गोदाम में लगी भीषण आग, लाखो का हुआ नुकसान, लकड़ी से लदा पीकप जप्त, मामला दर्ज

*बारदाना, बीज व धान जलकर हुआ खाक*


 शहडोल

कोतवाली थाना क्षेत्र के नरसरहा स्थित मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के गोदाम में गुरुवार तड़के भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि दमकल की कई गाड़ियों के पहुंचने के बावजूद पांच घंटे से ज्यादा समय तक उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। आग की चपेट में आकर गोदाम में रखा बारदाना, धान और बीज जलकर खाक हो गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

आग लगने की सूचना मिलते ही शहडोल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए शहडोल फायर टीम के 8 से अधिक दमकल वाहनों को लगाया गया, लेकिन आग पर काबू पाना आसान नहीं रहा। हालात की गंभीरता को देखते हुए रिलायंस कंपनी की फायर टीम से भी मदद मांगी गई, जो मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी हुई है।

जानकारी मिलते ही शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, एसडीएम सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। फिलहाल अधिकारी नुकसान के आंकलन को लेकर कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। आग लगने के कारणों का भी अब तक खुलासा नहीं हो सका है और इसे अज्ञात कारणों से लगी आग बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह गोदाम मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की शाखा शहडोल के अंतर्गत आता है, जिसकी कुल भंडारण क्षमता लगभग 2800 मैट्रिक टन है। नरसरहा परिसर स्थित MPWLC-1, 2 और 3 गोदामों में यह आग लगी है। लगातार प्रयासों के बावजूद आग पूरी तरह बुझ नहीं पाई है, जिससे आसपास के क्षेत्र में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन द्वारा हालात पर नजर रखी जा रही है और आग पर नियंत्रण के प्रयास लगातार जारी हैं।

*लकड़ी से लदा पीकप जप्त, मामला दर्ज*


शहडोल दक्षिण वनमंडल शहडोल अंतर्गत वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर प्रजाति की लकड़ी से लदे एक वाहन को जब्त किया है। पकड़े गए वाहन और उसके चालक के विरुद्ध वन अपराध का प्रकरण दर्ज कर वाहन को सुरक्षित रूप से नरसरहा काष्ठागार डिपो में खड़ा कराया गया है। बुधवार देर रात प्रेस नोट जारी कर वन विभाग ने इसका खुलासा किया है।

वन परिक्षेत्र शहडोल के सर्किल शहडोल अंतर्गत बीती रात्रि ग्राम छपराटोला क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने 5 नंबर रेलवे ब्रिज के पास कच्ची सड़क से गुजर रहे वाहन क्रमांक एमपी 18 एल 1157 को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में खैर प्रजाति की लकड़ी लोड पाई गई।

पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम अनुज पिता बुद्ध कोल, निवासी बमुरा बताया। चालक खैर लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वन विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वन अपराध पंजीबद्ध किया गया और वाहन को नरसरहा डिपो में सुरक्षित खड़ा कराया गया। इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी रामनरेश विश्वकर्मा, परिक्षेत्र सहायक मथुरा सिंह मार्को, विवेक यादव सहित अन्य वनकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जैतपुर वन परिक्षेत्र में इन दिनों जंगल की कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लोग दिनदहाड़े जंगलों की कटाई कर रहे हैं, लेकिन वन अमला जंगल की कटाई रोकने में नाकाम है। सूत्र बताते हैं कि कुछ वन कर्मियों की मिलीभगत से कटाई की जा रही है।

तीन हाथियों ने खेतों में लगी फसल, घर व वनविभाग की फेंसिंग को पहुंचाया नुकसान, तीन ग्रामीण हुआ घायल

*लोगो में दहशत का माहौल*


अनूपपुर

तीन हाथियों का समूह 38 दिनों से निरंतर छत्तीसगढ़ राज्य से Lअनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके से अनूपपुर इलाके में निरंतर विचरण कर रहे हैं। हाथियों के द्वारा ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों के साथ घर वन विभाग की फेंसिंग एवं गेट में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया है, रात में हाथी देखने गए ग्रामीणो को एक हाथी द्वारा की चिघांड कर दौडाये जाने पर भागते समय दो-तीन युवक गिरने के दौरान चोट आने से घायल हुए हैं, तीनों हाथी फिर ग्राम पंचायत एवं वन बीट पोंड़ी के पोंड़ी एवं खांडा गांव के मध्य स्थित जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं।

तीन हाथियों के समूह विगत 6 दिनों से वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत एवं वन बीट पोंडी के पोंडी एवं खांडा के मध्य स्थित जंगल में दिन के समय निरंतर विश्राम करने बाद प्रत्येक शाम एवं रात को जंगल से निकल कर खांड़ा पोंडी मानपुर बरबसपुर गांव में जो अनूपपुर जिला मुख्यालय से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, पहुंचकर किसानों के खेतो में गेहूं की फसल लगी है, निरंतर रात होते ही पहुंचकर गेहूं की फसल को आहार बना रहे हैं, इसी दौरान मानपुर निवासी भूमेश दुबे पिता सुखीराम दुबे के खेत में लगी गेहूं की फसल को बुधवार गुरुवार की देर रात अचानक हाथी पहुंचकर घर का दरवाजा एवं अन्य वस्तु फेंसिंग वायर तोड़ कर गेहूं की फसल को खाया, इसके एक दिन पूर्व पोंडी गांव के छुहाईटोला निवासी लूसन सिंह पिता रमेशा सिंह के बाडी में तीनों हाथी प्रवेश कर कच्चे घर की दीवाल को खाने की तलाश के चक्कर में तोड़फोड़ की, वन विभाग के द्वारा किए गए वृक्षारोपण की सुरक्षा हेतु लगाए गए फेंसिंग वायर एवं आरसीसी खम्बो को कई जगह से तोड़फोड़ कर एवं एक स्थान पर मुख्य गेट में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया, तीनों हाथी खांडा एवं पोंड़ी के जंगल से निकलकर अनूपपुर जैतपुर मुख्य मार्ग को पारकार पोंडी के विनायिका तालाब से मानपुर के छकौडीटोला के मध्य होकर जंगल से जाते समय हाथियों को देखने के लिए काफी संख्या में एकत्रित ग्रामीणो पर एक हाथी द्वारा तेजी से चिघाडते हुए दौड़ाये जाने पर दो-तीन युवक भागते समय गिरकर घायल हुए हाथियों के निरंतर विचरण करने एवं नुकसान करने से ग्रामीण जन भयभीत एवं परेशान हैं। हाथियों के विचरण एवं आम जनों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग एवं पुलिस विभाग का गश्ती दल निरंतर निगरानी कर रहा है।

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, रात भर फहराता रहा तिरंगा, प्रधानाचार्य सोते रहे घर पर

*संकुल प्रभारी करना चाहते हैं मामला रफा-दफा, जानकारी के बाद भी नही लिया कोई एक्शन*


अनूपपुर 

पूरे देश मे 77वां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया गया, मगर अनूपपुर जिले में पूरी रात झंडा फहराकर राष्ट्रीय ध्वज का जान बूझकर अपमान किया गया, और कार्यवाही के नाम पर अधिकारी एक दूसरे पर पल्ला झाड़कर एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। आखिर कब तक ऐसे लोग राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अपमान करके देश के ऊपर कालिख पोतते रहेंगे।

26 जनवरी भारत के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का दिन रहता है। इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस राष्ट्रीय पर्व पर देशभर में तिरंगा फहराया जाता है और हर भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना जागृत होती है। तिरंगा केवल एक झंडा नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की स्वतंत्रता, एकता, बलिदान और स्वाभिमान का प्रतीक है। ऐसे पावन दिन पर तिरंगे का अपमान होना न केवल दुखद है, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए चिंताजनक भी है। राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगे का अपमान कई रूपों में देखने को मिलता है, जैसे झंडे को गलत तरीके से फहराना, जमीन पर गिराना, फाड़ना, जलाना या राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए उसका दुरुपयोग करना निंदनीय व अपराध है। यह कृत्य न केवल देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है, बल्कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का भी अपमान है।

जिले से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के अपमान की खबर आ रही है, जिसका वीडियो व फ़ोटो शोसल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है, जो कि भारत के गणतंत्र पर तीखा प्रहार है। ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी के कुरिया टोला के शासकीय विद्यालय में 26 जनवरी 2026 के दिन सुबह छात्र-छात्राओं, विद्यालय के प्रधानाचार्य व शिक्षकों की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। त्योहार मनाने के बाद सभी लोग अपने-अपने घर को चले गए, विद्यालय के शिक्षक व प्रधानाचार्य इतनी बड़ी लापरवाही करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को पूरे रात फहरने दिया गया। सुबह जब कुछ ग्रामीणों ने देखा कि राष्ट्रीय ध्वज दूसरे दिन सुबह होने तक फहर रहा है, तो इसकी मौखिक शिकायत फ़ोटो वीडियो संकुल प्राचार्य साकिर को दिखाकार की गई, उसके बाद आनन फानन में राष्ट्रीय ध्वज विद्यालय प्रांगण से उतारा गया, शाम होने से पहले तिरंगा उतारने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की थी, मगर प्रबंधन ने जान बूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर विद्यालय के ऊपर कालिख पोत दी है।

इस संबंध में जब कुछ लोग संकुल प्राचार्य देवगवा साकिर के पास जाकर विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी करके कार्यवाही करने की बात कही तो उन्होंने प्रधानाचार्य का पक्ष लेते हैं कार्यवाही करने व नोटिस जारी करने के लिए साफ-साफ मना कर दिया। संकुल प्राचार्य का कहना था कि जब तक कोई लिखित शिकायत नही करेगा तब तक राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के बाद भी किसी के ऊपर कार्यवाही नही की जा सकती। जब की बड़े-बड़े अधिकारी व न्यायालय भी बिना शिकायत के किसी भी मामले संज्ञान लेकर कार्यवाही होती चली आ रही है। लेकिन संकुल प्राचार्य के अंडर में जितने भी विद्यालय संचालित है, इसी तरह मनमानी करके खुली छूट दे रखी है।

संकुल प्रभारी देवगवा के शाकिर कई वर्षों से इसी तरह के सुर्खियां बटोरकर शिक्षा जगत का नाम रोशन कर रहे हैं, कई बार जिले के अधिकारियों द्वारा अनुशासन बिगाड़ने के संबंध में इनके खिलाफ आदेश जारी हो चुके हैं, परंतु पुनः संकुल प्रभारी बनने के बावजूद भी आज भी वही कारनामा वही लापरवाही करते चले आ रहे है, संकुल प्रभारी को जानकारी होने के तीन दिवस बाद भी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में सूचित तक नही किया गया, बस मामले को रफा-दफा करवाने के चक्कर मे लगे हुए हैं। 

भारतीय कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का अपमान करना एक गंभीर अपराध है। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। अब देखना यह है की राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर ऐसे लापरवाह संकुल प्राचार्य व विद्यालय के प्रधानाचार्य पर विभाग या जिला प्रशासन कार्यवाही कर मामला दर्ज करवाता हैं या अभयदान देकर मामले को रफा दफा करता है। 

इनका कहना है।

जब इस मामले में सरिता नायक सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर को उनके मोबाइल पर कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नही किया।

आपसे जानकारी प्राप्त हुई है, हमने बीआरसी को बोल दिया है कि जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रेषित करें, उसके बाद उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर उचित कार्रवाई की जा सके।      

*आशुतोष कुशवाहा जिला शिक्षा केंद्र अनूपपुर*   

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