पंचायत में मजदूर की जगह जेसीबी से कराया जा रहा पुलिया निर्माण, मज़दूरो के हक में डाका


अनूपपुर

जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत बिजौडी में जल्दा पहुंच मार्ग खजूरा तालाब के पास पुलिया निर्माण कार्य में मजदूरों की जगह जेसीबी से काम लिया जा रहा है| जबकि यह काम मनरेगा अंतर्गत कराई जा रही है| आलम यह है कि काम नहीं मिलने से ग्रामीण रोजगार की समस्या से जूझ रहे| जिसे लेकर पंचायत के विरुद्ध ग्रामीण में खासा रोष व्याप्त है| पंचायतों को रोजगार गारंटी योजना के तहत सरकार विभिन्न योजनाएं लाकर दे रही है की पंजीकृत जॉब कार्ड धारियों को काम की कमी न हो परंतु निर्माण एजेंसी मशीन से काम लेकर मजदूरों का संकट बहा रहे हैं| प्राप्त जानकारी अनुसार बिजौड़ी से जल्दा पहुंच मार्ग खजुरा तलाब में मनरेगा अंतर्गत 14 लाख 98 हजार की लागत से पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा परंतु निर्माण एजेंसी काम न करा कर ठेकेदार को सौंप दिया है जिसमें पंचायत मनमानी करते हुए मजदूरों की जगह जेसीबी से काम लेने का ग्रामीण आरोप लगाए हैं| ग्रामीण स्तर में काम नहीं मिलने से परेशान मजदूर रोजगार की तलाश में दूरदराज पलायन कर रहे है| मजदूरों का हक छीन कर मशीन के जरिए काम कराने से जॉब कार्ड हिताधिकारी को सौ दिनों रोजगार गारंटी योजना बिजौडी में विफल होते दिख रही है|बताया गया कि निर्माण कार्य में एस्टीमेट के विपरीत काम कराया जा रहा है 8 एमएम सरिया मिट्टी युक्त गिट्टी कमजोर मसाला से पुलिया का निर्माण कार्य किया जाता है कमजोर व गुणवत्ता रहित काम कराने से ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगी यहां से दोनो गांव का किसानो बैलगाड़ी से फसल जाने लेजाने का मुख्य मार्ग है| प्राक्कलन के विपरीत जाकर काम कराने से पुलिया बहुत जल्द टूट जाएगी जिससे ग्रामीणों को आवागमन करने में अवरुद्ध उत्पन्न होगा| पंचायत इस काम को ठेके पर दे दिया है जबकि यह कार्य मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत है मजदूरों से काम लेना चाहिए लेकिन सरपंच सचिव का हौसला इस कदर बढ़ गए हैं कि हर काम में मनमानी कर रहे हैं| लाखों का निर्माण कार्य बिना साइन बोर्ड लगाए मानक के विपरीत गुणवत्ता विहीन घटिया काम कराने से ग्रामीणों में असंतोष है बताया गया उपयंत्री निर्माण स्थल का निरीक्षण नहीं करते इसीलिए निर्माण एजेंसी का मनमानी तीव्र है|

*इनका कहना है*

जमीन की ऊपरी सतह से मजबूत पत्थर होने की वजह से मजदूर नहीं खोद पा रहे हैं इसीलिए जेसीबी से काम लिया जा रहा है|

*उपसरपंच राजबली केवट ग्राम पंचायत बिजौडी*

अभी मुझे प्रभार नहीं मिला है कहां पर क्या काम चल रहा है कोई जानकारी नहीं है

*सचिव मनोज ग्राम पंचायत बिजौडी*

पर्यावरण को ठेंगा दिखाकर किया जा रहा है कोल परिवहन,ब सड़क की धूल से परेशान ग्रामीण वासी


अनूपपुर/कोतमा

अनूपपुर की ऊर्जा धानी कही जाने वाली जमुना कोतमा क्षेत्र सिविल विभाग की निष्क्रियता एवं ठेकेदारों की लापरवाही के चलते सुर्ख़ियों में है। आमाडाड ओसीएम एवं बरताई खदान से निकलने वाले कोयले को गोविंदा साइडिंग लाया जाता है जिसमें लगातार ट्रकों के द्वारा परिवहन किया जाता है। सड़क के किनारे बसे नीमहा, पयारी नंबर 02 केवई नदी पारकर हनुमान दफाई एवं लाइन दफाई के माध्यम से गोविंदा साइडिंग लाया जाता है।

*नहीं होता पानी का छिड़काव*

किसी भी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थाओं को संचालित करने के लिए पर्यावरण विभाग कि कुछ गाइडलाइन तय की गई हैं जिसके अंतर्गत किसी भी,दशा मे उत्पादन को परिवहन करने के लिए उचित सड़क एवं सड़क में लगातार पानी का छिड़काव होना आवश्यक है किंतु कॉलरी  प्रबंधन की लापरवाही के चलते पानी छिड़काव का कार्य हेतु ऊंचे दामों में ठेकेदारों द्वारा ठेका लिया जाता है जिसमें दिन में लगभग 4 से 5 बार छिड़काव करने की शर्तों पर ठेका होता है किंतु ठेकेदार द्वारा 4 से 5 दिनों में कभी एकाध बार छिड़काव हो जाए वह गांव वालों की भाग्य की बात होती है। जबकि हैबिट ट्रक चलने के कारण सड़क के दोनों तरफ मिट्टी के गुब्बारे बराबर उड़ते रहते हैं और गांव वालों को स्वास, दमा जैसी घातक लंबी बीमारियों का सामना भी करना पड़ रहा है।

*पर्यावरण को  हो रहा खतरा*

बिना पानी के छिड़काव के कारण उड़ती धूल के कारण पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है देखने में यह भी आया कि गर्मी के मौसम में यदि घर के बीच आंगन में कोई व्यक्ति सोता है तो सुबह उसे डस्ट के कारण पहचान पाना बड़ा मुश्किल हो जाता है। घर आंगन में यदि अनाज को धूप में फैला दिया जाए तो वह डस्ट के कारण अपने रंग को ही बदल देता है और उस अनाज को खाने से घातक बीमारियों का खतरा बना रहता है।

*इनका कहना है*

हमारे ग्राम पंचायत से आमाडांड से गोविंदा साइडिंग के लिए कोयला परिवहन किया जाता है किंतु पानी का छिड़काव चार-पांच दिन में एक बार बड़ी मुश्किल से किया जाता है जिसकी शिकायत मेरे द्वारा फोन के माध्यम से सिविल इंजीनियर आर के सिंह साहब को कई बार किया गया किंतु उन्होंने दिखवाता हूं ,करवाता हूं, का झुनझुना पकड़ा कर फुर्सत हो जाते हैं।। जबकि इस डस्ट के कारण हमारे गांव में कई नागरिक दमा एवं स्वास  की बीमारियों से ग्रसित हो चुके हैं उनके बीमारी का कारण डॉक्टरों ने धूआ और डस्ट ही बतलाते है।

*माला सिंह सरपंच पयारी नंबर 02*

एबीवीपी प्रतिनिधि मंडल विश्वविद्यालय कुलसचिव से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन


अनूपपुर/अमरकंटक

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक का प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय के कुलसचिव से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के विभिन्न समस्याओं पर ज्ञापन सौंपा एवं चर्चा किया जिसमें प्रमुख रुप से विश्वविद्यालय में उपस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन 24 घंटे किया जाए एवं विश्वविद्यालय के गुरु गोविंद छात्रावास में बन रहे भोजन की गुणवत्ता में सुधार की जाए यह विषय रखें, कुलसचिव ने तत्काल इन समस्याओं निराकरण की आश्वासन दिया।

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