पुलिस की धमकी के बाद युवक ने की आत्महत्या, न्याय के लिए कांग्रेस के नेता व अन्य लोग बैठे थे धरने पर
अनूपपुर
जिले के कोतमा थाना अंतर्गत ग्राम पकरिहा में एक 23 वर्षीय युवक राजेश गुप्ता की आत्महत्या के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जिला पंचायत सदस्य और दिग्गज कांग्रेस नेता रामजी 'रिंकू' मिश्रा अपने साथियों के साथ धरने पर बैठ गए, जिसके बाद प्रशासन को झुकना पड़ा।
ग्राम पकरिहा निवासी राजेश गुप्ता (पिता दशरथ गुप्ता) का लामाटोला की एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग था। परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर बीते दिन तीरथ साहू, लल्लू साहू, बिसाहू यादव और उसके पुत्र ने राजेश के साथ बुरी तरह मारपीट की और उसका मोबाइल भी जला दिया।
पीड़ित राजेश न्याय की उम्मीद में शाम 7 बजे कोतमा थाने पहुंचा था, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसकी सुनने के बजाय उसे ही डराया-धमकाया। युवती के परिजनों की शिकायत पर थाना प्रभारी ने राजेश को छेड़छाड़ के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पुलिस की इस प्रताड़ना और झूठे केस के डर से सहमा युवक थाने से भाग निकला और घर से 200 मीटर दूर आम के पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत सदस्य रामजी रिंकू मिश्रा आक्रोशित परिजनों के साथ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
एक निर्दोष युवक न्याय मांगने थाने गया था, लेकिन उसे अपराधी बनाकर डराया गया। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। जब तक दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, हम पीछे नहीं हटेंगे। रिंकू मिश्रा के नेतृत्व में बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। टीआई के आश्वासन और मामले में एफआईआर दर्ज होने के साथ ही एक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के बाद रामजी रिंकू मिश्रा ने धरना समाप्त किया।
