आदेश के बाद भी सरपंच, सचिव उपयंत्री,सहायक यंत्री से नही हुई वसूली आदेश सिर्फ कागजों में सिमटा

आदेश के बाद भी सरपंच, सचिव उपयंत्री,सहायक यंत्री से नही हुई वसूली आदेश सिर्फ कागजों में सिमटा

*आदेश की धज्जियां उड़ाते भ्रष्टाचारियो के हौसले बुलंद, कलेक्टर से हुई शिकायत*


अनूपपुर/कोतमा

जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम पंचायत बेलियाबड़ी में वित्तीय वर्ष 2021-22 अंतर्गत मनरेगा योजना के तहत शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश के विरूद्ध 4.85 लाख के खेत तालाब स्वीकृति के दुरुपयोग पर बेलियाबड़ी निवासी बिनोद पाण्डेय ने कलेक्टर को शिकायत की थी। जिसके बाद खेत तालाब मामले की जांच के आदेश हुए थे। जांच के आदेश होने के बाद जनपद पंचायत बदरा के मनरेगा अधिकारी द्वारा जांच की जिसकी कुल व्यय राशि 3.40 लाख का शासन के  राशि का  खेत तालाब निर्माण  मैं दुरूपयोग हो पाया गया, उस समय के तत्कालीन सहायक यंत्री एम.के. एक्का, तत्कालीन उपयंत्री मनरेगा रिन्कू सोनी व तत्कालीन सरपंच बेलिया बड़ी गुड़िया बाई व तत्कालीन सचिव वीरभद्र जोशी से 3.40 लाख का समानुरूप राशि 85-85 हजार की वसूली के आदेश अपर कलेक्टर विकास एवं विहित अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर अभय सिंह ओहरिया द्वारा जारी किए गया था। संबंधितों को जिला पंचायत अनूपपुर के खाते में वसूली राशि सात दिवस के अन्दर जमा करने हेतु आदेशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत बेलियाबड़ी में धानवती पिता ददन सिंह निवासी ग्राम पकरिया ग्राम पंचायत लामाटोला जिनका जॉब कार्ड क्रमांक-02/31-ए है, जो ग्राम पंचायत बेलियाबड़ी के निवासी नही हैं और न ही ग्राम पंचायत बेलियाबड़ी के जॉब कार्डधारी हैं। उन्हें ग्राम पंचायत के निवासी नही होने के बाद भी मनरेगा अंतर्गत खेत तालाब की स्वीकृति दी गई। इस संबंध में दोषी संबंधित जनों के विरूद्ध जिला पंचायत द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। इसके पश्‍चात् भी इनके द्वारा न तो जवाब दिया गया और न ही उपस्थित हुए। जिस पर जिला पंचायत के विहित अधिकारी अपर कलेक्टर विकास द्वारा राशि वसूली के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन आज दिनांक तक वसूली राशि जमा नहीं की गई इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्राम पंचायत द्वारा  शासन प्रशासन एवं उच्च अधिकारियों का नियम एवं आदेशों की  अवहेलना लगातार करते हुए जिला प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे है। इस मामले पर जिला प्रशासन को भी जानकारी होने के बावजूद भी हाथ पर हाथ रखकर बैठी है इस तरह के लाखों की वसूली अधर पर लटका हुआ है। अब देखना यह है कि इन भ्रष्टाचारियों पर कब तक कार्यवाही की जाएगी या यह वसूली का आदेश महज एक कागज ही रह जायेगा।

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