लॉज हादसे के मृतकों को जिला कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप


अनूपपुर

जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान की अपील पर कांग्रेसजन, नागरिकगण, समाजसेवी एवं पत्रकारगण गांधी चौक कोतमा पहुंचे, जहां सभी उपस्थित जनों ने 2 मिनट का मौन रखकर एवं कैंडल जलाकर, कोतमा लॉज/इमारत हादसे में मृतकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी, और पत्रकारों से चर्चा करते हुए स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। कोतमा बस स्टैंड के पास हुई दर्दनाक लॉज/इमारत गिरने की घटना में जान गंवाने वाले मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जहां हादसे में मृत हुए लोगों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।

गुड्डू चौहान ने कहा की इस तरह की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है, जिसमें कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और कई लोग घायल हैं। ऐसे में समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त करनी चाहिए। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा कर भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।     

गांधी चौक कोतमा पहुंचकर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भारी संख्या में कांग्रेस नेतागणों, कार्यकर्तागणों, नगरवासियों एवं व्यापारीगणों ने कोतमा गांधी चौक में उपस्थित हुए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने कहा कि जो मुआवजा राशि दी गई है वह बहुत कम है मृतक परिवार को 1 करोड़ और आश्रित को एक शासकीय नौकरी तथा घायलो को 50 लाख रुपए दिया जाए और कुछ घायल जिनका नाम सूची मे नहीं है उन्हें सूचीबद्ध कर उन्हें भी उपचार एवं सहायता राशि दी जाए। मकान मालिको पर लगे मुकदमें को भाजपा शासन जिला प्रशासन का अन्यायपूर्ण रवैया बताते हुए नगरीय प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए और दोषी अधिकारी, कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग की और कहा सभी पीड़ितजनो के लिये न्याय की लड़ाई कांग्रेस पार्टी लडेगी। 

युवाओं से लाखों की ठगी, सीएमएचओ के फर्जी सील-साइन कर थमा दिया नियुक्ति पत्र, वार्ड बॉय निकला मास्टरमाइंड 


शहडोल। 

जिले में एक शातिर जालसाज ने स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सुनहरा जाल बुनकर 15 युवाओं के भविष्य और उनके परिवार की जमापूंजी के साथ खिलवाड़ किया। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताते हुए युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय की पक्की नौकरी का झांसा दिया।  

जिला मुख्यालय से लगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटासी में आउटसोर्स में वार्ड बॉय के पद में पदस्थ ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा शहडोल  एवं उमरिया जिले के 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय की पक्की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लोगो से लगभग 7 लाख रुपये ऐठ लिए। इतना ही नहीं शास्त्री तेजी ने स्वास्थ्य विभाग के मुखिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी शील युक्त ज्वाइनिंग लेटर तक थमा दिया।  इस बात का खुलासा तब हुआ जब ज्वानिंग लेटर लेकर बताए गए विभाग में ज्वाइन करने पहचे तब उन्हें पता लगा कि उनके साथ ठगी हुई है , उनके साथ स्कैम हो गया। ठगी का शिकार हुए बेरोजगार युवकों ने इसकी  शिकायत शहडोल एसपी की ,जिस पर कोतवाली पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग में रोजगार दिलाने के नापर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले कथित स्वास्थ्य विभाग का आउटसोर्स कर्मचारी वार्डबॉय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन वह अभी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर और बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी करने का पालन बना रहा है।  

पीड़ित युवाओं की शिकायत पर शहडोल एसपी के निर्देशानुसार कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी मुख्यालय राजेंद्र मोहन दुबे ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे बेरोजगारी और सिस्टम पर भरोसे का फायदा उठाकर ठग मासूम युवाओं को निशाना बना रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और क्या इ

लोगो को बेबकूफ बनाने वाला ठेकेदार कमलेश द्विवेदी, चेक बाउंस मामले में 1 वर्ष की जेल, 12 लाख जुर्माना


अनूपपुर

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनेन्द्रगढ़, जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) ने 28 मार्च 2026 को चेक बाउंस धारा 138 के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आरोपी कमलेश द्विवेदी पिता गणेश प्रसाद द्विवेदी निवासी आरसीएम  मार्केट बिल्डिंग, वार्ड-14, पेट्रोल पंप के पीछे चेतनानगर, अनूपपुर को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को 1 वर्ष के साधारण कारावास एवं 12 लाख रुपये का अर्थदंड (मुआवजा) अदा करने का आदेश दिया है। प्रकरण के अनुसार मनेन्द्रगढ़ निवासी परिवादी राजेश अग्रवाल ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि उन्होंने आरोपी को 12 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसे 06 माह में लौटाने का आश्वासन दिया गया था। निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी आरोपी द्वारा राशि वापस नहीं की गई। परिवादी द्वारा भुगतान की मांग करने पर आरोपी ने एक चेक दिया, जिसे बैंक में प्रस्तुत करने पर अकाउंट फ्रिज एवं पर्याप्त राशि नहीं की टिप्पणी के साथ अनादरित (बाउंस) कर दिया गया। इसके पश्चात परिवादी ने विधिवत नोटिस भेजकर 15 दिवस के भीतर राशि भुगतान की मांग की, किंतु आरोपी द्वारा भुगतान नहीं किया गया। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों एवं परिस्थितियों का परीक्षण करते हुए पाया कि आरोपी ने जानबूझकर भुगतान से बचने के उद्देश्य से खाता फीज कराकर चेक जारी किया। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त दंड से दंडित किया। न्यायालय ने यह भी निर्देशित किया है कि यदि आरोपी द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो उसे अतिरिक्त दंड का सामना करना पड़ेगा। फैसले के पश्चात आरोपी को राहत देते हुए न्यायालय ने एक माह का समय प्रदान किया है, ताकि वह जिला न्यायालय में अपील प्रस्तुत कर सके। फरियादी से आरोपी का परिचय 2018 में हुआ था और न्याय 6 वर्ष बाद मिला। लोगो का कहना है की कमलेश द्विवेदी से लोग बचकर रहे, क्यों कि लोगो से रुपये लेकर चेक देना और बाद में न तो रुपये वापस करना, चेक लगाने पर चेक बाउंस हो जाना, इस तरह का फर्जी काम करना इनके फितरत में है। आखिर मनेन्द्रगढ़ निवासी राजेश अग्रवाल कमलेश को लाखों रुपये देकर मदद किया उसके बाद 6 वर्ष तक पीड़ित रहा, कोर्ट और वकीलों के चक्कर लगाकर, धन और समय दोनों बेकार हुआ, 6 वर्ष बाद न्याय तो मिला, लेकिन 6 वर्ष परेशान रहे।


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