ज्वाला धाम ने पंचायत के गौशाला पर किया कब्जा, कलेक्टर से हुई शिकायत, कार्यवाही की मांग
उमरिया
ज्वाला धाम ऊंचेहरा की हडप नीति का कारनामा ऊंचेहरा ग्राम पंचायत से बढकर निपनिया ग्राम पंचायत को भी अपने गिरफ्त में ले लिया है। विदित होवे की निपनिया ग्राम पंचायत में बनी गौशाला पर अतिक्रमण करते हुए ज्वाला धाम ने अपने कब्जे में ले लिया है। विदित होवे की निपनिया ग्राम पंचायत की वर्क आई डी 174000 2080/A v/1/ 22012034514047 के लागत 38 लाख 5 हजार से प्रारंभ कराया गया था, जो गौशाला। लगभग बनकर तैयार हो गया है, लेकिन इस गौशाला को ग्राम पंचायत निपनिया के व्दारा शासकीय गौशाला को ज्वाला धाम के हवाले कर दिया गया है। ज्वाला धाम और ग्राम पंचायत के सरपंच की इस मिलीभगत के कारण न सिर्फ शासकीय धन राशि के दुरुपयोग करने का मामला है बल्कि साथ ही मध्यप्रदेश शासन की गौशाला के उद्देश्य को भी पलीता लगता दिखाई दे रहा है।
इस बात की शिकायत निपनिया ग्राम पंचायत के आंनद कुमार गौतम ने कलेक्टर उमरिया की जन सुनवाई में करते हुए अतिक्रमित गौशाला को मुक्त कराने का आवेदन पत्र दिया गया है। इस बात की शिकायत जन कल्याण शिविर करकेली में भी करते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अम्बिकेश प्रताप से की गयी है, यद्यपि इस मामले में प्रशासन ने फिलहाल अब तक कोई जांच कार्यवाही नहीं की है।
शासकीय गौशाला जो मध्यप्रदेश शासन व्दारा निपनिया में बनाया जा रहा था, चूंकि इसके निर्माण से ही ज्वाला धाम समिति कब्जा कर रखी थी, जिस वजह से इस गौशाला के नाम पर दान दाताओं से भी जमकर वसूली की जाने की बातें बतायी जा रही हैं। बताया जाता है कि गौशाला परिसर ज्वाला धाम से साफ तौर पर दिखाई दे रहा था, जिसको दिखाकर चंदा एकत्रित करने का गोरख धंधा भी खूब चला। हलांकि इसके कोई कागजी प्रमाण नहीं है।
मालुम होवे की ज्वाला धाम की प्रबंध समिति में पहले से ही उंचेहरा ग्राम पंचायत की संपत्ति को हडपने और उन्हें व्यवसायिक उपयोग करने के आरोप लगे हैं, जो की वास्तविक और हकीकत में दिखाई दे रहे हैं, फिर भी न जिला प्रशासन और ना ही ग्राम पंचायत कभी भी इस ओर आवश्यक कार्यवाही नही की है।
