तेज रफ्तार ट्रक ने मासूम को कुचलकर हुआ फरार, ड्राइवर हुआ गिरफ्तार, अस्पताल में चल रहा है इलाज
शहडोल
जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल पहड़िया में रहने वाले बुजुर्ग श्यामसुंदर भूर्तिया के घर पर मुंबई में मजदूरी करने वाले दामाद का 5 वर्षीय बेटा जनार्दन अपनी मां अंजना के साथ नानी के घर छुट्टियां बिताने आया था। सुबह जब मासूम जनार्दन घर के सामने बेफिक्र होकर खेल रहा था, तभी व्यौहारी रोड की तरफ से यमदूत बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक (KA 01 AT 2595) ने उसे बेरहमी से कुचल दिया और चालक वाहन लेकर भाग निकला। चीख-पुकार के बीच जब मां अंजना दौड़कर बाहर आई, तो कलेजे के टुकड़े को खून से लथपथ तड़पता देख उसकी रूह कांप गई। सिर और पैर से बहते खून को देख मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
शहडोल के आदित्य हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं। मुंबई में दिन-रात पसीना बहाकर दो वक्त की रोटी कमाने वाले पिता के पास इतने महंगे इलाज के पैसे नहीं हैं। अस्पताल के भारी-भरकम खर्च और आईसीयू के डर ने परिवार को भीतर से तोड़ दिया है। जो मां-बाप कल तक अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहे थे, आज वे अस्पताल में बैठकर रो रहे हैं।
मासूम के शरीर से इतना खून बह चुका था कि डॉक्टरों को लगातार रक्त चढ़ाना पड़ रहा था। पिता व मामा ने खून दिया, तंगी से जूझते परिवार ने पाई-पाई जोड़कर 4500 रुपए में महज एमएल खून खरीदा। इस बीच जब सोशल मीडिया पर मासूम की जिंदगी के लिए A+ ब्लड की मार्मिक गुहार लगी, तो धनपुरी निवासी विष्णुकान्त शुक्ला की इंसानियत जाग उठी। वे जिला अस्पताल पहुंचे और निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे मासूम को नई जिंदगी मिली।
हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से गुहार लगाई है कि दुर्घटना करके भागने वाले चालक पर कड़ी से कड़ी धाराएं लगाई जाएं ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इधर, मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया। वाहन और चालक दोनों को जमानत मिल गई।
