अज्ञात नवजात शिशु का मिला शव, रेत तस्करी में बिना नम्बर की मेटाडोर जप्त
अनूपपुर
अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स में एक अज्ञात तत्काल का पैदा हुआ नवजात शिशु बालक मृत स्थिति होने पर पुलिस ने बरामद किया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिली कि अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स के शौचालय में एक नवजात शिशु मृत स्थिति में है। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर अज्ञात नवजात शिशु बालक के शव को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखाते हुए अज्ञात महिला एवं अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन कर रही है इस बीच रविवार की दोपहर पुलिस के द्वारा नवजात शिशु बालक के शव का ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से शव परीक्षण करवा कर नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय,स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से जेसीबी से सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव,पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी,अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल,महेश प्रसाद रौतेल,गोपाल प्रसाद राठौर की उपस्थिति में मृत नवजात शिशु के शव को कफन से ढक कर फूल,अगरबत्ती अर्पित करते हुए सामाजिक रीति रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार किया।
*बिना नंबर की मेटाडोर जब्त*
अनूपपुर
जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर की डग्गी वाहन को जब्त किया है। लंबे समय से मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के बाद खनिज विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें एक संदिग्ध डग्गी वाहन रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया।
रात बिजुरी क्षेत्र में चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान खनिज निरीक्षक ईशा वर्मा ने बिना नंबर की डग्गी वाहन को रोककर जांच की। पूछताछ में चालक ने वाहन मालिक का नाम अमन पांडे, निवासी डोला बताया, लेकिन वाहन से संबंधित वैध दस्तावेज और ई-ट्रांजिट पास (ईटीपी) प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में रेत परिवहन पूरी तरह अवैध पाए जाने पर खनिज अमले ने तत्काल वाहन को जब्त कर रामनगर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया।
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वाहन पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना नंबर का वाहन सड़कों पर कैसे दौड़ रहा था? स्थानीय लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट का न होना यह संकेत देता है कि वाहन लंबे समय से अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा होगा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से नंबर नहीं लगाया गया होगा।

