डॉक्टर सत्यनारायण तिवारी छत्तीसगढ आध्यात्म विभूषण सम्मान से हुए सम्मानित 


लोरमी

लोरमी-मनियारी साहित्य एवम सेवा समिति लोरमी के अध्यक्ष, श्रीमद्भागवत व मानस परिवार छत्तीसगढ के संयोजक व संस्थापक, शिक्षाविद, साहित्यकार, कथावाचक एवम समाज सेवक डाक्टर सत्यनारायण तिवारी हिमान्शु महाराज को विभिन्न क्षेत्रो मे किए गए योगदान के लिए, सरस्वती शिशु मंदिर तिलकनगर बिलासपुर के सभागार मे छत्तीसगढ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डाक्टर विनय कुमार पाठक,छत्तीसगढ राज भाषा आयोग के सचिव डाक्टर अभिलाषा बेहार,वरिष्ट समाज सेवी एस डी बडगैया,डॉक्टर रमेश चंद्र श्रीवास्तव,डॉक्टर बिष्णु कुमार तिवारी के कर कमलो राज्य स्तरीय  छत्तीसगढ आध्यात्म विभूषण सम्मान 2026 से पर्यावरण एवम पर्यटन विकास समिति बिलासपुर द्वारा सम्मानित किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरदीबान्ध के प्रधानपाठक सारधा लोरमी निवासी डॉक्टर तिवारी इसके पूर्व राज्यपाल सम्मान सहित करीब दो सौ से अधिक शासकीय/अशासकीय सम्मान से सम्मानित किए जा चूके है। सरस्वती शिशु मंदिर तिलकनगर बिलासपुर के सभागार मे शाम 6 बजे डॉक्टर  तिवारी सहित 24 विभूतियो का सम्मान तथा विभिन्न प्रकार की पर्यावरण संरक्षण व जागरण के कार्यक्रम समिति  व छात्र छात्राओ को प्रशस्तिपत्र व मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। उक्त जानकारी समिति क अध्यक्ष डाक्टर विवेक तिवारी एवम कार्यक्रम संचालक डॉक्टर राघवेन्द्र दुबे ने दी। राज्य स्तरीय छत्तीसगढ आध्यात्म विभूषण सम्मान 2026से सम्मानित होने पर केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू उपमुख्यमंत्री अरूण साव, जनपद अध्यक्ष वर्षा विक्रम सिंह, उपाध्यक्ष राजेंद्र साहू, नगर पालिकाध्यक्ष सुजीत वर्मा, उपाध्यक्ष डाक्टर अशोक जायसवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिको एवम संगठनो ने  डॉक्टर सत्यनारायण तिवारी हिमान्शु महाराज को हार्दिक बधाई प्रेषित किए है। कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने बधाई दी और कहा कि डॉ सत्यनारायण तिवारी साहित्य, समाज व धर्म सेवा में प्रेरणादायक कार्य कर रहे हैं।

पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से गला काटकर कर दी हत्या, घर मे खून से लथपथ मिली लाश, आरोपी हुआ फरार


शहडोल

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के लेदरा गांव में एक महिला की गला काटकर हत्या कर दी गई। घर के अंदर महिला का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद से पति फरार है, जिसके चलते पुलिस का शक उसी पर गहराया हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान माया यादव (30 वर्ष), पत्नी कमाता यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटनास्थल से खून से सनी एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में महिला, उसका पति और उसकी बुजुर्ग सास मौजूद थे। सुबह पड़ोसियों ने घर के भीतर महिला का शव देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।

पुलिस पूछताछ में मृतका की बुजुर्ग सास ने बताया कि उसका बेटा मजदूरी का कार्य करता है। शुक्रवार रात वह काम से लौटकर देर रात करीब 12 बजे घर पहुंचा। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया, जहां उसकी पत्नी भी मौजूद थी। सास के अनुसार रात में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के दौरान महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद से पति घर से फरार है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

आदिवासी मजदूरों के साथ गाली-गलौज व मारपीट का आरोप, जेएमएस कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

*मैनेजर, कमर्शियल अधिकारी व सेफ्टी ऑफिसर ने किया जातिसूचक शब्दो का उपयोग* 


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा । थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत एक निजी कंपनी में कार्यरत आदिवासी मजदूरों द्वारा जातिगत उत्पीड़न, कथित मारपीट, धमकी एवं अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की गई है। मजदूरों द्वारा थाना कोतमा में प्रस्तुत सामूहिक शिकायत पत्र में कंपनी के कुछ अधिकारियों पर कार्यस्थल पर अपमानजनक व्यवहार करने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है तथा शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार जे.एम.एस. (JMS) कंपनी में कार्यरत आईआर मैनेजर सुदीप कुमार दुबे, कमर्शियल अधिकारी शुभम रैकवार तथा सेफ्टी ऑफिसर कुलदीप कुमार के विरुद्ध मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि मजदूर कंपनी में नियमित रूप से श्रम कार्य करते हैं और कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 4 जून को ड्यूटी एवं कार्य संबंधी विवाद के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

मजदूरों का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित रूप से धमकीपूर्ण व्यवहार कर भय का वातावरण निर्मित किया गया, जिससे मजदूरों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि घटना के बाद से वे स्वयं तथा उनके परिवार मानसिक तनाव और भय की स्थिति में हैं।

शिकायत पत्र में युगुल सिंह गोंड़, छोटेलाल पनिका, गजरूप सिंह गोंड़ सहित अन्य मजदूरों के हस्ताक्षर हैं। मजदूरों ने सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में थाना कोतमा प्रभारी रत्नांबर शुक्ल ने बताया कि मजदूरों द्वारा सामूहिक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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