बीईओ सतीश तिवारी हटाओ, शिक्षा बचाओ के लगे नारे, जमकर हो रहा है रिश्वतखोरी
*फर्जी रूप से सड़क से पत्थर उठाकर बटोरते थे सुर्खियां*
अनूपपुर
सतीश तिवारी वो नाम हैं जो शासकीय विभाग में लगातार जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। कार्यालय कलेक्टर जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर से लेकर दो बार जनपद सीईओ भी रह चुके हैं, अभी वर्तमान में पुष्पराजगढ़ में बीईओ के पद पर कार्य कर रहे हैं। सभी जगह ये बहुत नाम कमा चुके हैं। बस अवार्ड मिलने की आवश्यकता बस रह गयी हैं, वो भी इसी तरह कार्य चलता रहा तो जल्द ही इनका सम्मान हो सकता है। फेसबुकिया कर्मचारी है हमेशा किसी न किसी मामलों में फ़ेसबुक बुक पर छाए रहते थे, एक समय सड़क मार्ग से कही भी जाते थे तो पहले सड़को पर पत्थर रखकर दिखाते थे की सड़क पर पत्थर रखा बड़ी दुर्घटना हों सकती है, पत्थर उठाते हुए फ़ोटो खिंचाकर सोशल मीडिया फ़ेसबुक, इंस्ट्राग्राम, ट्वीटर में डालकर समाज सेवा के नाम पर सुर्खियां बटोरने का काम करते थे। अब इस समय रिश्वत वाले मामले में सुर्खियां बटोर रहे हैं। जबकि इनकी करनी कथनी में बहुत बड़ा अंतर दिखता हैं।
अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ ब्लॉक के शिक्षकों ने बीईओ सतीश तिवारी और कार्यालय कर्मचारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
संघ का आरोप है कि बीईओ सतीश तिवारी के कार्यभार संभालने के बाद से कार्यालय में रिश्वतखोरी बढ़ गई है। शिक्षकों ने कहा- अब "फाइल तभी चलती है जब रुपए चलते हैं।" बिना पैसे दिए किसी भी फाइल पर कार्रवाई नहीं होती, चाहे वह एरियर भुगतान हो. डीए बढोतरी या क्रमोन्नति लाभ का मामला।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय के कर्मचारी खुलेआम रिश्वत की मांग करते हैं और बिल जमा करने के बाद रसीद नहीं देते। फाइलें जानबूझकर रोकी या गायब कर दी जाती हैं। कई बार शिक्षकों को "ऊपर की बात" कहकर डराने और दबाव बनाने की कोशिश भी की जाती है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह कार्यालय अब "घूस और धौंस" का केंद्र बन गया है। शिक्षकों ने बीईओ सतीश तिवारी और कार्यालय कर्मचारी नर्मदा जायसवाल को हटाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षक संघ ने ब्लॉक कार्यालय परिसर में नारेबाजी की- "सतीश तिवारी हटाओ, शिक्षा बचाओ" के नारों से वातावरण गूंज उठा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि 20 दिनों के भीतर जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
