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पीएचई के कार्यपालन यंत्री 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, EOW की बड़ी कार्रवाई
*1.50 लाख पहले ले चुका था रिश्वत*
अनूपपुर
जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री ए.के. साह को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अनूपपुर स्थित उनके निजी निवास पर की गई।
पीएचई विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 में केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में पाइपलाइन बिछाने, घर-घर नल कनेक्शन प्रदान करने तथा संबंधित निर्माण कार्यों का ठेका रीवा की आरजीए कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने अनुबंध के अनुसार कार्य पूर्ण कर विभाग को सौंप दिया था। इसके बाद कंपनी के अंतिम भुगतान, सिक्योरिटी डिपॉजिट तथा एफडीआर की राशि जारी किए जाने की प्रक्रिया लंबित थी।
कंपनी का लगभग 14 लाख रुपये का अंतिम भुगतान, करीब 7 लाख रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि तथा लगभग 4 लाख रुपये की एफडीआर विभाग के पास लंबित थी। इन सभी देय राशियों को जारी करने के एवज में प्रभारी कार्यपालन यंत्री ए.के. साह द्वारा कंपनी के प्रतिनिधि एवं शिकायतकर्ता रामाश्रय यादव, निवासी बाणसागर कॉलोनी, रीवा से 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा से की। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी 1 लाख 50 हजार रुपये की पहली किस्त पहले ही प्राप्त कर चुका था। इसके बाद शेष राशि में से 30 हजार रुपये लेने के लिए उसने शिकायतकर्ता को 19 जून 2026 को अपने निजी निवास स्मार्ट सिटी, अनूपपुर बुलाया।
EOW रीवा की टीम ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि सौंपी और उसने रकम स्वीकार की, वैसे ही पहले से मौजूद EOW टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।
संबंधित अधिकारी के विरुद्ध लंबे समय से अनियमितताओं और रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। EOW की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। EOW मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिश्वत के पूरे लेन-देन सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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गुरु शिष्या के रिश्ते को तार-तार करती फोटो, मामला पुष्पराजगढ़ महाविद्यालय का इसे शोषण कहे या संरक्षण
*छात्र संगठन का अल्टीमेटम, तीन दिन करे कार्यवाही*.
अनूपपुर
पुष्पराजगढ़ स्थित शासकीय स्नातक महाविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में महाविद्यालय में पदस्थ शिक्षक डॉ. धर्मेंद्र सतनामी पर छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार करने और गलत तरीके से स्पर्श करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित शिक्षक छात्राओं से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और उनकी गतिविधियों से छात्राएं मानसिक रूप से परेशान एवं असहज महसूस कर रही हैं। छात्र संगठन का दावा है कि इससे पहले भी शिक्षक के खिलाफ इस प्रकार की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। मामले को लेकर छात्र-छात्राओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संगठन ने प्रशासन से तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर शिक्षक को निलंबित करने तथा अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। यदि कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन, कॉलेज घेराव और चक्का जाम जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
*शिक्षक पर छात्रा से अनुचित व्यवहार का आरोप*
महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रा से जुड़े इस मामले ने शिक्षा जगत को झकझोर दिया है। छात्र संगठन द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षक छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं और गलत स्पर्श जैसी हरकतें करते हैं। शिकायत के अनुसार इस तरह की घटनाओं से छात्राएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। छात्र संगठन का कहना है कि शिक्षा संस्थान छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए होते हैं, लेकिन यदि शिक्षक ही विवादों में घिर जाएं तो यह पूरे शैक्षणिक माहौल पर सवाल खड़े करता है। संगठन ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल जांच और कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
*छात्र संगठन का अल्टीमेटम, तीन दिन करे कार्यवाही*
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर आरोपी शिक्षक के खिलाफ ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। शिकायत पत्र की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा विभाग, कलेक्टर, विधायक, सांसद और पुलिस प्रशासन को भी भेजी गई है। संगठन का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने शिक्षक को तत्काल निलंबित करने और जांच पूरी होने तक महाविद्यालय से दूर रखने की मांग की है। इससे कॉलेज परिसर में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है।
*प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल*
मामले के सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें महाविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिक गई हैं। छात्र संगठन का आरोप है कि पहले भी संबंधित शिक्षक के खिलाफ शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पूर्व में शिकायतें थीं तो उन पर क्या कार्रवाई की गई। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच शुरू होने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला छात्राओं की सुरक्षा, महाविद्यालय की व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बड़ा मुद्दा बन गया है।
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पानी से बचने पेड़ के नीचे खड़ा था युवक, आकाशीय बिजली की चपेट में आने हुई मौत
शहडोल
जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के गोडारू गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। बताया गया कि युवक घर के पास स्थित खेत की ओर शौच के लिए गया था। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।
जानकारी के अनुसार गोडारू निवासी चंद्र प्रकाश केवट (22) पिता दशरथ केवट बारिश से बचने के लिए खेत में लगे एक आम के पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो गया। उसी समय तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा।
बिजली गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के घरों में मौजूद लोग बाहर निकले। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने युवक को आम के पेड़ के नीचे गंभीर हालत में पड़ा देखा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन और ग्रामीण तत्काल युवक को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की तथा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
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संस्कार लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में बनाया स्थान, 96% रहा परीक्षा परिणाम
अनूपपुर
संस्कार लॉ कॉलेज, अनूपपुर के विद्यार्थियों ने शंभूनाथ विश्वविद्यालय द्वारा घोषित बीए एलएलबी (Hons.) परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।
महाविद्यालय के छात्र सार्थक पटेल ने विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान, आशीष कुमार चौधरी ने द्वितीय स्थान तथा अनीता देवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही महाविद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 96 प्रतिशत रहा, जो संस्थान की उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता का परिचायक है।
महाविद्यालय के निर्देशक नवोद चपरा एवं प्राचार्य डॉ. आनंद कुमार द्विवेदी ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और महाविद्यालय के अनुशासित शैक्षणिक वातावरण का परिणाम है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों विद्यासागर मांझी, रविन्द्र कुमार यादव, सरिता चौरसिया, अभय शर्मा, पुष्पेन्द्र पटेल, अनुराग पाल तथा महाविद्यालय के अन्य सदस्य राम नरेश केवट लखन लाल केवट, रवि कुमार केवट, कुमारी शिवांगी गुप्ता, सुनील कुशवाहा, कमलेश कहार एवं श्यामबाई कहार ने भी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम और समर्पण से ही ऐसी उपलब्धियाँ प्राप्त होती हैं। महाविद्यालय परिसर में सफल विद्यार्थियों की सराहना की गई। भविष्य में भी संस्थान के विद्यार्थी शिक्षा और विधि के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय, जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।
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पति से विवाद पर पत्नी ने लगा ली फांसी, पुलिस की तत्परता से महिला की बच गई जान
शहडोल
जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में एक महिला आत्महत्या करने जा रही थी, लेकिन समय रहते पुलिस की टीम ने तत्परता और सूझबूझ से उसकी जान बचा ली। कुदरा टोला निवासी रज्जू और उसकी पत्नी चरकी के बीच खाना बनाने की बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि नाराज होकर महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों के काफी समझाइश देने के बावजूद जब महिला ने दरवाजा नहीं खोला तो मामले की सूचना तत्काल धनपुरी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही धनपुरी थाने में पदस्थ आरक्षक प्रिंस अग्रवाल और कोमल लोधी मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए कमरे का दरवाजा खुलवाया और अंदर पहुंचकर फांसी के फंदे पर झूल रही महिला को नीचे उतारा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण महिला की सांसें चलती रहीं और उसकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती तो महिला की मौत हो सकती थी। घटना के बाद महिला को आवश्यक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पति रज्जू के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला की जान बचाने का लाइव वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में धनपुरी पुलिस की सराहना हो रही है।
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आधे घंटे की बारिश में डूबी व्यवस्था, दुकानों में घुसा पानी, नपा व जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अनूपपुर
जिला मुख्यालय में शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे हुई महज आधे घंटे की बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नगर के प्रमुख मार्ग पर स्थित प्रगतिशील ढाबा के सामने अनिल राठौर की दुकान में बारिश का पानी घुस गया, जिससे दुकान संचालक को आर्थिक एवं व्यावसायिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से बारिश के दौरान इसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित होती रही है, लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। नालियों की समुचित सफाई, जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था तथा आवश्यक निर्माण कार्यों के अभाव में हर वर्ष नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा समय-समय पर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में उन दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है। आधे घंटे की वर्षा में ही सड़कें जलमग्न हो गईं और पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे नगर प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए तथा स्थायी जल निकासी योजना बनाकर उसका तत्काल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी मानसून में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
यह प्रश्न अब केवल एक दुकान या एक मोहल्ले का नहीं, बल्कि पूरे नगर की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही का बन चुका है। आखिर हर वर्ष एक जैसी समस्या सामने आने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन स्थायी समाधान क्यों नहीं खोज पा रहे हैं? जनता को अब आश्वासनों नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों की अपेक्षा है।
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राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता का हुआ भव्य समापन विजेता एवं उपविजेता प्रदान की ट्रॉफी
उमरिया
जिला मुख्यालय उमरिया स्थित स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता का गरिमामयी वातावरण में समापन हुआ। चार दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों से आई टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया। समापन समारोह में विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं सम्मान प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल ने खिलाडि़यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में हार और जीत खेल का अभिन्न हिस्सा हैं। पराजित टीमों को निराश होने के बजाय अपनी कमियों का विश्लेषण कर भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने खिलाडि़यों को शिक्षा के महत्व से भी अवगत कराते हुए कहा कि खेल और पढ़ाई दोनों में संतुलन बनाकर ही जीवन में बड़ी सफलताएं हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटियां खेल जगत में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ा रही हैं। श्रीमती पटेल ने सभी प्रतिभागी टीमों, प्रशिक्षकों तथा विजेता एवं उपविजेता खिलाडि़यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
सीईओ जिला पंचायत एवं प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी अभय सिंह ने कहा कि उमरिया में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन जिले के लिए गौरव की बात है। ऐसे आयोजन खिलाडि़यों को अपनी प्रतिभा निखारने और प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक उत्साह का माहौल बना रहा, जिसने प्रतियोगिता को सफल, प्रेरणादायक और यादगार बना दिया।
समाचार 08
घायल व्यक्ति को मंत्री नगर सिंह चौहान ने भिजवाया अस्पताल
उमरिया
जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने उमरिया से भोपाल जाते समय मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की। प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल व्यक्ति की पहचान परमेश्वर दुबे, निवासी ग्राम चंदिया के रूप में हुई।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी मंत्री श्री चौहान ने अपनी पायलट वाहन की सहायता से घायल को तत्काल बड़वारा अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि उसे शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों द्वारा घायल का उपचार प्रारंभ किया गया। साथ ही बड़वारा थाना पुलिस द्वारा उनके परिजनों को घटना की सूचना भी दे दी गई।
चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल परमेश्वर दुबे का परीक्षण एवं उपचार किया, किन्तु सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।