भुंडाकोना घाट जंगल में फिर दिखा बाघ का शावक, बस पर 62 हजार का जुर्माना


अनूपपुर

जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक से शहडोल मार्ग स्थित भुंडाकोना घाट जंगल क्षेत्र में 19–20 फरवरी 2026 की दरमियानी रात लगभग 12 से 1 बजे के बीच एक बाघ के शावक को देखे जाने की सूचना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फररी सेमर के दाहिने ओर के जंगल से निकलकर जालेश्वर  की ओर, उमर गोहान दिशा में सड़क पार करते हुए एक शावक बाघ दिखाई दिया।

बताया गया है कि अमरकंटक नगर के वरिष्ठ पत्रकार धनंजय तिवारी के पुत्र अंजय तिवारी मनू अपनी पत्नी के साथ रात्रि में शहडोल से चौपहिया वाहन द्वारा घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनके वाहन के सामने से बाघ का शावक सड़क पार करता हुआ दिखाई दिया। अंजय तिवारी ने सावधानी बरतते हुए वाहन की गति धीमी कर दी और शावक को सुरक्षित जंगल की ओर जाते देखा। उस समय मार्ग पर अन्य कोई वाहन नहीं था।

घटना की जानकारी अगले दिन वन विभाग के परिक्षेत्र कार्यालय को दी गई। अमरकंटक वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाघ की मौजूदगी की सूचना परिक्षेत्राधिकारी वीरेंद्र श्रीवास्तव को भी दे दी गई है। उन्होंने मामले की जांच के निर्देश देते हुए आसपास के ग्रामवासियों एवं वन क्षेत्र के निवासियों से सतर्क रहने, जंगल क्षेत्र से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की गतिविधि दिखने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।

*बिना परमिट दौड़ रही यात्री बस पर 62 हजार का जुर्माना*

अनूपपुर में जांच के दौरान बस क्रमांक MP-65-ZC-6602 को रोका गया। दस्तावेजों की गहन जांच में बस का वैध परमिट नहीं पाया गया। नियमों के स्पष्ट उल्लंघन पर तत्काल वाहन को जब्त कर वैधानिक प्रकरण तैयार किया गया।लगातार 10 दिनों तक वाहन जब्त* रहने के बाद संबंधित वाहन स्वामी को 62 हजार का भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ा। इस सख्त कार्यवाही से अन्य वाहन संचालकों में भी स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ेगी।

बोर्ड परीक्षा ड्यूटी का करेंगे बहिष्कार, पटवारी अनिश्चित कलम बंद हड़ताल पर वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी 

*मुख्य सचिव, कलेक्टर, डीईओ को पत्र लिख दी चेतावनी*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर विज्ञापन देते हुए चेतावनी दिया गया था की जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी हमारा अधिकार नहीं दिया जाएगा तब तक हम अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे ।जिले में पटवारी संघ ने अपनी मांगों और लंबित वेतन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 25 फरवरी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 26 फरवरी से वे माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में दी जा रही सेवाओं का बहिष्कार करेंगे।

पटवारी पिछले आठ दिनों से कलमबंद हड़ताल पर हैं। संघ का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से पटवारी आर्थिक संकट में हैं। इस संबंध में जिलाध्यक्ष चेतन सिंह मरावी के नेतृत्व में मुख्य सचिव, राजस्व विभाग और शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि वेतन के अभाव में पटवारियों को राशन खरीदने, बच्चों की फीस जमा करने और बैंक की किश्त चुकाने में परेशानी हो रही है। कई पटवारियों के पास परीक्षा केंद्रों तक जाने के लिए वाहनों में ईंधन भराने तक के पैसे नहीं बचे हैं।

संघ का कहना है कि हड़ताल पर होने के बावजूद छात्र हित को देखते हुए वे अब तक कलेक्टर प्रतिनिधि की जिम्मेदारी निभा रहे थे। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण अब काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। संघ ने आरोप लगाया कि 11  दिन बीतने के बाद भी प्रशासन ने बातचीत या समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।

जिले में इस समय बोर्ड परीक्षाओं के लिए 59 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कलेक्टर प्रतिनिधि की भूमिका परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा के लिए अहम मानी जाती है। पटवारी संघ ने कहा है कि 25 फरवरी तक वे सहयोग करेंगे, इसके बाद की स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। संघ के इस अल्टीमेटम से शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हलचल बढ़ गई है। पटवारी संघ का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं की जाती तब तक हम कलम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहेंगे।

पंचायत में मनरेगा घोटाले के आरोप, जातिवाद, फर्जीवाड़ा और राशि की बंदर-बांट का मामला उजागर

*राशि के आहरण में रोजगार सहायक, इंजीनियर व सचिव की मिलीभगत*


अनूपपुर

जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत मौहरी में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पंचायत में कार्यरत मजदूरों ने रोजगार सहायक कमलेश राठौर एवं संबंधित जूनियर इंजीनियर पर भ्रष्टाचार, जातिसूचक टिप्पणी और फर्जी मूल्यांकन के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मजदूरों का कहना है कि लघु तालाब निर्माण कार्य सहित अन्य कार्यों में लगे श्रमिकों के साथ रोजगार सहायक द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। आरोप है कि जातिसूचक टिप्पणियां कर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है तथा कार्य का मूल्यांकन मनमाने ढंग से कम कर मजदूरी में अवैध कटौती की जाती है। इससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों के अनुसार जब उन्होंने इस संबंध में रोजगार सहायक से सवाल किया तो उन्होंने जिम्मेदारी संबंधित इंजीनियर पर डाल दी। वहीं इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि वह रोजगार सहायक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही मूल्यांकन करती हैं। मजदूरों का आरोप है कि संबंधित इंजीनियर पिछले पांच महीनों से कार्यस्थल पर नहीं आईं और बिना भौतिक निरीक्षण के ही मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

मजदूरों और ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कई प्रधानमंत्री आवासों की छत आज तक नहीं डाली गई, लेकिन हितग्राहियों से कथित रूप से राशि लेकर फर्जी जियो-टैग फोटो अपलोड कर भुगतान निकाल लिया गया। इसके अलावा ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के तहत वृक्षारोपण के नाम पर डिमांड लगाकर मजदूरी और सामग्री की राशि आहरित कर ली गई, जबकि धरातल पर पौधारोपण नहीं हुआ। रोजगार सहायक पर यह भी आरोप है कि अपने सहयोगी मेट के माध्यम से कुछ मजदूरों के नाम फर्जी रूप से जोड़कर डिमांड लगाई गई और उनके नाम से भुगतान निकाल लिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय राशि के आहरण में रोजगार सहायक, इंजीनियर और सचिव की कथित मिलीभगत है, जिसके चलते राशि की बंदर-बांट की जा रही है। पंचायत में लगातार शिकायतें होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रोजगार सहायक द्वारा कथित कमीशनखोरी एवं फर्जी हाजिरी भरना। बाउंड्री वॉल एवं निर्मल नीर कुआं निर्माण में अनियमितता। सीसी रोड एवं खेत तालाब कार्यों में फर्जी हाजिरी मनरेगा कार्यों में अपने व्यक्ति को मेट नियुक्त कर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराना। पूर्व एवं वर्तमान में संचालित सभी कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग। ग्रामीणों एवं मजदूरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और श्रमिकों को न्याय मिल सके।

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