भाजपा महिला नेत्री ने पूर्व मंडल अध्यक्ष पर लगाए थे गंभीर आरोप, नही हुई अभी तक कार्यवाही

भाजपा महिला नेत्री ने पूर्व मंडल अध्यक्ष पर लगाए थे गंभीर आरोप, नही हुई अभी तक कार्यवाही

*7 माह बाद भी अभी तक धूल खा रही हैं शिकायत, रसूख के आगे कार्यवाही नतमस्तक*


शहडोल‌

शहड़ोल जिले के‌ बुढ़ार थाने से एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां करीब 7 माह पूर्व एसपी से की गई एक शिकायत आज भी जांच और कार्रवाई की बाट जोह रही है। बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष बुढ़ार प्रेमचंद्र मिश्रा पर उन्हीं के पार्टी की महिला नेत्री एवं नगर परिषद बुढार की पार्षद जूली रजक ने यह शिकायत दर्ज कराई थी‌। बीत वर्ष 28 अगस्त को दिए अपनी लिखित शिकायत में उन्होंने पूर्व मंडल अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाया था।

*यह लगाया था आरोप*

पुलिस अधीक्षक शहडोल को सौंपे अपने शिकायत पत्र में पार्षद जूली रजक ने पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रेमचंद्र मिश्रा पर कोयले का अवैध कारोबार करने से लेकर जमीनों पर अवैध कब्जा एवं नियम विपरित क्रेशर प्लांट का संचालन करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही यह आरोप भी लगाया कि, उनके पति को बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने साजिश भी रच रहे हैं। गौरतलब है, एसपी से 7 माह पूर्व की गई इस शिकायत पर कार्रवाई कागजों तक सीमित है‌। कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर पुलिस सवालों के घेरे में है।

*क्या रसूख कर रहा बचाव*

सवाल यह भी है कि, यदि महिला पार्षद के, पूर्व मंडल अध्यक्ष पर लगाए गए आरोप सत्य हैं। तो फिर पुलिस उनके अपराधिक कृत्यों के दस्तावेज खंगालने से क्यों बच रही है। संगीन आरोप होने के बाद भी पुलिस की ऐसी क्या मजबूरी है, जो मिश्रा पर कार्यवाही नहीं कर रही है? यदि प्रेमचंद पर पार्षद पति को बलात्कार जैसे संगीन आरोप में फंसाने का आरोप लगा है, तो इस संबंध में प्रेमचंद मिश्रा और पार्षद पति रवि रजक से पूछताछ क्यों नहीं हुई? क्या पूर्व मंडल अध्यक्ष का रसूख प्रबल है, जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई?

पुलिस कार्रवाई नहीं होता देख, जन मानस में यह सवाल भी बना हुआ है कि, कहीं महिला पार्षद ने प्रेमचंद्र की साख पर बट्टा लगने का प्रयास तो नहीं किया है? सूत्रों के अनुसार, पार्षद पति रवि रजक और प्रेमचंद्र मिश्रा के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता और जमीन को लेकर आपसी विवाद एवं पार्षद पति जमीन के ही साथ एक मामले में विभिन्न धाराओं में आरोपी हैं। कहीं महिला पार्षद ने अपने पति को कानूनी दांवपेंच से बचाने के षड्यंत तहत  यह शिकायत की है। पुलिस यदि इस मामले में निष्पक्षता के साथ जांच करे, तो कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आ जायेंगे।

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