नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार, रेत से भरा ट्रैक्टर ट्रॉली को वन विभाग ने किया जप्त


अनूपपुर

जिले के थाना करन पठार पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के दो आरोपीयों को ग्राम देवरी से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

15 वर्षीय नाबालिग बालिका द्वारा अपने माता पिता के साथ थाना करनपठार अनूपपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि रिस्तेदारी में शादी के कार्यक्रम के दौरान आरोपी प्रकाश सिंह पिता मधुर सिंह , नान्हू सिंह पिता गोकुल सिंह मरावी दोनो निवासी देवरी थाना करनपठार जिला अनूपपुर के द्वारा नाबालिक बालिका को जबरदस्ती नान्हू सिंह के घर ले जाकर  बन्द कमरे में जबरदस्ती ले जाकर जान से मारने की धमकी देकर आरोपी प्रकाश सिंह द्वारा नाबालिग बालिका के साथ शारीरिक दुष्कर्म किया गया है। उक्त रिपोर्ट पर थाना करनपठार अनूपपुर में अप. क्र. 170/26 धारा 96,64(2)(i),64(2)(j),65(1),142,351(3) बीएनएस  ¾ पक्सो एक्ट पंजीबद्ध किया गया।

*अवैध रेत परिवहन में ट्रैक्टर ट्रॉली जप्त*


अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र बिजुरी में वन अपराध के खिलाफ लगातार कार्यवाही जारी है।  इसी क्रम में बेलगांव बीट के वन क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन परिवहन में संलग्न ट्रैक्टर ट्रॉली कों जप्त कर वन अपराध दर्ज किया गया ।

मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की बीट बेलगांव के कक्ष RF 529 कनई नदी से ट्रैक्टर ट्रॉली के द्वारा रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर टीम गठित कर मौक़ा स्थल पर भेजा गया। टीम के द्वारा स्वराज कम्पनी का सोल्ड ट्रैक्टर ट्रॉली को घेरा बंदी कर वन क्षेत्र में उत्खनन स्थल पर रोक कर रेत उत्खनन एवं परिवहन के संबंध में वैध दस्तावेजों की मांगने पर वाहन चालक रंजीत सिंह पिता बुद्धू सिंह निवासी सरई नाका थाना बिजुरी द्वारा रेत उत्खनन परिवहन के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए जाने की दशा में वन अधिकारियों को सूचित कर प्राप्त निर्देशानुसार वाहन चालक के खिलाफ वन अपराध दर्ज कमाक 4728/13 दर्ज कर नियमानुसार कार्यवाही करते ट्रैक्टर ट्रॉली कों जप्त कर वन परिक्षेत्र कार्यालय बिजुरी लाया गया। आरोपी वाहन चालक एवं वाहन मालिक के विरुद्ध प्रथम दृष्टया वन अपराध कारित किए जाने पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की वन अपराध दर्ज किया गयं

पुलिस को ठेंगा दिखाकर दिन दहाड़े अवैध कोयला से लदी निकल रही गाड़ियां, सड़क किनारे युवक का मिला शव


अनूपपुर

कोतमा के कोयला अंचल में अवैध कारोबारियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि, अब उन्हें कानून या पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। कोतमा और गणेश नगर से निकलने वाला अवैध कोयला किसी चोर-रास्ते से नहीं, बल्कि सीधे शहर के बीचों-बीच से होकर बेखौफ होकर निकल रहा है। दिन के उजाले में व्यस्त चौराहों और मुख्य बाजारों से होकर तस्कर अपनी गाड़ियां निकाल रहे हैं, जो सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी को खुली चुनौती है।

​हैरानी की बात यह है कि जिन सड़कों पर आम जनता पर चेकिंग और चालान की कार्रवाई के लिए पुलिस बल तैनात रहता है, उन्हीं सड़कों से क्षमता से अधिक अवैध कोयला लादे दोपहिया वाहन पुलिस की नाक के नीचे से आराम से निकल जाते हैं। खाकी के इस लचर रवैये से ऐसा प्रतीत होता है जैसे जिम्मेदार अधिकारियों ने इस अवैध खेल के आगे घुटने टेक दिए हैं या फिर सब कुछ जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है। शहर के मुख्य रास्तों से बेधड़क गुजरती ये गाड़ियां बेलिया बड़ी के रास्ते ग्रामीण अंचलों के ईंट भट्टों और ढाबों तक पहुंच रही हैं। पुलिस के इसी मौन संरक्षण के कारण माफियाओं का मनोबल आसमान छू रहा है और शासन की संपत्ति की सरेआम लूट मची हुई है। इस मामले में        ‌ जब हमने कोतमा थाना प्रभारी से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

*सड़क किनारे अज्ञात युवक का मिला शव*


शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-43 स्थित कोटमा तिराहे के पास सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मौत का कारण अभी अज्ञात है।

पुलिस के अनुसार मृत युवक केवल अंडरवेयर पहने हुए था, जबकि उसके कपड़े पास में पड़े मिले। कपड़ों की तलाशी लेने पर किसी प्रकार के पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं। युवक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में लगी रही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवा दिया है, जहां फिलहाल शव सुरक्षित रखवाया गया है। सोहागपुर थाना पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाकर युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। 

किसानों ने 11 घंटे तक किया सड़क जाम, लिखित आश्वासन के बाद खुला जाम, जनता परेशान, प्रशासन रहा नतमस्तक

*गेहूं खरीदी व बिजली सप्लाई को लेकर, किसान एकता संघ का बड़ा आंदोलन*


अनूपपुर 

अनूपपुर जिला मुख्यालय के अंडर ब्रिज के पास बीते 11 घंटे से लगे जाम से अब जिले वासियों को राहत मिल चुकी है दोपहर 12:00 से लगा जाम लगभग रात्रि 11:00 बजे जाकर खुला है। किसानों के लगातार संघर्ष और दबाव के आगे जिला प्रशासन झुक गया और किसानों की बातें मानी गई, किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया है कि उनका गेहूं खरीदा जाएगा और उन्हें 24 घंटे बिजली भी प्रदान की जाएगी, इसके बाद जिले भर के किसानों और आमजन को काफी राहत मिल गई है। अब देखना यह होगा की कितनी जल्दी किसानों को किए गए वादे का लाभ मिलता है और प्रशासन अपने वादे को पूरा करता है।

*यह था मामला*


गेहूं खरीदी एवं बिजली की सप्लाई को लेकर किसानों का जिला मुख्यालय अनूपपुर में आज 25 मई को जोरदार सफल प्रदर्शन हुआ, सैकड़ो की संख्या में ट्रैक्टर लेकर किसान जिला मुख्यालय पहुंचे।

अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विशाल रैली एवं धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की व्यवस्था, बिजली समस्या, सिंचाई सुविधाओं और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

जहां किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

धरना स्थल पर किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई संकट ने खेती को प्रभावित किया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से भी किसान पहुंचे, जिससे माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया।

*नियम विरुद्ध लगाया जाम, प्रशासन रहा नतमस्तक*

सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग या सार्वजनिक स्थान को अनिश्चितकाल के लिए जाम करना या अवरुद्ध करना गैरकानूनी है। न्यायालय ने माना है कि विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार संविधान के तहत मौलिक है, लेकिन इसे दूसरों के आवागमन के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा की कीमत पर लागू नहीं किया जा सकता है। लगभग 11 घंटे मुख्य मार्ग किसानो ने जाम कर रखा था, जो की नियम विरुद्ध था, आम जनता इस जाम से पूरी तरह परेशान दिखी, उसके बाद भी पुलिस प्रशासन किसानों के जाम के सामने पूरी तरह नतमस्तक दिखा, जिला मुख्यालय में बैठे आला अधिकारी किसानों के सामने बेबस नजर आए, जब लिखित में मांगे मानी गई तक जाकर जाम खुला। 

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