भाजपा सरकार के दो-दो मंत्री, एक प्रभारी मंत्री फिर भी भ्रष्टाचार, उपयंत्री अंशुल अग्रवाल सब पर भारी?
अनूपपुर/कोतमा
जिले के ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार बीमारी की तरह बेहिसाब पनप रहा, कुछ सरकारी नौकरशाह बेपरवाह होकर निऱंतर भष्टाचार को अंजाम देकर ग्राम पंचायतों की शासकीय राशि का बंदरबांट कर रहे है। विकास कार्यों की राशि को डकारने के लिए जिम्मेदार, भष्टाचार करने के नए-नए तौर तरीके खोजे जा रहे हैं, ग्राम पंचायतों की तरक्की में भ्रष्टाचार सबसे बड़ी बाधा बन कर खड़ा है। भ्रष्टाचारियो की मदमस्त चाल देख सच कोने में दुबका दरारों से झांक रहा है।जिला पंचायत अनूपपुर मुख्यालय बदरा में विराजमान 2 सेक्टर 22 पंचायत के मालिक उपयंत्री अंशुल अग्रवाल एवं ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी के सचिव अम्बिका प्रसाद शुक्ला द्वारा खुलेआम ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर करप्शन को अंजाम देकर शासकीय राशि डकारी जा जाती हैं आलम यह है कि जिस पंचायतों की जिम्मेदारी इन्हें मिली वहां कार्यों के प्राक्कलन पर पारदर्शिता को दरकिनार कर दीमक की तरह लग कर खोखला किया जा रहा है। उपयंत्री महोदय अपने स्वार्थ सिद्धि लालसा के कारण पंचायत राज अधिनियम को ठेंगा दिखाकर पंचायतों में गुणवत्ता विहीन कर परोस रहे हैं, ग्राम पंचायतों में व्यापक रूप से फैले भ्रष्टाचार के जिम्मेदार आखिर कौन आखिरकार क्यूँ जानबूझकर भ्रष्टाचारियों के कारनामों पर अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं।
*सर्वजनिक तालाब की मेड़ पर बना डाला नाडेप कचड़ा घर, दूषित होगा पानी*
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद पंचायत अनूपपुर मुख्यालय बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी में लगभग 40- 40 हजार रूपए के कई नाडेप कचड़ा घर का निर्माण कार्य किया गया है जिससे ग्राम पंचायत के हर एक मोहल्ले को बेहतर तरीके से साफ सुथरा स्वच्छ बनाया जा सके। किन्तु उपयंत्री अंशुल अग्रवाल व सचिव अंबिका शुक्ला ने स्वच्छता भारत के नाम पर सभी नियमों कायदो को ताक में रखकर तेलियान मोहल्ले के समीप सार्वजनिक तालाब की मेड़ पर गुणवत्ता विहीन नाडेप (कचड़ा घर) निर्माण कार्य परोस कर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। एक ओर केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत नदी, नाले, तालाब का जीर्णोद्धार कर स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। वही दूसरी ओर उपयंत्री अंशुल अग्रवाल व सचिव अंबिका शुक्ला उनके सपनों को चकनाचूर कर में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं,जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी के सार्वजनिक तालाब मेड़ पर नाडेप कचड़ा घर निर्माण कार्य होना । जब लोग उस नाडेप (कचरा घर) में सूखा गीला कचड़ा एकत्रित कर रखेंगे तो निश्चित तौर पर बारिश के दिनों में नाडेप कचड़ा घर से दूषित पानी मलबा बहकर सार्वजनिक तालाब पर आएगा ,जिससे संपूर्ण तालाब का पानी प्रदूषित होगा और नहाने धोने वाले व्यक्तियों एवं पालतू जानवरों को नई नई बीमारियों जन्म लेगी।
*प्राक्कलन को दरकिनार कर बाउंड्रीवॉल कार्य जोरों पर, मूल्यांकन पर करता उपयंत्री हेराफेरी*
उपयंत्री अंशुल अग्रवाल को जिन जिन ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी मिली है ज्यादातर उन ग्राम पंचायतों में संचालित बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य में जमकर अनियमितताएं बरती जा रही है,बाउंड्रीवॉल के प्राक्कलन को दरकिनार कर निर्माण कार्यो में भर्रे साही मचा रखी है। वहीं बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य को अपने चहेते व्यक्तियों को ठेका पर्दे के पीछे देकर गुणवत्ता विहीन कर कराए जा रहे हैं,ग्राम पंचायत के सूत्र बताते हैं कि उपयंत्री महाशय स्वयं पर्दे के पीछे रहकर मलाईदार कार्यों पर ठेकेदारी कथा शुरू कर देते हैं और कागजों में निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत बनी रहती है।उपयंत्री मनमौजी कार्यों को अंजाम देकर भ्रष्टाचार की लेप चढ़ाते चला जा रहा है जब साहब का इस पर भी पेट नहीं भरता तो बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में हेराफेरी कर प्रशासन आर्थिक क्षति पहुंचा कर चूना लगाया जा रहा है और स्वयं की जेब भरी जा रही है।
*सचिव ने करोड़ों के मटेरियल सप्लायर को चपरासी बनाकर किया भुगतान*
वर्तमान सचिव बेलिया बड़ी एवं पूर्व सचिव ग्राम पंचायत ऊरा अंबिका शुक्ला ने भ्रष्टाचार की सभी हदें की पार। वर्तमान ऊरा पंच नागेन्द्र सिंह ने अपने लेटर पैड पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर को 25 मार्च 2020 को 7 बिंदुओं पर लिखित शिकायत करते हुए सचिव अंबिका शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दिनांक 28.02.2020 को ई.पी.ओ.नंबर 23, 28, 44 पंच परमेश्वर मद से 35383 पशु चिकित्सा एवं औषधालय योजना के तहत शीलभद्र जोशी मैटेरियल सप्लायर के नाम पर फर्जी बिल भुगतान कर उक्त राशि का आहरण कर लिया गया था। ई पी ओ नंबर 2341579 के ब्याज की राशि 18 हजार रुपए आहरण कर चहेते मटेरियल सप्लायर शीलभद्र जोशी को दिया गया ,हद तब पार हो गई जब सचिव अम्बिका शुक्ला ने ग्राम पंचायत ऊरा में पदस्त रहते हुए आँख मूँदकर पंचायत राज नियमो की धज्जिया उडाते हुए, अपने चहेते करोड़ों के मटेरियल सप्लायर शीलभद्र जोशी निवासी चपानी को ग्राम पंचायत ऊर्जा में चपरासी बनाकर उसके खाते में 34500/- रूपये की राशि का भुगतान कर शासकीय राशि का बंदरबाट किया गया ,सचिव के प्रमाणित भष्टाचार सिद्ध होने के बाद भी जिला सीईओ एवं सीईओ बदरा उनके कृत्य पर पर्दा डाल कर अभय दान दे बैठे हैं।
*इनका कहना है*
जैसा आप बता रहे हैं कि ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी में सर्वजनिक तालाब की मेड़ पर कचड़ा घर का निर्माण कार्य किया गया उसके बनने से संपूर्ण तालाब का पानी दूषित होगा, उपरोक्त मामले की जांच करता हूंँ।
*अभय सिंह ओहिया सीईओ जिला पंचायत अनूपपर*
सर्वजनिक तालाब की मेड पर किसी प्रकार का कचड़ा घर निर्माण कार्य नहीं कराया गया है, आपको कौन व्यक्ति जानकारी दिया है और फोटो कौन उपलब्ध कराया है इसकी जानकारी थोड़ा हमें बता दीजिए।
*अंबिका शुक्ला सचिव ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी*