खेलो एमपी यूथ गेम्स’ पर गंभीर आरोप, जमुना कॉलरी के खिलाड़ियों का तीखा विरोध, धमकाते दिखे बादल राय


अनूपपुर

जिला स्तरीय खेलो एमपी यूथ गेम्स के आयोजन के दौरान नियमों के उल्लंघन, बाहरी खिलाड़ियों को अनुचित रूप से शामिल करने और स्थानीय खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आए हैं कोयलांचल क्षेत्र की जमुना कॉलरी से आए युवा खिलाड़ियों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है खिलाड़ियों का आरोप है कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता होने के बावजूद दूसरे जिलों, विशेषकर जबलपुर से खिलाड़ियों को बुलाकर खिलाया गया, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं के साथ सीधा अन्याय हुआ

खिलाड़ियों के अनुसार प्रतियोगिता पुलिस ग्राउंड अनूपपुर में आयोजित की गई थी नियमों पर सवाल उठाने पर आयोजक पक्ष से जुड़े बादल राय द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और धमकी दी गई खिलाड़ियों ने वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं, जिनमें कथित रूप से पुलिस बुलाकर बच्चों को डराने की धमकी देते हुए बादल राय नजर आ रहे हैं

अविनाश चौधरी खिलाड़ी जमुना कॉलरी ने बताया कि जिला स्तरीय खेलो एमपी यूथ गेम्स खेलने के लिए अनूपपुर गए थे वहां देखा कि हमारे जिले के खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने के बजाय जबलपुर सहित दूसरे जिलों से खिलाड़ियों को बुलाकर खिलाया जा रहा है जब हमने नियमों के अनुसार इसका विरोध किया तो बादल राय ने हमसे कहा कि ‘हमें जो करना है हम करेंगे, तुम्हें जहां शिकायत करना है कर दो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ने वाला’ इसके बाद हमारे साथ गाली-गलौज की गई और हाथापाई भी हुई हमारे साथ गलत व्यवहार किया गया, जिससे हम सभी खिलाड़ी मानसिक रूप से परेशान हो गएजमुना कॉलरी के सभी खिलाड़ियों ने एक स्वर में मांग की है कि प्रस्तुत वीडियो साक्ष्यों के आधार पर बादल राय के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो 

वर्दीधारी एएसआई ने नशे में स्काउट छात्र को पीटा, आवेदन पर प्राचार्य द्वारा थाना प्रभारी को लिखा पत्र


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर की धरती से ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस सिस्टम के माथे पर सवालिया निशान लगा दिया है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की वही ग्राउंड जहाँ बच्चे देशभक्ति, अनुशासन और सेवा का पाठ सीखते हैं वहीं एक शराबी वर्दीधारी पुलिसकर्मी ने वर्दी के नशे, गाली और तमाचे से कलंकित कर दिया।कक्षा दसवीं के छात्र सागर यादव का कसूर सिर्फ इतना था कि वह स्काउट की ट्रेनिंग ले रहा था। आरोप है कि सहायक उप-निरीक्षक (ASI) परसादीलाल, शराब के नशे में, मुंह में गुटखा दबाए, शर्ट के बटन खुले हुए, ग्राउंड पर पहुंचा और नाबालिग छात्र का हाथ पकड़कर खींचा, फिर गले पर जोरदार तमाचा जड़ दिया।इतना ही नहीं—वर्दी की आड़ में घटिया भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा गया—“हमारी उम्र में होते तो .... मार कर परेड कराते थे।”यह कोई बयान नहीं—यह एक विकृत मानसिकता का खुला कबूलनामा है।

घटना के समय पूरी स्काउट टीम और कमांडर मौके पर मौजूद थे। यानी यह हमला किसी कोने में नहीं, खुले मैदान में सबके सामने हुआ। यह घटना बीते दिनांक 19 जनवरी 2026 के सायं लगभग 5:00 बजे की बताई जा रही है जहां पर शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर के स्काउट छात्रों को 26 जनवरी की तैयारी को लेकर एक पुलिसकर्मी के द्वारा परेड कराई जा रही थी। मारपीट की घटना के पश्चात छात्र ने अपना लिखित आवेदन प्राचार्य को प्रस्तुत किया संबंधित विद्यालय के प्राचार्य ने मूलत: आवेदन को थाना प्रभारी अनूपपुर के नाम प्रेषित कर छात्र को रिसीविंग दी गई है। अब देखना है कि पुलिस प्रशासन निर्दोष नाबालिक छात्र को न्याय देते हुए क्या कार्रवाई करती है।

सवाल यह भी है अगर आज एक छात्र पिटा, तो कल किसकी बारी?वीडियो कैमरे के सामने सवाल और वर्दी का डर,घटना के बाद जब पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर संबंधित पुलिसकर्मी से सवाल किए गए, तो सच्चाई और भी ज्यादा चौंकाने वाली सामने आई।कैमरा चालू होते ही पुलिसकर्मी ने सबसे पहले अपना नेम बैच  निकालकर जेब में रख लिया।इसके बाद पत्रकार द्वारा सवाल किया गया “स्काउट सीख रहे बच्चों को मारना क्या सही था?”इस पर पुलिसकर्मी ने जवाब दिया “मैंने ना मारा है, ना कुछ किया है।”जब अगला सीधा सवाल किया गया “नाबालिग बच्चों पर हाथ उठाना क्या पुलिस की ड्यूटी है?”तो इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया। पुलिसकर्मी सीधे अपनी गाड़ी में बैठे और मौके से निकल लिए।

लाखों की चोरी से मचा हड़कंप, नागपुर गए परिवार की गैरमौजूदगी में चोरों ने दिया वारदात को अंजाम


अनूपपुर

जिले के भालूमाड़ा थाना अंतर्गत बदरा निवासी शिवांश राजपूत के घर बीती रात करीब 2 बजे अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने घर में घुसकर सभी कमरों के ताले तोड़ दिए और बड़ी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी के जेवरात सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हाथ साफ कर दिया।

बताया जा रहा है कि शिवांश राजपूत अपने परिजन को इलाज के लिए नागपुर लेकर गए हुए थे। इसी दौरान सूने घर को निशाना बनाकर चोरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया। चोरी की यह घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है, जिसकी फुटेज भी सामने आई है। फुटेज के आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।

पीड़ित परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस चोरी में लगभग एक करोड़ रुपये के आसपास की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। चोरी में नकद राशि (कैश), सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ कई अहम कागजात भी गायब बताए जा रहे हैं। फिलहाल परिवार घर से बाहर था और उन्हें चोरी की सूचना वीडियो कॉल के माध्यम से मिली। घर पहुंचने के बाद चोरी गए सामान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

शिवांश राजपूत ने बताया कि वे लगातार पुलिस प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं और समाज को जागरूक करने का कार्य भी करते हैं। इसके बावजूद उनके साथ इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस बड़ी चोरी का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।

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