भाजपा हटाओ देश बचाओ नारे के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 1 मई से 5 मई तक पदयात्रा प्रारंभ

भाजपा हटाओ देश बचाओ नारे के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 1 मई से 5 मई तक पदयात्रा प्रारंभ


अनूपपुर

अनूपपुर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश राज्य सचिव मंडल के सदस्य कामरेड बिजेंद्र सोनी एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड संतोष केवट प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दिनांक 1 जनवरी से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का भाजपा हटाओ देश बचाओ नारे के तहत भगत सिंह चौक राजनगर से शाम 6:00 बजे पदयात्रा प्रारंभ होगी जो 2 मई को झिरिया टोला, सेमरा ,हर्रा ,कटकोना, फुलकोना, खोड़ीरी नंबर 2 उरा, जमुड़ी, कोहका, से आमडाड होते हुए 3 मई को मलगा, वरतराई, चुकान, भलुवाही ,भाद, पयारी नंबर 2 शिकारपुर ,दारसागर होते हुए चोड़ी-पोड़ी  से जमुना कॉलरी पहुंचेगी।

 4 मई को उक्त यात्रा लतार पड़ौर धुरवासिन , क्योंटार, महुदा पहुंचेगी तथा 5 मई को मौहरी, अमगंवा,सेन्दुरी, हर्री-वर्री पहुंचकर शाम 5:00 बजे अनूपपुर में उक्त यात्रा का समापन किया जाएगा।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते जनता के व्यापक समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान खींचने के उद्देश्य यह यात्रा प्रारंभ कर रही है तथा जनता से अपील करती है कि भाजपा हटाओ, देश बचाओ भाजपा हटाओ लोकतंत्र बचाओ भाजपा हटाओ संविधान बचाओ क्योंकि नौ वर्ष पूर्व भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मे पूर्ववर्ती यू पी ए सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालो से पैदा हुये जनअसंतोष की लहर पर सवार होकर सत्ता सीन हुई थी।चुनाव प्रचार के दौरान जनता को "न खाउंगा न खाने दूंगा"के भ्रष्टाचार विरोधी नारे के साथ, हर साल दो करोड़ रोजगार ,हर व्यक्ति को पंद्रह लाख रुपये,किसानो की आय दुगनी करने के सब्ज बाग दिखाए गये थे।"दावा "सबका साथ सबका विकास का किया गया था" लेकिन अब जब मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल समाप्त होने को है, देश की मेहनतकश जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस करती है।देश मे सत्तर साल कुछ नही हुआ और जो कुछ हुआ वह पिछले नौ साल मे हुआ यह दावा करने वाली सरकार की कुल उपलब्धि यह है कि देश के 80करोड़ लोग पांच किलो राशन के लिए राशन दुकान के सामने लाइन लगाये खड़े हैं।रोजगार के अवसर बढ़ने की जगह घट गये हैं और मोदी जी पकौड़ा बेचकर रोजी रोटी कमाने की सलाह दे रहे हैं।पिछले नौ साल मे करीब बीस करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे ढकेल दिए गये हैं ।आज गरीबी,बेरोजगारी,मंहगाई, सामाजिक सुरक्षा ,महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य,शिक्षा, के विश्व मानकों मे भारत सबसे निचले पायदान पर है और इसमे निर॔तर गिरावट दर्ज की जा रही है ।मोदी सरकार के हर कदम ने जनता के ऊपर और अधिक अत्याचार और आर्थिक बोझ को बढाने का काम किया है चाहे वह नोटबंदी हो या कोरोना काल मे सरकार के नकारेपन के कारण हुई लाखों मौतें।

यह केवल संयोग नही है कि कोरोनाकाल मे जब लाखो लोग बेरोजगार हो रहे थे या भुखमरी का शिकार हो रहे थे तब अडानी ,अंबानी और दूसरे कार्पोरेट घरानो की संपत्ति मे इतना इजाफा हुआ कि वे दुनिया के दूसरे तीसरे नंबर के अमीर बन गये।जाहिर है कि यह संपत्ति आम जनता को लूटकर या मोदी सरकार के साथ मिली।

भगत से  मेहनतकश जनता द्वारा बनाये गयेसार्वजनिक संस्थानों को औने पौने दाम पर खरीद कर इकट्ठी की गई है और कमीशन बाजी मे भाजपा ने अरबों खरबों रुपये इकट्ठे किये है जिनका उपयोग वह विरोधी सरकारों को गिराने,चुनावों मे वोट खरीदने और विधायकों को खरीदकर लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए करती है।

मोदी सरकार ने हिंदू मुस्लिम के बीच नफ़रत की दीवार खड़ी करके देश को इतना  विभाजित कर दिया जितना 1300साल मे कभी नही हुआ। कभी गौहत्या, कभी लव जिहाद,कभी लैंड जिहाद और अब मजार जिहाद के नफरती  और झूठे नारे देकर अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ घृणा और हिंसा का माहोल खड़ा कर दिया गया और इस जहरीले अभियान को सरकार के सर्वोच्च स्तर से समर्थन प्राप्त है।अल्पसंख्यकसमुदायके खिलाफ इस सरकार मे कितनी घृणा है यह स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रममे हुए बदलाव से स्पष्ट है जिसमे मुगलकाल के साथ सांप्रदायिकता से संबंधित अध्याय तो हटाये ही भारत विभाजन के प्रबल विरोधी और देश के पहले शिक्षामंत्री मौलाना आजाद की पूरी भूमिका को भी हटा दिया।नई शिक्षा नीति के नाम पर वंचित तबकोंको शिक्षा से वंचित करने और वैज्ञानिक शिक्षा की जगह अंधविश्वासऔर पाठ्यक्रम को बढावा दिया जा रहा है।सार्वजनिक उद्योग का निजीकरण करके जहां देश के मेहनतकश  जनता की संपत्ति को लुटाया जा रहा है वहीं दलित आदिवासी समुदाय को आरक्षण से वंचित किया जा रहा है और किसानो की जमीन कभी बांध कभी उद्योग के लिए जबरदस्ती कौड़ियों के मोल छीना जा रहा है और आदिवासियो को उनकी जल, जमीन ,जंगल से बेदखलकिया जा रहा है।इस सरकार की नीतियों के कारण खेती का संकट कितना गहरा गया इसकी बानगी दिल्ली मे एक साल चले एतिहासिक किसान आंदोलन को सारी दुनिया ने देखी है। मोदी सरकार का सबसे बड़ा दावा देश को भ्रष्टाचार मुक्त  सरकार देने का था लेकिन हाल ही के अडानी प्रकरण ने साबित कर दिया है कि यह दावा कितना खोखला है।भ्रष्टाचार के प्रति अपने दोहरे मापदंड के कारण लोग भाजपा को वाशिंग मशीन बोलने लगे है।

देश की जनता के सामने  इस समय सबसे गंभीर चुनौती संविधान के नष्ट होने और लोकतंत्र के स्थान पर फासीवादी सत्ता स्थापित करने और मनुवादी संविधान लागू करने के प्रयासों की है।आज संसद पंगु हो गई है , न्यायपालिका का बड़ा वर्ग या तो दबाव मे है या सरकार का पक्षधर हो गया है ।चुनाव आयोग,सी बी आइ, ईडी और ऐसी ही तमाम एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी आवाज को कुचलने के लिए और चुनावी धांधली के लिए बहुत बेशरमी से किया जा रहा है और भारत का गोदी मीडिया इसमे सक्रिय भूमिका निबाह रहा है।आज से एक वर्ष के भीतर संसद का  चुनाव होने वाला है ,अगर इसमे भाजपा फिर से जीतती है तो वह भारतीय लोकतंत्र के लिए विध्वंस का दिन होगा इसलिए हर देश भक्त की यह जिम्मेदारी है कि वह देश मे फिर से भाजपा और मोदी को सत्ता से खदेड दिया जाये और देश मे फिर लोकतांत्रिक संविधान सम्मत धर्म निरपेक्ष सत्ता स्थापित हो सके।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आप सभी नागरिक गणोश से अपील और आह्वान करती है कि वे "भाजपा हटाओ देश बचाओ "के अभियान मे शामिल हों यात्रा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख नेता कामरेड विजय सिंह,  कामरेड विजेंद्र सोनी एडवोकेट,कामरेड जनक राठौर, कामरेड मोहन राठौर, कामरेड समरशाह कामरेड संतोष केवट, कामरेड महमूद, कामरेड लतीफ, कामरेड चंद्रिका केवट,,कामरेड सुरेन्द्र सिंह शामिल रहेंगे।

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