बिना बताए मायके गयी पत्नी पर पति भड़का, बाइक चलाकर 100 किमी दूर पहुँचा ससुराल, दहेज में मिली गाड़ी जलाई


शहड़ोल

शहडोल जिले में एक महिला को अपने पति को बिना बताए मायके आना महंगा पड़ गया। इससे गुस्साया पति बाइक से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने ससुराल पहुंचा और दहेज में मिली चार पहिया गाड़ी में आग लगा दी। यह घटना अमलाई के खमरौध गांव में बीती रात की है। जानकारी के अनुसार पुष्पांजली सिंह का विवाह 2021 में सीधी जिले के दादर गांव निवासी दिनेश सिंह से हुआ था। विवाह के बाद पति-पत्नी दादर गांव में ही रहते थे। दहेज में उसे बोलेरो वाहन मिला था। शुक्रवार को पुष्पांजली सिंह की मां की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसकी जानकारी मां ने अपनी बेटी को फोन पर दी। इसके बाद पुष्पांजली बच्चों के साथ गांव के ड्राइवर को लेकर गाड़ी से अपने मायके खमरौध  चली गई। 

पुष्पांजली सिंह ने बताया कि मां की तबीयत ज्यादा खराब है, इसकी जानकारी मुझे मिली तो मैंने पति से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन, काम में व्यस्त होने के करण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। ऐसे में वह घर के अन्य लोगों को बताकर बच्चों के साथ ड्राइवर को लेकर मायके आ गई। इस बात को लेकर पति नाराज हो गए। मायके पहुंचने पर र पति से कॉल पर बात हुई तो वह तत्काल वापस आने की बात कहने लगे। उसने पति को समझाने की कोशिश की, कह कि मां की तबीयत ठीक होते ही वापस आ जाऊंगी, लेकिन पति नहीं माना।

पत्नी के तुरंत वापस नहीं आने पर और गुस्साया दिनेश सिंह बाइक से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर रात में ही अपने ससुराल खमरौध पहुंचा। वहां पहुंचते ही वह पत्नी को अपने साथ ले जाने की जिद करने लगा, लेकिन पत्नी ने मां की तबीयत ठीक होने के बाद ही वापस जाने की बात कही। इसके बाद उसने अपने साथ लाई पेट्रोल से भरी बोतल घर के बाहर खड़ी दहेज में मिली गाड़ी पर डाल दी और आग लगा दी। पत्नी और परिवार के अन्य लोग उसे रोकते रहे, लेकिन वह नहीं माना, जिससे बोलेरो गाड़ी पूरी तरह जल गई।   

थाना प्रभारी अमलाई जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि पति-पत्नी का आपसी विवाद था। पत्नी मायके में थी, पति बाइक से ससुराल पहुंचा और गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। महिला की शिकायत पर पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच की जा रही है।

खेत में बनी झोपड़ी में रुकी महिला पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर हुई मौत


शहडोल

अचानक मौसम में बदलाव हुआ और तेज गर्जना के साथ आसमानी आफत जमीन में गिरी जिसकी चपेट में आने से एक महिला की मौके पर मौत हो गई,महिला उस दौरान खेत में लगी सब्जियों की तकवारी कर रही थी, तेज गर्जना और बारिश की वजह से महिला पास में बने खेत में स्थित एक झोपड़ी में जाकर छुप गई। तभी आकाशीय बिजली उसके ऊपर ही गिर गई और उसकी मौके पर दर्दनाक मौत हो गई है। घटना जिले के जैतपुर के तितरा गांव की है।

जानकारी के मुताबिक जैतपुर के तितरा गांव में कुनुक नदी के किनारे रमसखिया केवट पति स्व. सम्मन केवट (55) ने सब्जियां लगाई हुई है।जिसकी देखरेख करने महिला दिनभर वहीं खेत में स्थित झोपड़ी में रहती थी। शुक्रवार की देर शाम अचानक मौसम में बदलाव हुआ और तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि भी हुई। ओलावृष्टि होते ही महिला चिंतित हो गई कि उसके खेत में लगी सब्जियां खराब हो जाएगी। ओलावृष्टि रुकने के बाद महिला सब्जियों को देखने झोपड़ी से निकलकर खेत पहुंची। तभी तेज गर्जना हुई और महिला दौड़कर दोबारा झोपड़ी में आ पहुंची। तभी आसमानी आफत महिला की झोपड़ी में ही जा गिरी। जिससे महिला बुरी तरीके से झुलस गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

पड़ोस में अन्य लोगों के भी खेत हैं,जो सभी अपने अपने खेते में स्थित झोपड़ी में मौजूद थे। महिला की झोपड़ी में जब आकाशीय बिजली गिरी तो काफी तेज धमाका हुआ, जिससे पड़ोस के लोग कुछ देर बाद अपनी झोपड़ियां से निकाल कर बाहर देखा तो महिला की झोपड़ी से धुआं निकलता दिखाई दिया। जिससे लोगों को लगा कि महिला खेत में होगी और उसकी झोपड़ी में आकाशीय बिजली गिर गई। लोगो ने जब पास में जाकर झोपड़ी के अंदर देखा तो महिला अचेत अवस्था में बुरी तरीके से झुलसी पड़ी हुई थी। जिसकी मौके पर मौत हो चुकी थी। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस एवम महिला के परिजनों को दी गई।

थाना प्रभारी जैतपुर रामकुमार गायकवाड से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि महिला खेत में स्थित झोपड़ी में मौजूद थी, तभी आकाशीय बिजली गिर गई जिसकी चपेट में आने से महिला की मौत हुई है मामले पर मर्ग कायम कर विवेचना जारी है।

पार्क का निर्माण जंगल की भूमि में नहीं राजस्व और निजीभूमि में हो रहा है- नपा अध्यक्ष रामअवध सिंह 

*पंचनामा से पूर्णतया हुआ स्पष्ट, जमुना कोतमा की अधिग्रहीत भूमि में हो रहा पार्क का निर्माण*


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद पसान के द्वारा विकास कार्य के नाम पर नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 16 हनुमान दफ़ाई में बने आंगनवाड़ी भवन के ठीक बगल में ही पार्क का निर्माण कराया जा रहा था। कुछ लोगों द्वारा उक्त भूमि जिस पर पार्क का निर्माण हो रहा है, उसे वनभूमि बताते हुए उक्त निर्माण कार्य को भी अवैध बताकर उसकी शिकायत वन विभाग के उच्च अधिकारियों से की गई जिस पर वन विभाग द्वारा संज्ञान लेते हुए उक्त निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई।

वन और राजस्व विभाग ने दिया संयुक्त स्थल निरीक्षण पंचनामा उक्त मामले में शिकायत के उपरांत वन विभाग तथा राजस्व विभाग से हल्का पटवारी द्वारा उक्त निर्माण स्थल पर उपस्थित होकर संयुक्त पंचनामा तैयार किया गया जिसमें उन्होंने लेख किया कि दिनांक 17.03.2025 को पटवारी हल्का पसान बीटगार्ड सकोला, परिक्षेत्र सहायक लतार की उपस्थिति में राजस्व एवं वन का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मौके पर जहां पार्क बना है जिसकी लंबाई 55 ङ्ग 60 मी.-0.330 हेक्टेयर है, जो कि एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र की अधिग्रहीत भूमि है, जो कि मोबाइल ऐप से देखने पर पाया गया कि उक्त भूमि ग्राम पसान की आराजी खसरा नंबर 1235 के अंदर स्थित है।

नगरपालिका पसान द्वारा जिस भूमि पर पार्क का निर्माण कार्य किया जा रहा है उसे कुछ लोगों के द्वारा वनभूमि बताया जा रहा है। साथ ही वन विभाग तथा राजस्व विभाग के हल्का पटवारी द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में उसे एसईसीएल द्वारा अधिग्रहीत भूमि बताते हुए ग्राम पसान की आराजी खसरा नंबर 1235 के अंदर स्थित होना बताया है। वही वन विभाग के लतार परिक्षेत्र सहायक विनोद मिश्रा से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर पार्क का निर्माण कार्य हो रहा है, उसकी पैच वन भूमि से कटी हुई है, जिससे वह वन भूमि में नहीं आ रहा है। तो वही दूसरी ओर राजस्व विभाग भी गोलमोल बाते करते हुए उक्त निर्माण स्थल को अपनी राजस्व भूमि मानने में आनाकानी करता हुआ दिखाई दे रहा है। तो फिर भला यह निश्चित कैसे हो कि वास्तविक में उक्त भूमि आखिर है किसकी।

उक्त मामले में जब पसान नगरपालिका के अध्यक्ष रामअवध सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उक्त मामले में वन विभाग तथा राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उपस्थित होकर मौके पर निरीक्षण किया गया है, ठीक निर्माण स्थल के बगल में आंगनवाड़ी बनी हुई है। साथ ही दो लोगों को उक्त आराजी खसरा नंबर का पट्टा भी मिला हुआ है। उक्त पार्क का निर्माण अमृत 2.0 योजना के तहत लगभग 31 लाख 35 हजार की लागत से बच्चों के लिए बनाया जा रहा है, साथ ही पार्क का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। साथ ही पसान नगरपालिका अध्यक्ष रामअवध सिंह के द्वारा कुछ असामाजिक तत्वों पर ऊल जलूल पैसों की मांग करते हुए उन्हें और नगरपालिका परिषद को ब्लैकमेल किए जाने की भी बात कही।

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