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हम किसी पर बोझ नही बनना चाहते सुसाइड नोटर लिखकर, माँ बेटी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

​अनूपपुर

जिले के कोतमा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां और उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम दोनों ने एक आम के पेड़ की अलग-अलग डालियों से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

थाना प्रभारी कोतमा रत्नांभर शुक्ला के अनुसार, मृतकों की पहचान 42 वर्षीय मीरा रैदास और उनकी पुत्री पूनम रैदास के रूप में की गई है। मीरा रैदास अपने पति से अलग होकर मायके में रह रही थीं और अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, पति से भरण-पोषण की राशि दिलाने का मामला न्यायालय में चल रहा था और उन्हें अदालत के आदेशानुसार भरण-पोषण की राशि मिल भी रही थी।

प्रारंभिक जांच से यह पता चला है कि रविवार की सुबह मां और बेटी कोतमा बाजार गई थीं, जहां से उन्होंने रस्सी खरीदी थी। इसके बाद, शाम को करीब चार बजे वे अपने घर से कुछ दूर स्थित एक सुनसान जगह पर पहुंचीं और आम के पेड़ की दो अलग-अलग डालियों पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

मौके से पुलिस ने बेटी पूनम द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट बरामद किया है। इस नोट में लिखा है— “हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।” पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था।

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शासकीय भूमि बताने पर पटवारी के साथ की मारपीट, बनाया बंधक, मामला हुआ दर्ज

उमरिया

जिले के पाली तहसील अंतर्गत ग्राम बकेली में राजस्व विभाग के एक पटवारी के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा। पीड़ित पटवारी की शिकायत पर पाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फरियादी गोरेलाल सिंह मार्को निवासी भरहुत, वर्तमान में पटवारी हल्का बकेली में पदस्थ हैं। वे ग्राम बकेली में जमीन सीमांकन का कार्य पूरा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बड़वाही तिराहा के पास उनकी मुलाकात विपिन सोनी से हुई।

विपिन सोनी ने सीमांकन के दौरान उसकी जमीन को शासकीय भूमि बताए जाने पर नाराजगी जताई। उसने कथित तौर पर कहा कि आज तक किसी पटवारी ने उसकी जमीन को शासकीय नहीं बताया और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने गालियां देते हुए पटवारी के साथ मारपीट की।

पटवारी का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने उनकी बाईं कलाई मरोड़ दी, धक्का देकर जमीन पर गिराया और लातों से हमला किया। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए अपने घर के अंदर ले जाकर कुछ देर तक बंधक बनाए रखा और वहां भी मारपीट की।

घटना के दौरान विकाश बैगा, मानू प्रजापति और संजय साहू मौके पर पहुंचे। तीनों ने घर का गेट खटखटाया, जिसके बाद आरोपी ने दरवाजा खोला और पटवारी को बाहर निकाला। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने जाते-जाते धमकी दी कि अगली बार मिलने पर जान से मार देगा। मारपीट में पटवारी के बाएं हाथ की कलाई और बाएं पैर में चोटें आई हैं। इसके बाद वे अपनी पत्नी कुसुम सिंह के साथ पाली थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई।पुलिस अब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। 

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रेत से भरा तेज रफ्तार ट्रक स्कूल की दीवार तोड़कर पलटा, टला बड़ा हादसा, नम्बर प्लेट के बाद पुलिस ने बताया अज्ञात 

शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दो दिन पहले अवैध रेत से लदा एक तेज रफ्तार हाइवा अनियंत्रित होकर एकलव्य आवासीय विद्यालय की बाउंड्री वॉल तोड़ते हुए पलट गया। राहत की बात रही कि हादसे के समय स्कूल परिसर खाली था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।।

वाहन का नंबर और कथित मालिक की पहचान स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसके बावजूद जैतपुर थाना प्रभारी ने वाहन को "अज्ञात" बताया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसा अवैध रेत परिवहन के दौरान हुआ, लेकिन अब तक न तो मामला दर्ज किया गया और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई।

विद्यालय प्रबंधन जब शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो कार्रवाई के बजाय कथित रूप से आपसी समझौते का दबाव बनाया गया। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे पुलिस और रेत कारोबारियों के बीच मिलीभगत की आशंका मजबूत होती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जैतपुर क्षेत्र में दिन-रात अवैध रेत से भरे हाइवा और ट्रक बेखौफ दौड़ रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों से लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। पहले भी ग्रामीणों और वाहन चालकों के बीच विवाद की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

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69 हजार का 151 लीटर अवैध शराब को पुलिस ने छापा मारकर किया जप्त, मामला दर्ज

उमरिया

जिले के चौकी अमरपुर थाना इंदवार द्वारा अवैध शराब के विरूद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए 02 आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण कायम कर  94 पाव अंग्रेजी एवं  750 पाव देशी मदिरा कुल 151.92 लीटर अवैध शराब कीमती 69,690/- रुपये जप्त की गई है । 

मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम खेरवा मे गड़रियाटोला में छुनुआ प्रसाद रौतेल अपने खेत मे स्थित पम्प हाउस के पक्के कमरें में अवैध रुप से काफी मात्रा मे शराब रखे हुए है। सूचना पर चौकी अमरपुर पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बताये गये स्थान पर घेराबंदी कर रेड कार्यवाही की गई । कार्यवाही के दौरान पम्प हाउस कमरे के पास एक व्यक्ति खड़ा मिला जो पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम द्वारा भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसका नाम पता पूछनें पर अपना नाम भईया उर्फ सुशील रौतेल पिता छुनुआ रौतेल उम्र 31 साल निवासी ग्राम खेरवा चौकी अमरपुर बताया। पम्प हाउस के कमरे की तलाशी ली गई । बंद कमरे मे 02 कार्टून एक सीलबंद दूसरी खुली हुई रखे पाये गये जिसमें 94 पाव अंग्रेजी एवं 750  पाव देशी कुल 151.92 लीटर अवैध शराब पाई गई । आरोपी से उक्त शराब के संबंध मे दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया जिसके द्वारा उक्त शराब के संबंध मे कोई दस्तावेज ना होने से प्रस्तुत नही किया गया । पूछताछ के दौरान उसने शराब को रवि सिंह निवासी डिघिया चौकी अमरपुर के साथ मिलकर कम कीमत पर खरीदकर रखने की बात स्वीकार की । दोनो आरोपियों के विरूद्ध अपराध धारा 34(2) आबकारी एक्ट एवं 3(5) बीएनएस कायम कर 94 पाव अंग्रेजी एवं 750  पाव देशी कुल 151.92 लीटर अवैध शराब कीमती 69,690/- रुपये जप्त की जाकर आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

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अवैध रेत का उत्तखनन, परिवहन करके कर रहे हैं अवैध भंडारण, खनिज, पुलिस व राजस्व विभाग मौन

*खुलेआम हो रहा है अवैध कारोबार, क्षेत्र बन गया अपराधियों का गढ़*

अनूपपुर

जिले के बिजुरी, कोतमा भालूमाडा थाना अंतर्गत केवई नदी टोल वे मुक्ति धाम के समीप स्थित कटकोना, बैहाटोला रेत घाटो से रात भर करीब 25,30 की संख्या मे गाड़ियों के काफिले के साथ अपराधिक पृष्ठभूमि के लोग घातक हथियारो से लैस व्यक्तियों के द्वारा बिना नंबर के भारी वाहनों से अवैध खनिज रेत की चोरी कर अवैध उत्खनन, परिवहन,भंडारण बड़े पैमाने पर बरसात के पूर्व किया जा रहा है, फिर बरसात में महंगे दामों में बेचा जाता है, खनिज और पुलिस चाहे तो कोतमा पुलिस अनुविभाग के शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में गली-गली रेत के अवैध भंडारण का भौतिक निरीक्षण कराया जा सकता है। 

वही रेत खरीदने और बेचने वालों के पास कोई भी वैध दस्तावेज (टीपी) मौजूद नहीं रहती है, क्योंकि 90% रेत  चोरी का रहता है, खबर है कि एक वाहन मलिक एक  रात का 3000 से ₹5000 तक सेवा शुल्क जमा कर पूरी रात परिवहन करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस कार्य मे शामिल अवैध सदस्यो को एंट्री कराना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह पूर्णतः "प्रीपेड, वन टाइम सेवा है" इसकी कोई गारंटी नही है, रेत माफियाओं का मानना है कि एंट्री होने के बाद चाहे कोई भी बड़े से बड़ा अधिकारी हो रेत से लोड वाहन को एक मिनट के लिये भी नहीं रोक सकता, क्योंकि माफियाओं के पास अवैध परमिशन रहता है। शासन को हर वर्ष ये रेत माफिया करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं, जबकि हर वर्ष शासन द्वारा ई टेंडर किया जाता है, उसके बावजूद भी रेत माफिया पुलिस  और खनिज, राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों से  साठगांठ कर रेत का अवैध ठेका चला रहे हैं। हर महीने शासन को कई लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जो राशि शासन के राजस्व अकाउंट में जाना चाहिए वह लोगों की जेब में जा रही है।

जिले के पुलिस कप्तान, कलेक्टर, खनिज के तेज तर्रार अधिकारी चाहे तो नदी के रेतघाट, टोलवे के समीप बैहाटोला मार्ग पर रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे के बीच अपने अवैध रेत के खेल का नजारा कभी भी देख सकते है। जिले में ऐसा कोई भी सिपाही नहीं है, जो बिहार यूपी की तर्ज पर चल रहे उक्त अवैध कार्य पर लगाम लगा सके, शिकायत करने के बाद भी अधिकारी पूरी तरह ख़ामोश है, चाहे वह पुलिस, खनिज, राजस्व विभाग कोई भी हो, प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोग बिहार, उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ दिए, दोनों राज्यों को अनावश्यक बदनाम कर रहे हैं, यहां तो उनसे भी बड़े-बड़े माफिया हैं। प्रशासन के कुछ अधिकारी ही मिलकर उनका पालन पोषण कर रहे हैं। यही वजह है कि फोन करने पर कार्यवाही तो दूर फोन रिसीव नहीं किया जाता, इससे बड़ा प्रमाण और क्या चाहिए, यदि फोन रिसीव भी हो गया तो कहते हैं हमारे विभाग का काम नहीं है, विभाग एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहते हैं, अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं, ऐसी स्थिति में कार्यवाही कौन से राज्य के अधिकारी करेंगे यह प्रशासन ही निश्चित करें, पुलिस अधिनियम में चोरी अपराध नहीं तो और क्या है, ऐसे में तो हर कोई चोरी, अपराध करेगा और पुलिस कहेगी यह अपराध नहीं है, मसलन यह स्पष्ट है कि वैध और अवैध कार्यों की व्याख्या पुलिस ही कर सकती है, यहां का नियम है कि बिना अनुमति के वैध कार्य भी अवैध माना जाएगा, कोतमा जनपद व पुलिस अनुविभाग अंतर्गत संगठित गिरोह के द्वारा अवैध शराब, कबाड़, रेत खनिज का अवैध काला कारोबार धड़ल्ले से बेख़ौफ किया जा रहा है, उसके बाद भी जिम्मेदार विभागीय अधिकारी मौन है।

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नदी में नहाने गया किशोर की डूबने से हुई मौत

अनूपपुर

जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र के केवई नदी पंप घाट पर दोस्तो के साथ नहा रहे 12 वर्षीय बच्चे की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। नदी के गहरे पानी में समा जाने के बाद लापता हुए शिवम् गुप्ता के दोस्तों में  हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी परिजनों को दी गई। जिसके बाद पुलिस एवं स्थानीय नागरिक घाट पहुंच शव की तलाश में जुटे रहे। 2 घंटे बाद शव को निकाला जा सका। नदी में डूबने से हुई मौत के बाद मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई।

शिवम् गुप्ता पुत्र सोम निवासी गेट दफाई अपने 6 दोस्तों के साथ नदी में नहाने और खेलने गया था। साढ़े 4 बजे के लगभग गहरे पानी में चले जाने से डूब गया। सूचना मिलते ही कॉलरी महाप्रबंधक,थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय एवं पुलिस बल मौके पर पहुंची और गोताखोरी की मदद से शव की तलाश में जुटी गई थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से हो रहे अवैध रेत उत्खनन के कारण जगह जगह बड़े गड्ढे हो गए है, जिस कारण बच्चा गहरे पानी में समा गया।

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अंतर्राज्यीय फरार गांजा तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

शहडोल

जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अमलाई पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। थाना अमलाई में एनडीपीएस एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के प्रकरण में फरार चल रहे कुख्यात अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर दीपक सिंह उर्फ दीपू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दीपक सिंह उर्फ दीपू पिता दिनेश बहादुर सिंह निवासी ग्राम पकरिया, थाना कोतमा, जिला अनूपपुर (म.प्र.) वर्ष 2023 से थाना कोतमा के एक प्रकरण में भी लगातार फरार चल रहा था। आरोपी के विरुद्ध थाना बुढार में वर्ष 2014 में लगभग 10 क्विंटल गांजा जप्त होने के मामले में भी कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपी के विरुद्ध शहडोल संभाग के विभिन्न थानों के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में गांजा तस्करी सहित अन्य अपराधों के 25 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना अमलाई के उक्त प्रकरण में पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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राष्ट्रपति के नाम चेतावनी भरा पत्र, आंदोलन की हुंकार, हाईवे जाम करने का ऐलान

उमरिया

राष्ट्रीय राजमार्ग 42 को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह चेतावनी भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति के नाम भेजे गए विस्तृत शिकायत पत्र में दी है। संगठन ने आरोप लगाया है कि पाली तहसील के धुनधुटी और पतनारकला क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला परियोजनाओं के मामले में किसानों और आदिवासियों के हितों की अनदेखी की जा रही है तथा निजी कंपनियां प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अपनी मनमानी कर रही हैं।

भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में कहा है कि उमरिया आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहां हजारों किसान अपनी जमीन और आजीविका पर निर्भर हैं। संगठन का दावा है कि जिले में उसके करीब 10 हजार पंजीकृत सदस्य, 267 ग्राम समितियां और सात तहसील इकाइयां किसानों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, लेकिन किसानों की शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

पत्र में पाली तहसील के धुनधुटी और पतनारकला क्षेत्र में प्रस्तावित बजरंग पावर कंपनी की परियोजना से जुड़ी 29 मई 2026 की पर्यावरण जनसुनवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। किसान संघ का आरोप है कि जनसुनवाई निष्पक्ष नहीं थी और अधिकारियों ने ग्रामीणों की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं सुना। संगठन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई तथा समर्थन में ऐसे लोगों के दस्तावेज प्रस्तुत कराए गए, जिन्हें विषय की पूरी जानकारी तक नहीं थी।

भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति से मांग की है कि परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और पर्यावरण संबंधी प्रक्रियाओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और किसानों को उचित मुआवजा, विवादित भूमि का सीमांकन, स्थानीय लोगों को रोजगार तथा सिंचाई जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।



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