आई जबलपुर की टीम ने रेड मार कार्यवाही की है। एसईसीएल के नौरोजाबाद उप क्षेत्र सबेरिया ऑफिस में कार्यरत उमाशंकर तिवारी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार कई घाटों चली जांच घर और ऑफिस की फाइल खगली गई सीबीआई के रेड में एसईसीएल के एक पीएफ क्लर्क और क्षेत्रीय कमिश्नर कार्यालय उमाशंकर तिवारी सुरक्षा गार्ड को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सीबीआई ने शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 1.3 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में आरोपी पीएफ क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पीएफ क्लर्क एसईसीएल, नौरोजाबाद, जिला उमरिया (मध्य प्रदेश) के उप क्षेत्र कार्यालय में पदस्थ है।

सीबीआई ने 24.03.2025 को आयुक्त, कोयला खान भविष्य निधि, क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर और आरोपी पीएफ क्लर्क (बाबू), उप क्षेत्र कार्यालय, एसईसीएल, नौरोजाबाद, जिला सहित दो आरोपियों के खिलाफ उमरिया (मध्य प्रदेश) में इस आरोप पर मामला दर्ज किया गया है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के पिता की लंबित भविष्य निधि जारी करने के लिए 5,00,000/- रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायतकर्ता के पिता कुदरी कोल माइंस में कार्यरत थे, जिनकी मृत्यु 14.05.2021 को हो गई थी। शिकायतकर्ता अपने पिता की लंबित भविष्य निधि जारी कराने के लिए कई बार सब एरिया ऑफिस नौरोजाबाद गया, जहां उसकी मुलाकात आरोपी पीएफ क्लर्क से हुई। कथित तौर पर आरोपी ने शिकायतकर्ता को बताया कि उसके पिता की पीएफ राशि लगभग 50-60 लाख रुपये है।

यह भी आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता अपने रिश्तेदार के साथ जबलपुर गया और आरोपी पीएफ क्लर्क से मिला, जिसने इस संबंध में आरोपी आयुक्त, कोल माइंस भविष्य निधि, क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर से उनकी मुलाकात कराई। आयुक्त के कार्यालय से बाहर आने के बाद आरोपी पीएफ क्लर्क ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि उनका काम हो जाएगा 2,50,000/- की राशि आयुक्त, कोयला खान भविष्य निधि, क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर को देनी होगी। इसके बाद, आरोपी पीएफ क्लर्क ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के रिश्तेदार को कई बार फोन करके रिश्वत की मांग की और पहली किस्त के रूप में 1,50,000/- रुपये देने को कहा।

जनपद अध्यक्ष के विरुद्ध लगा अविश्वास प्रस्ताव हुआ धराशाही, नहीं पहुंचे प्रस्तावक समर्थन

*भाजपा जिला अध्यक्ष ने संभाला मोर्चा, मनभेद को किया दूर*


अनूपपुर

जिले के जनपद पंचायत बदरा की अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह के विरुद्ध लगाया गया अविश्वास प्रस्ताव उस समय धराशाही हो गया जब 26 मार्च 2025 को अनूपपुर जनपद पंचायत कार्यालय में मतदान के लिए जनपद सदस्यों को उपस्थित होना था लेकिन  अविश्वास प्रस्ताव में शामिल एक भी जनपद सदस्य मतदान के लिए उपस्थित नहीं हुए यहां तक की प्रस्तावक समर्थक भी अविश्वास के विरुद्ध खड़े नजर नहीं आए और अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह से धराशाही हो गया। 

*उपाध्यक्ष सहित सदस्यों ने लगाया था अविश्वास प्रस्ताव*

जनपद पंचायत बदरा के अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह के विरुद्ध जनपद के कांग्रेस के सदस्यों ने मिलकर कल 7 लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव लगाया था जिसको लेकर प्रशासन द्वारा 26 मार्च 2025 को बदरा जनपद कार्यालय में मतदान कराया जाना सुनिश्चित किया गया था जिसमें जनपद के कुल 17 सदस्यों को उपस्थित होकर अविश्वास प्रस्ताव के प्रति मतदान करना था लेकिन कोई भी सदस्य मतदान के लिए उपस्थित नहीं हुए इस तरह से अविश्वास प्रस्ताव  अवधे मुंह गिर गया ।

*भाजपा जिला अध्यक्ष ने संभाला मोर्चा*

भारतीय जनता पार्टी समर्थित जनपद अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह के विरुद्ध लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने मोर्चा संभालते हुए जिले के महामंत्री अखिलेश द्विवेदी एवं मंडल अध्यक्ष मुकेश पटेल को मैदान में उतारा तथा स्वयं अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने के लिए जनपद सदस्यों एवं अध्यक्ष के बीच मनभेद को दूर करने का कार्य किया और सफलता हासिल हुई।

 *जनपद कार्यालय में मनाया जश्न*

अध्यक्ष के खिलाफ विश्वास गिरने के पश्चात जनपद कार्यालय बदरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाते हुए अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह को बधाई दी इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष ने जनपद अध्यक्ष को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा कहा की सभी को संगठन के रीति नीति के हिसाब से कार्य करने की आवश्यकता है आपस में तालमेल में बनाकर कार्य करें मनभेद को दूर करें ,जो अविश्वास लगा वह दुर्भाग्यपूर्ण था इस भूल को अब सुधारने की आवश्यकता है ।जनपद अध्यक्ष धनमती सिंह ने कहा कि हमें नहीं पता है कि किस बात की लड़ाई थी और यह सब कैसे और क्यों हुआ संगठन ने मेरा पूरा सहयोग किया है इसके लिए हम भारतीय जनता पार्टी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हैं उपरोक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह द्वारा दी गई।

चंदा नहीं देने पर किया हुक्का पानी बन्द, समाज से किया बहिष्कृत पुलिस से हुई शिकायत

*जान से मारने की दी जा रही धमकी*


उमरिया

आदिवासी बाहुल्य जिले उमरिया में भागवत कथा के नाम पर जबरन चंदा वसूली करने और नहीं देने वाले को समाज से बहिष्कृत करने का चौकाने वाला मामला सामने आया है, पीड़ितों ने एक लिखित शिकायत पुलिस थाने में की है । खास बात ये है कि परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने वाले लोगों ने बेख़ौफ़ होकर इसे सोशल मीडिया ग्रुप में सर्कुलेट भी किया है।आदिवासी बाहुल्य जिले के एक गांव में धार्मिक‌ कार्यक्रम में चंदा ना देने पर आयोजकों ने कुछ परिवारों का सामाजिक बहिष्कार पीड़ित पक्ष ने थाना नौरोजाबाद पर इसकी शिकायत दर्ज कराई है।

जिले उमरिया के नौरोजाबाद थानांतर्गत ग्राम महुरा का है। जहाँ धार्मिक आयोजन के दौरान कुछ लोगों को आयोजकों के मनमुताबिक चंदा नहीं दिए जाने के कारण समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है। समाज से बहिष्कृत किए जाने के बाद अब परिवारों को किसी भी मांगलिक या सामाजिक कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता और ना ही इन परिवारों के घरों में होने वाले किसी कार्यक्रम में सामाज का कोई व्यक्ति शरीक होता है।

सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे परिवार 

ग्राम महुरा निवासी शरमन सिंह बताया है कि हमारे गांव के भागवत कथा का आयोजन किया गया था। समाज के जिन लोगों द्वारा चंदा नहीं दिया गया है, उनका सामाजिक बहिष्कार कर प्रताड़ित किया जा रहा है। हम लोगों की बेइज्जती की जाती है। हमारे घर की बहू बेटियों को सामाजिक कार्यक्रमो से भगा दिया जाता है। उनसे कहा जाता है कि तुमको कौन यहां बुला लिया है तुम समाज के बाहर हो। उन्होंने बताया कि मुझसे  18000 रुपए का चंदा मांगा गया था। मेरे पास पैसे नहीं होने के कारण मैं चंदा नहीं दे पाया था। इस कारण जहाँ कोई निमंत्रण होता है हमें नहीं बुलाया जाता है।हमको समाज से बंद कर दिया गया है।

बेटियों की शादी की चिंता में एक पिता 

पीड़ित शरमन ने दुखी मन से बताया कि मुझे अपनी बिटिया की शादी करनी है, बिना पैसा लिए मुझे अब ये समाज में   शामिल नहीं करेंगे। 2016 में भी जब मैंने अपनी बेटी की शादी की थी तो पैसे लेने के चक्कर के हमें समाज से बाहर कर दिया गया था। शादी में बना हुआ भोजन खराब हो गया था। 2020 में जब मेरी माँ का स्वर्गवास हुआ तो मुझसे 2500 रुपए लेकर समाज में शामिल किया गया था। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता इसलिए मैं नौकरी पूरी नहीं कर पाता हूँ। मुझे बेटी की अब शादी भी करनी है,ऐसा ही रहा तो मेरी बेटी की शादी नहीं हो पाएगी। मैंने इस मामले की सूचना नौरोजाबाद थाने में दी है।

*जान से मारने की दी जा रही धमकी*

वही ग्राम महुरा निवासी किशन सिंह बताते हैं कि बीते 3 वर्षो से हमारे गांव में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों को परेशान कर मनचाहा पैसा मांगा जा रहा है। जो कम पैसा देते हैं या नहीं दे पाते तो उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है। पहले वर्ष के आयोजन के दौरान 6000 का चंदा लगाया गया था। दूसरे वर्ष के दौरान 15000 का चंदा लगाया गया और इस वर्ष 18000 रुपए चंदा मांगा गया है। जिनके खिलाफ मैंने नौरोजाबाद थाने में शिकायत की है,उनके द्वारा मुझे बार बार जान से मारने की धमकी दी जा रही है कि अगर तुम गाँव आओगे तो तुम्हे अब झूठे प्रकरण में फंसा दिया जाएगा। मैं बहुत परेशान हूँ।

*पुलिस ने दिया कार्रवाई का भरोसा*

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया प्रतिपाल सिंह महोबिया ने बताया कि नौरोजाबाद थाना अंतर्गत ग्राम महुरा निवासी किशन सिंह,शरमन सिंह और आदर्श सिंह के द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है। इस आवेदन में उनके द्वारा बताया गया है कि उनके समाज में भागवत कथा का आयोजन किया गया था। जिसमें जब इनके द्वारा मन मुताबिक चंदा नहीं दिया गया, इस बात को लेकर के उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और सामाजिक रूप से बहिष्कृत किए जाने की धमकी दी जा रही है। यह शिकायत प्राप्त हुई है और उसकी जांच करवाई जा रही है। शीघ्र ही दोनों पक्षों को बुला करके मामले को समझा जाएगा। मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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