अवैध उत्खनन-परिवहन पर अवैध रेत खनिज विभाग ने की जप्त, 26 नग भैंस पुलिस ने किया जप्त


अनूपपुर

जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 6 जून शनिवार को तहसील कोतमा अंतर्गत ग्राम लोहसरा-बिजुरी में अवैध रूप से भंडारित खनिज रेत पर कार्रवाई करते हुए उसे जब्त किया गया। जब्त की गई रेत को सुरक्षित रूप से उपतहसील कार्यालय परिसर बिजुरी में रखवाया गया है। खनिज विभाग के निरीक्षक ईशा वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर एवं उपसंचालक खनिज के निर्देशानुसार जिलेभर में अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध सघन जांच अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है, ताकि अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दें, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व हानि को रोका जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

*26 नग भैंस पुलिस ने की जप्त, मामला दर्ज*

अनूपपुर जिले के थाना रामनगर पुलिस ने पशु क्रूरता के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 26 नग भैंस (नर एवं मादा) जप्त की हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से मवेशियों को क्रूरता पूर्वक पैदल हांकते हुए* कोतमा की ओर ले जाया जा रहा था। सूचना प्राप्त होने पर थाना रामनगर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए टांकी के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर 26 नग मवेशियों को जप्त किया गया। जप्तशुदा पशुओं को कांजी हाउस मलगा में रखा गया है।

मामले में आरोपी आनंद राम सिंह पिता भोरेलाल सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी ग्राम मलगा, थाना रामनगर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 146/26 पंजीबद्ध कर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण को विवेचना में लिया गया है। उक्त कार्रवाई थाना प्रभारी रामनगर सुमित कौशिक के नेतृत्व में एएसआई विनोद नाहर, एएसआई संतोष पट्टा एवं आरक्षक अनुराग सिंह की टीम द्वारा की गई।

 राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर बढ़ता दुर्घटना का खतरा, 5 किलोमीटर तक मोड़ों पर खड़े भारी वाहन बढ़ा रहे जोखिम

अनूपपुर/कोतमा

राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फॉरेस्ट डिपो से बस्कहली चौराहा तक कई स्थान ऐसे हैं जहां मोड़ों, चौराहों और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नागरिकों के अनुसार सड़क के संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में वाहन चालकों को कई बार जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

फॉरेस्ट डिपो क्षेत्र से बुढ़ानपुर चौराहा, केशवाही चौराहा, गोहंड्रा चौराहा और बस्कहली चौराहा तक लगभग 5 किलोमीटर का हिस्सा सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विशेष माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में लगातार भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। विशेष रूप से केशवाही चौराहा क्षेत्र में पान गुमटियों, ढाबों, चाय दुकानों, गैराजों और पंचर दुकानों के आसपास बड़े वाहनों का जमाव देखा जाता है। कई बार वाहन सड़क के काफी समीप खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और सड़क की दृश्यता कम हो जाती है।

नागरिकों का कहना है कि चौराहों और मोड़ों के पास खड़े ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन सामने से आने वाले वाहनों को देखने में बाधा उत्पन्न करते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार वाहन चालक अंतिम क्षणों में सामने आने वाले वाहन को देख पाते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार विशेष रूप से सुबह और शाम के समय जब यातायात का दबाव अधिक रहता है, तब यह समस्या और गंभीर रूप ले लेती है।

स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े संबंधित विभागों एवं प्रशासन से मांग की है कि फॉरेस्ट डिपो से बस्कहली चौराहा तक के संवेदनशील स्थलों का सड़क सुरक्षा से जुड़े इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।


यातायात प्रधान आरक्षक यू ट्यूबर को एसपी ने किया निलंबित, सोशल मीडिया में छिड़ी बहस, सिपाही ने दी सफाई

शहडोल

यातायात शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को पुलिस अधीक्षक शहडोल ने निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि आरक्षक 19 मई 2026 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थे। साथ ही अनुपस्थिति अवधि के दौरान उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर विभिन्न स्थानों के वीडियो अपलोड किए जाने को सेवा नियमों के उल्लंघन के रूप में माना गया है। आरोप है कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के दौरान उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो अपलोड किए गए, जिन्हें निजी प्रचार और लाभ से जोड़कर देखा गया।

कार्रवाई के बाद विवेकानंद तिवारी ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने 19 मई को ड्यूटी की थी, लेकिन अचानक तबीयत खराब होने पर चिकित्सकीय उपचार लिया। उनका दावा है कि उन्होंने मेडिकल अवकाश की जानकारी अपने यातायात प्रभारी को दे दी थी, इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस अवधि के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हुए, उन्हें उनकी पत्नी और टीम ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से पोस्ट किया था।

बता दें कि विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता से जुड़े वीडियो के लिए काफी लोकप्रिय हैं। उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। निलंबन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर बहस शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग पुलिस विभाग की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में उनके समर्थक इसे अनुचित बताते हुए प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल मामला पुलिस विभाग और सोशल मीडिया दोनों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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बंगवार खदान में स्टॉपिंग वाल निर्माण के दौरान छत गिरा, 2 मजदूरों की हुई मौत, 4 मजदूर घायल अस्पताल में भर्ती

*सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल, कलेक्टर घायलों को देखने पहुँचे अस्पताल*

शहडोल

जिले में स्थित एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार को कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खदान में स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य के दौरान अचानक छत का एक हिस्सा ढह जाने से दो मजदूरों की मौत हो गई।

वहीं, चार ठेका मजदूर घायल हो गए। वहीं, घायलों में प्रेम लाल विश्वकर्मा ,राजकुमार यादव, अमित यादव व अंजनी बैगा का नाम अभी सामने आया है। मृतकों की पहचान बल्लू कोल और गोलू बैगा के रूप में हुई है। यह दुर्घटना दूसरी पाली में दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। उस समय मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वॉल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक छत का हिस्सा गिरने से मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर शाम तक चार घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि अन्य प्रभावित श्रमिकों को भी राहत दल की मदद से बाहर लाने का कार्य जारी रहा।

बताया जा रहा है कि मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान छत का कमजोर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मिट्टी और चट्टानों के मलबे की चपेट में आने से कई मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद खदान के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना प्रबंधन को दी।

घटना की जानकारी मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। खदान के भीतर फंसे मजदूरों को सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। मौके पर मौजूद चिकित्सा दल ने कुछ घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की।

 घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से केंद्रीय चिकित्सालय बुढ़ार तथा जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत स्थिर है, जबकि कुछ को निगरानी में रखा गया है।

हादसे के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम और कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर छत के कमजोर हिस्से के धंसने को हादसे का कारण माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन द्वारा घटना के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। घटना ने एक बार फिर भूमिगत खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

*कलेक्टर घायलों को देखने पहुँचे अस्पताल*

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने एसईसीएल की बंगवार (धनपुरी) में भूमिगत कोयला खदान धंसने की घटना की सूचना मिलने पर निजी हॉस्पिटल शहडोल में पहुंचकर भर्ती घायलों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर मृतक व्यक्तियों को कंपनियां द्वारा आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी एवं घायलों का उपचार एक निजी हॉस्पिटल में किया जा रहा है तथा बेहतर उपचार करने हेतु चिकित्सकों को निर्देशित किया गया है।

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आदिवासी मजदूरों के साथ गाली-गलौज व मारपीट का आरोप, जेएमएस कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

*मैनेजर, कमर्शियल अधिकारी व सेफ्टी ऑफिसर ने किया जातिसूचक शब्दो का उपयोग* 

अनूपपुर/कोतमा

कोतमा । थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत एक निजी कंपनी में कार्यरत आदिवासी मजदूरों द्वारा जातिगत उत्पीड़न, कथित मारपीट, धमकी एवं अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की गई है। मजदूरों द्वारा थाना कोतमा में प्रस्तुत सामूहिक शिकायत पत्र में कंपनी के कुछ अधिकारियों पर कार्यस्थल पर अपमानजनक व्यवहार करने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है तथा शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार जे.एम.एस. (JMS) कंपनी में कार्यरत आईआर मैनेजर सुदीप कुमार दुबे, कमर्शियल अधिकारी शुभम रैकवार तथा सेफ्टी ऑफिसर कुलदीप कुमार के विरुद्ध मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि मजदूर कंपनी में नियमित रूप से श्रम कार्य करते हैं और कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 4 जून को ड्यूटी एवं कार्य संबंधी विवाद के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

मजदूरों का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित रूप से धमकीपूर्ण व्यवहार कर भय का वातावरण निर्मित किया गया, जिससे मजदूरों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि घटना के बाद से वे स्वयं तथा उनके परिवार मानसिक तनाव और भय की स्थिति में हैं।

शिकायत पत्र में युगुल सिंह गोंड़, छोटेलाल पनिका, गजरूप सिंह गोंड़ सहित अन्य मजदूरों के हस्ताक्षर हैं। मजदूरों ने सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में थाना कोतमा प्रभारी रत्नांबर शुक्ल ने बताया कि मजदूरों द्वारा सामूहिक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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संकल्प पैरामेडिकल कॉलेज की ऐतिहासिक उपलब्धि, मेहनत, सपनों और समर्पण की चमक से रोशन हुआ जिला

*स्नेहा, सिमरन व मनीष ने किया गौरवान्वित*

अनूपपुर

संकल्प पैरामेडिकल कॉलेज, अनूपपुर ने बीएमएलटी  (बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) द्वितीय वर्ष   परीक्षा  परिणाम 100 प्रतिशत  प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया। परिणाम घोषित होते ही कॉलेज परिसर में खुशी, गर्व और उत्साह का माहौल छा गया। विद्यार्थियों की आंखों में सफलता की चमक थी तो अभिभावकों के चेहरों पर वर्षों की मेहनत का संतोष दिखाई दे रहा था।इस शानदार सफलता में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया।

स्नेहा सेन  ने  83.58% अंक  प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।सिमरन सोनी ने 78.83% अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया।मनीष साहू ने 78.58% अंक अर्जित कर तृतीय स्थान हासिल किया।इन विद्यार्थियों की सफलता केवल अंकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, अनुशासन और अटूट विश्वास की कहानी है।

महाविद्यालय के संचालक अंकित शुक्ला ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा की यह सफलता विद्यार्थियों की अथक मेहनत, अभिभावकों के विश्वास और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे कुशल और जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मी तैयार करना है जो समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही विद्यार्थी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें।

 कॉलेज के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और पेशेवर दक्षता का भी प्रशिक्षण दिया। बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि एक उज्ज्वल भविष्य की दिशा भी दी है। प्रशिक्षित तकनीशियन मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संकल्प पैरामेडिकल कॉलेज के ये सफल विद्यार्थी भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी बनकर समाज की सेवा करेंगे। यह उपलब्धि केवल परीक्षा परिणाम नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि  सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। 

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पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से गला काटकर कर दी हत्या, घर मे खून से लथपथ मिली लाश, आरोपी हुआ फरार

शहडोल

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के लेदरा गांव में एक महिला की गला काटकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह घर के अंदर महिला का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद से पति फरार है, जिसके चलते पुलिस का शक उसी पर गहराया हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान माया यादव (30 वर्ष), पत्नी कमाता यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटनास्थल से खून से सनी एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में महिला, उसका पति और उसकी बुजुर्ग सास मौजूद थे। शनिवार सुबह पड़ोसियों ने घर के भीतर महिला का शव देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।

पुलिस पूछताछ में मृतका की बुजुर्ग सास ने बताया कि उसका बेटा मजदूरी का कार्य करता है। शुक्रवार रात वह काम से लौटकर देर रात करीब 12 बजे घर पहुंचा। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया, जहां उसकी पत्नी भी मौजूद थी। सास के अनुसार रात में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के दौरान महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद से पति घर से फरार है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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आपातकालीन सेवा या मनमानी, रात में बंद हो जाती हैं पेट्रोल पंपों की सुविधाएं, आमजन परेशान

शहडोल

शहडोल संभाग में इन दिनों पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी आवश्यक सेवाओं को लेकर लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते रहे हैं, ताकि आम नागरिकों, आपातकालीन सेवाओं तथा आवश्यक आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। इसके बावजूद जिले के कुछ पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

पेट्रोल पंपों के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में "24 घंटे सेवा उपलब्ध", "आपातकालीन सेवा" तथा "हर समय ईंधन उपलब्ध" जैसे आकर्षक स्लोगन लिखे हुए दिखाई देते हैं। लेकिन जब कोई वाहन चालक देर रात ईंधन लेने पहुंचता है तो उसे अक्सर यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पंप बंद हो चुका है और अब किसी भी परिस्थिति में तेल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात लगभग 11 बजे के बाद कई पेट्रोल पंपों में आम उपभोक्ताओं को ईंधन देने से इंकार कर दिया जाता है। पंप कर्मचारियों द्वारा यह तर्क दिया जाता है कि उनकी ड्यूटी समाप्त हो चुकी है तथा सीमित वेतन में लंबे समय तक कार्य करना संभव नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि वास्तव में 24 घंटे सेवा उपलब्ध नहीं है तो फिर उपभोक्ताओं को इस प्रकार के दावे दिखाकर भ्रमित क्यों किया जा रहा है?

पेट्रोल पंप को संचालन की अनुमति निर्धारित शर्तों और नियमों के आधार पर प्रदान की जाती है। यदि किसी पंप द्वारा 24 घंटे सेवा या आपातकालीन सुविधा का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, यदि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी बिना पूर्व सूचना के देर रात पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करें तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। 

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संस्कार लॉ कॉलेज ने किया बृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगो को किया जागरूक

अनूपपुर

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संस्कार लॉ कॉलेज, अनूपपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराना था।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी ने कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाएं ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें ताकि वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन सकें।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास से संबंधित विचार भी साझा किए गए। विद्यार्थियों ने पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने की शपथ ली। महाविद्यालय परिवार ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा समाज में पर्यावरण जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

समाचार 07 फ़ोटो 07

सिद्ध बाबा पहाड़ी में एकादशमुखी हनुमान मंदिर का प्रथम वार्षिकोत्सव संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

अनूपपुर

नगर परिषद बरगवां के अमलाई वार्ड क्रमांक 5 स्थित सिद्ध बाबा पहाड़ी पर विराजमान श्री एकादशमुखी संकटमोचन हनुमान मंदिर का प्रथम वार्षिकोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल विशेष पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा जय श्रीराम और जय बजरंगबली के उद्घोष गूंजते रहे।

वार्षिकोत्सव के अवसर पर मंदिर में विराजमान एकादशमुखी हनुमान जी का विशेष श्रृंगार एवं महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। आयोजन के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सिद्ध बाबा पहाड़ी स्थित यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। प्रथम वार्षिकोत्सव में मिले जनसमर्थन और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से समिति उत्साहित है तथा भविष्य में भी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा।

समाचार 08 फोटो 08

करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी, नही लगा ट्रांसफार्मर, पानी को तरस रहे लोग

शहडोल

नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15 में करोड़ों रुपए की लागत से बना नल जल योजना की अंडरग्राउंड पानी टंकी  बिजली  कनेक्शन न होने के कारण और ट्रांसफार्मर की स्वीकृति न मिलने की अवस्था में संपवेल वीरान पड़ा हुआ है और हजारों लोग पानी को तरस रहे हैं।

बरसों से बना नल जल योजना के अंतर्गत अंडरग्राउंड पानी टंकी न जाने कब नगर परिषद बकहो के निवासियों की प्यास बुझाएगा। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15 में रहने वाले इंदिरा नगर निवासी भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए दूर दराज या फिर नगर परिषद बरगवां के द्वारा बनाई गई पंप हाउस पानी सप्लाई के लिए पाइप लाइन के माध्यम से नल जल योजना का संचालन कर रहा है उसी में लगे एक नल की टोटी से घंटों इंतजार के बाद डिब्बो में पानी भरकर साइकिल से ले जाते नजर आते हैं । लेकिन नगर परिषद के द्वारा कई महीनो बाद भी  ट्रांसफार्मर स्थापित करने में नाकाम होते हुए ठेकेदार के ऊपर आश्रित हो गई है जबकि ठेकेदार के द्वारा पानी टंकी का निर्माण कर बोरवेल करते हुए पानी का भराव कर दिया गया है और मोहल्ले में पाइपलाइन भी विछा दी गई है। पंप हाउस के संचालक को लेकर उद्घाटन भी हो गए हैं लेकिन ग्रामीण जन बूंद बूंद पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। नगर परिषद की सत्ता के अधीन नगर परिषद की अध्यक्ष , मुख्य नगर पालिका अधिकारी बकहो द्वारा इस ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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