दिव्यांग महिला व पुत्र आरटीओ कार्यालय के 6 माह से काट रहे हैं चक्कर, आत्महत्या की दी चेतावनी

जिला उमरिया में रख ऐसा एक मामला जिले के कलेक्टर के सामने आया जो दिव्यांग महिला 6 माह से आर टी ओ कार्यालय के चक्कर लगा कर परेशान है, अब तो महिला और उसका पुत्र त्रस्त होकर आत्महत्या की चेतावनी दे दिया है।

ग्राम निपानिया निवासी ट्रक मालिक प्रमिला सिंह पत्नी कंछेदी सिंह का ट्रक क्रमांक एम पी 17 एच एच 1517 दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण पूर्ण रूप से खत्म हो गया था, ट्रक श्रीराम फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस था और उसका बीमा भी था, ट्रक समाप्त होने के बाद वाहन की आर सी निरस्त करवाने की बीमा कंपनी ने कहा तो वाहन मालिक ने सारी किस्तों को जमा कर फाइनेंस कंपनी से एनओसी प्राप्त कर लिया, जिसके बाद बीमा कंपनी ने उसकी कुछ रकम प्रमिला सिंह को दे दिया, बाकी की रकम आर सी निरस्त करवाने के बाद देने को कहा, जिस पर प्रमिला सिंह ने आर टी ओ उमरिया रमा दुबे के पास आवेदन दिया एव परिवहन विभाग के पोर्टल में मांगी गई सारी जानकारी एव रकम जमा कर दिया, उसके बाद फिर से आर टी ओ मैडम के चक्कर काटती रही लेकिन मैडम हैं कि सप्ताह में मात्र एक दिन वह भी सोमवार को टी एल की मीटिंग के लिए, वहीं जब मिल जाती रहीं तो सीधे कहती हैं कि और पैसा जमा करो तब आर सी निरस्त होगी, लेकिन पोर्टल किसी तरह की रकम मांग ही नहीं रहा है, तब पैसा कहां जमा करें।

पीड़िता प्रमिला सिंह एक सीधी सादी दिव्यांग महिला होने के कारण अधिक बोल भी नहीं पाती जिसके कारण उसके पुत्र दुर्गेश सिंह ने बताया कि मेरी एक गाड़ी की समस्या है, आर सी निरस्त करवाने की है और आर टी ओ मैडम नहीं कर रही हैं, बोलती हैं कि आज नहीं अगले हफ्ता होगा, हम लोग जाते हैं तो मिलती नहीं हैं, हम उधर खड़े रहते हैं, परेशान रहते हैं, आज 6 माह से यही चल रहा है, बहुत परेशान करती हैं, हम अब क्या करें, अब यही एक रास्ता है कि हम आत्महत्या कर लें, और तो कुछ बचा ही नहीं। उमरिया आरटीओ सप्ताह में एक दिन ही मौजूद रहती है, जिसके चलते जिले के वाहन मालिक परेशान रहते हैं, वहीं यह कोई पहला मामला नहीं है जब पीड़िता आत्महत्या की चेतावनी दिया हो, इसके पूर्व भी लोग इनकी शिकायत कर चुके हैं।

गाँजा वाले मामले पर लापरवाही, उपनिरीक्षक को पुलिस अधीक्षक ने किया निलंबित


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में दर्ज गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में फरार आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने के आरोप में ब्यौहारी थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में 30 मई को हुई बड़ी गांजा जब्ती के मामले में फरार आरोपी का नाम सामने आने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, 30 मई को जयसिंहनगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल कुमार चर्मकार के कब्जे से करीब साढ़े तीन क्विंटल गांजा बरामद किया था। पुलिस ने दो वाहन भी जब्त किए थे। हालांकि वाहन में सवार तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार चर्मकार से पूछताछ के दौरान उसने फरार आरोपियों के रूप में ग्राम चंदेला निवासी कन्हैयालाल जायसवाल और दो अन्य लोगों के नाम बताए। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी उसके साथ गांजे की तस्करी में शामिल थे।

जांच में सामने आया कि कन्हैयालाल जायसवाल पहले से ही ब्यौहारी थाने में दर्ज एक गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहा था। इस प्रकरण की जांच और केस डायरी की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी के पास थी। आरोप है कि उन्होंने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए और उसे लगातार फरार ही दर्शाते रहे। जयसिंहनगर में हुई गांजा जब्ती के मामले में जब कन्हैयालाल जायसवाल का नाम सामने आया, तब पता चला कि वह फरारी के दौरान भी क्षेत्र में सक्रिय रहकर गांजा तस्करी कर रहा था। मामले में उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

नौकरी-मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन दी खदान बंद करने की चेतावनी, 25 पर हुई कार्रवाई


शहडोल 

जिले में रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर भू-आश्रित किसानों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। एसईसीएल सोहागपुर एरिया कार्यालय के सामने किसानों ने प्रदर्शन कर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा, वहीं शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों घटनाओं ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को उजागर कर दिया है।

एसईसीएल सोहागपुर एरिया के अंतर्गत आने वाले रामपुर बटुरा, बिछिया, अतरिया सहित आसपास के गांवों के भू-आश्रित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने रोजगार, पुनर्वास, पुनर्स्थापना और अधिग्रहित परिसंपत्तियों के पूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन एसईसीएल प्रबंधन केवल आश्वासन देकर मामले को टालता रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर आंदोलन और बैठक के बाद 15 दिन, एक माह या दो माह में समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया मगर कुछ नही होता। इससे पहले कलेक्टर की अध्यक्षता में सोहागपुर हाउस में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कई मामलों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन आज तक अधिकांश समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संबंधित खदानों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।

उधर, शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर खदान संचालन प्रभावित हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अमलाई पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शारदा ओसियम खदान को बंद करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल 25 लोगों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। 

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