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अनूपपुर को ‘पावर हब’ बनाने की कीमत, किसानों की जमीन, जंगल और पर्यावरण पर संकट, विकास की जगह विनाश
*पुलिस प्रशासन बाउंसरो के दबाव में हुई जनसुनवाई, ग्रामीणों किसानों की दबा दी गई आवाज*
*एसीसी माइनिंग, सत्ता, प्रशासन व कॉर्पोरेट का ‘अवैध’ गठजोड़, का दिखा नजारा*
अनूपपुर।
जिले के जैतहरी क्षेत्र अंतर्गत लामाटोला कोल ब्लॉक के तहत बसखली, लामटोला, रेउला और गढ़ी गांवों में प्रस्तावित कोयला खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान किसानों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लगभग 1030 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण से जुड़ी इस परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है तथा प्रभावित लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन, सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों और निजी सुरक्षा कर्मियों के दबाव में जनसुनवाई की प्रक्रिया संचालित की गई। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्हें अपनी बात खुलकर रखने का अवसर नहीं दिया गया और विरोध के स्वर को दबाने का प्रयास किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एकतरफा निर्णय को वैधता देने का प्रयास था।
*विकास नहीं, विनाश की ओर बढ़ रहा अनूपपुर*
अनूपपुर जिला पहले से ही कई बड़े औद्योगिक और ऊर्जा परियोजनाओं का केंद्र बन चुका है। अमरकंटक ताप विद्युत गृह, हिंदुस्तान पावर (मोजर बेयर), आर्या एनर्जी, सहित कई परियोजनाएं जिले में संचालित हैं
अडानी थर्मल पावर प्लांट, न्यू इंडिया जोन (टोरंट पावर) अमरकंटक विद्युत गृह का नया प्लांट, हिंदुस्तान पॉवर का नया प्लांट जैसे अन्य परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले को ‘पावर हब’ बनाने की होड़ में प्राकृतिक संसाधनों, कृषि भूमि और स्थानीय आबादी के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पहले उद्योग स्थापित किए गए थे, वहां रोजगार, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के जो वादे किए गए थे, वे आज भी अधूरे हैं। इसके बावजूद नई परियोजनाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
*एसीसी माइनिंग परियोजना पर उठे गंभीर सवाल*
लामाटोला कोल ब्लॉक से जुड़ी एसीसी माइनिंग परियोजना अब विवादों के केंद्र में आ गई है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी द्वारा किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और वन क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यह परियोजना केवल खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों लोगों के भविष्य, आजीविका और पर्यावरणीय संतुलन पर सीधा प्रभाव डालने वाली है। ग्रामीणों का आरोप है कि सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में कंपनी को विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
*पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी के आरोप*
जनसुनवाई के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट को लेकर सामने आया। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। कई लोगों ने दावा किया कि EIA रिपोर्ट की प्रतियां गांवों में उपलब्ध नहीं थीं, जिससे आम नागरिक परियोजना के संभावित प्रभावों को समझ ही नहीं सके। पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी भी बड़े खनन प्रोजेक्ट के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष पर्यावरणीय मूल्यांकन आवश्यक होता है। यदि प्रभावित समुदायों को पर्याप्त जानकारी ही उपलब्ध नहीं कराई गई, तो जनसुनवाई की प्रक्रिया की वैधता और निष्पक्षता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
*जंगल, जलस्रोत और जैव विविधता पर खतरा*
प्रस्तावित कोयला परियोजना जिस क्षेत्र में स्थापित की जा रही है, वह प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन गतिविधियों के कारण जंगलों की कटाई बढ़ेगी, भूजल स्तर प्रभावित होगा और क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों पर संकट उत्पन्न होगा। परियोजना शुरू होने के बाद प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे खेती, पशुपालन और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
*किसानों के भविष्य पर मंडराता संकट*
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसानों में गहरी चिंता है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और जमीन छिन जाने के बाद उनके पास रोजगार का कोई स्थायी विकल्प नहीं बचेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कई किसानों का कहना है यदि उनकी जमीन चली गई तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य क्या होगा। उनका कहना है कि केवल आर्थिक मुआवजा किसी किसान की पीढ़ियों से जुड़ी भूमि और आजीविका का विकल्प नहीं हो सकता।
*जनसुनवाई बनी खानापूर्ति?*
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि जनसुनवाई की प्रक्रिया महज औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका कहना है कि प्रशासन और कंपनी पहले से तय एजेंडे के अनुसार प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मांग की है कि परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा पर्यावरणीय अध्ययन कराया जाए तथा प्रभावित गांवों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण न किया जाए।
*न्याय की मांग*
बसखली, लामटोला, रेउला और गढ़ी सहित प्रभावित गांवों के लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जो किसानों को विस्थापित कर दे, जंगलों को नष्ट कर दे और पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ दे। ग्रामीणों ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और जनसुनवाई प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है। क्या सत्ता प्रशासन औद्योगिक विकास की दौड़ में किसानों, जंगलों और पर्यावरण की आवाज एक बार फिर दबा दी जाएगी। अनूपपुर की जनता आज इसी प्रश्न का उत्तर तलाश रही है।
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युवक से तीन लोगो ने की मारपीट और जान से मारने की धमकी, मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
अनूपपुर
अनूपपुर
थाना बिजुरी क्षेत्र में जन्मदिन पार्टी के बाद हुए विवाद में एक युवक के साथ कथित रूप से मारपीट किए जाने तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक की शिकायत पर बिजुरी पुलिस ने तीन आरोपितों पर अपराध क्रमांक 218/2026 पंजीबद्ध करते हुए धारा 296(बी), 115(2), 351(2) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।
सागर सरकार (20 वर्ष) पिता रतन सरकार, निवासी वार्ड क्रमांक 09 लेदरी, थाना झगराखांड, जिला एमसीबी (छत्तीसगढ़), हाल निवासी केंटीन के पास मोहाड़ा दफाई, बिजुरी अपनी पत्नी अर्चना कोल के साथ थाना बिजुरी पहुंचा और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
फरियादी गौरव सेन से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान रुद्र बंसल वहां पहुंचा और उसका मोबाइल फोन अपने हाथ में ले लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उसने अपना मोबाइल वापस मांगा तो रुद्र बंसल ने उसका फोन जमीन पर पटक दिया। इस बात का विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया।विवाद बढ़ने पर रुद्र बंसल ने अपने साथी रोनित बंसल और बादल कोल को भी वहां बुला लिया। इसके बाद तीनों ने कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। फरियादी ने पुलिस को बताया कि रोनित बंसल ने हाथ में रखे डंडे से उसके हाथ पर वार किया, जबकि बादल कोल और रुद्र बंसल ने उसे पकड़कर हाथ-मुक्कों और पाइप से मारपीट की। तीनों आरोपित उसे धमकाते हुए कह रहे थे कि "आज तो बच गया, दोबारा मिला तो जान से खत्म कर देंगे।
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तेज रफ्तार मेटाडोर ने बाइक को मारी टक्कर, एक की मौत, एक घायल अस्पताल में भर्ती
शहडोल
जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-43 के पंचवटी चौराहे के समीप तेज रफ्तार ईंट लोड डग्गी ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया, दोनों युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था, हेमलेट की अनिवार्यता अगर समझकर यदि हेलमेट पहने होते तो शायद जान बच जाती। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत लगातार हेलमेट पहनने की अपील की जाती है, लेकिन लोग अब भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।
मृतक की पहचान सागर कोल (21 वर्ष), पिता सुंदर कोल, निवासी करण तलैया, अमन होटल के पास के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सागर अपने साथी करण कोल के साथ बाइक से ससुराल जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ईंट लोड डग्गी ने बाइक को टक्कर मार दी, हादसा इतना भीषण था कि सागर कोल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि करण कोल गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ार पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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यात्री सोता रहा चोर ने मोबाइल कर दिया पार, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
शहडोल
शहडोल रेलवे स्टेशन पर एक मोबाइल चोरी की घटना स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। एक यात्री स्टेशन परिसर में गहरी नींद में सो रहा था। इस दौरान उसका मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगा हुआ था। मौके का फायदा उठाते हुए एक व्यक्ति वहां पहुंचा और मोबाइल फोन चोरी कर वहां से निकलने का प्रयास करने लगा।
हालांकि आरोपी को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि मोबाइल चोरी की पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड हो जाएगी। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे उसकी पहचान और तलाश में सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिल सकती है।
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा आधुनिक निगरानी व्यवस्था विकसित की गई है। स्टेशन परिसर में होने वाली हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाती है। यही कारण है कि अपराधी तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आते हैं।
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माफिया बेख़ौफ़, नियमो की उड़ा रहे हैं धज्जियां, खुलेआम अवैध उत्तखनन कर नादियों का सीना छलनी, वीडियो वायरल
*दिव्यप्रकाश, मथुरा, अमन, विजय मिलकर रेत का कर रहे हैं, जेसीबी लगाकर अवैध उत्तखनन व परिवहन*
शहडोल
जिले में अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने के तमाम दावों के बीच रेत माफिया खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार शहडोल जिले में रेत का ठेका न होने के कारण उमरिया जिले में बैठा रेत ठेकेदार का दलाल दिव्यप्रकाश अपने साथी मथुरा, अमन व विजय के साथ मिलकर शहडोल जिले में अवैध रेत का उत्तखनन करवाकर परिवहन करवा रहा है। पूरे जिले में अपनी टीम को बैठाकर दिन रात नदियों का सीना छलनी कर रहा है।
जैतपुर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े नदी से जेसीबी मशीन के जरिए रेत निकालने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही कार्रवाई और सख्ती के दावों के बावजूद माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी डर के नदियों का सीना छलनी करने में जुटे हैं।
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह जैतपुर थाना क्षेत्र के डोंगरी टोला हथगला स्थित कुनुक नदी का है। वीडियो में जेसीबी मशीन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रालियों में रेत लोड की जाती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिनदहाड़े नदी से रेत निकालकर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। कुछ दिन पहले भी कुनुक नदी के भीतर अवैध रेत भंडारण का वीडियो सामने आया था। इसके बाद भी खनन गतिविधियां जारी रहने के आरोप लग रहे हैं। क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन हो रहा है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।
2 दिन पहले सोहागपुर और कोतवाली थाना क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन रोकने निकले वन कर्मियों पर हमला किए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। दो अलग-अलग मामलों में खनन से जुड़े लोगों द्वारा वन विभाग के कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने का आरोप है, जिससे प्रशासनिक अमले की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जैतपुर क्षेत्र के विभिन्न घाटों से जेसीबी के जरिए रेत निकालकर ट्रैक्टर-ट्रालियों से बाहर लाई जाती है और बाद में बड़े वाहनों में भरकर परिवहन किया जाता है। लोगों का कहना है कि दिन-रात हाइवा और अन्य भारी वाहन सड़कों पर चलते दिखाई देते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी रोक नहीं लगा पा रहे हैं। वही जिला खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने कहा कि विभाग को जहां भी अवैध खनन या भंडारण की सूचना मिलती है, वहां कार्रवाई की जाती है।
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निर्माणाधीन बस स्टैंड दुकानों की दीवारों में आई दरारें, गुणवत्ता पर उठे सवाल, कार्यवाही की मांग
समाचार
नगर पालिका बिरसिंहपुर पाली द्वारा साईं मंदिर के समीप निर्मित नया बस स्टैंड एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बस स्टैंड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि दुकानों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। उद्घाटन से पहले ही शुरू हुए मरम्मत कार्य ने नगरवासियों को चिंता में डाल दिया है।
बस स्टैंड परिसर की दुकानों की पिछली दीवारों में दरारें नजर आने लगी थीं। ठेकेदार द्वारा दीवार के हिस्से को तोड़कर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के पूरा होने के कुछ ही समय बाद इस तरह की खामियां सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
बस स्टैंड निर्माण कार्य की शुरुआत से ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई लोगों ने निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं, लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों ने इन शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया।
नगर पालिका बिरसिंहपुर पाली के नेता प्रतिपक्ष संजीव खंडेलवाल ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बस स्टैंड निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उद्घाटन से पहले ही भवन की स्थिति खराब होने लगी है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने इस स्थिति पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बिरसिंहपुर पाली में शानदार बस स्टैंड का निर्माण कराया गया है, और अगर उद्घाटन से पहले ही उसमें जर्जरता जैसी स्थिति सामने आती है, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने इस मुद्दे की जानकारी लेने की बात कही है।
समाचार 07
बाइक ट्रैक्टर की टक्कर, दो की हुई मौत, एक घायल अस्पताल में भर्ती
उमरिया
जिले के अमरपुर चौकी अंतर्गत महरोई मोड़ के पास रात हुए सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाइक और ट्रैक्टर के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिससे तीनों युवक सड़क पर गिर गए।
हादसे में अजय कोल (30 वर्ष) पिता लालमन कोल निवासी बरकुला थाना बदेरा तथा करण (25 वर्ष) पिता गया प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई, दोनों आपस में साला-बहनोई बताए जा रहे हैं, वहीं अमन (24 वर्ष) पिता राजू निवासी बिहरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।