छात्र-छात्राओं ने 2 गोल्ड, 3 सिल्वर, 4 कांस्य सहित 9 पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का बजाया डंका


अनूपपुर 

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अनूपपुर  से प्रतिभागियों छात्र छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर डंका बजाया हैं। जिसमे 2 गोल्ड ,3 सिल्वर एवं 4 कांस्य पदक कुल 9 मेडल जीतकर प्रदेश व जिले को किया गौरवान्वित इस प्रतियोगिता में 22 राज्य के प्रतिभागी ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में बालेंद्र सिंह पुत्र उमराव सिंह ने स्विमिंग में गोल्ड जीता ,वही सोनू बैगा पुत्र लालाराम बैगा ने ताइक्वांडो में गोल्ड जीता हैं।

आदिवासी बच्चों को गुणवत्ता युक्त सीखा देने के उद्देश्य से देश भर में बनाए गए एकलव्य विद्यालय श्रंखला का पहले चरण पर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता राष्ट्रीय कैंप राजधानी भोपाल एवम संस्कार धनी जबलपुर  में हुआ। जिसमे मध्यप्रदेश की टीम से खिलाड़ियों का चयन  राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। जिसका आयोजन आंध्रप्रदेश के गुट्टूर जिले में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में  मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व अनूपपुर एकलव्य के 21 छात्र छात्राओं ने किया था। जिसमे अनूपपुर एकलव्य विद्यालय  से राष्ट्रीय स्तर पर 9 मेडल अपनी झोली में डाले हैं। जिसमे दो गोल्ड ,तीन सिल्वर एवम चार कांस्य पदक प्राप्त किए। मध्यप्रदेश  के साथ जिले का नाम गौरवान्वित किया। पुरस्कृत हुए प्रतिभागियों ने अपने कोच विवेक यादव ,पीटीआई, हेमलता राठौर, प्राचार्य के एन ओझा शिक्षक हरीशंकर वर्मा को अपना मार्गदर्शक बताया।

10 अपराधिक गतिविधियां संलिप्त संदीप उर्फ सिन्धु को थाने में लगानी पड़ेगी हाजिरी 


अनूपपुर 

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सोनिया मीना ने संदीप नारायण मिश्रा उर्फ सिन्धु पिता कुलदीप नारायण मिश्रा उम्र 28 वर्ष निवासी छुलहा थाना कोतमा, जिला अनूपपुर जो वर्ष 2019 से 2021 तक की अवधि में 10 आपराधिक गतिविधियों में संलग्न पाया गया है को 31 मई 2023 तक की कालावधि तक प्रत्येक मंगलवार के 12 बजे दिन थाना प्रभारी कोतमा, जिला अनूपपुर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज कराने का आदेश दिया है। उन्होंने अनावेदक को आदेश दिया है कि वह अपने आपराधिक कृत्यों को पूर्णतः त्याग दे, अन्यथा एक भी आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की दशा में उसके विरुद्ध जिला बदर का प्रकरण पुनः प्रांरभ किया जाकर समुचित कार्यवाही की जा सकेगी। यह भी स्पष्ट किया है कि उपरोक्त आदेश का पालन न करने, उल्लंघन करने या विरोध करने पर, म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14 के अंतर्गत अनावेदक को गिरफ्तार किया जावेगा जो 03 वर्ष के कारावास व जुर्माने से दण्डनीय होगा।

मांगो को लेकर विद्युत कर्मचारियों की जेल भरो आंदोलन से होगी से हड़ताल की शुरूआत

*चरमरायेगी विद्युत व्यवस्था, विभाग ने नियमित कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी*


अनूपपुर

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के साथ अन्य संघ के द्वारा शुक्रवार 30 दिसंबर को कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अधीक्षण, कार्यपालन अभियंता को संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा आउटसोर्स कर्मचारियों की संविलियन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था तथा मांग पूरी नहीं होने पर 6 जनवरी से आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी काम का बहिष्कार की बात कही गई थी। जिसके तहत मांग पूरी नही होने पर आज से प्रदेश समेत जिले भर के सभी संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी कल से काम बंद हड़ताल पर जा रहे हैं जिसकी सूचना 5 जनवरी को ही संबंधितों को दे दी गई है।

*बैठक कर बनाई रणनीति*

अपनी मांगों को लेकर संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी इंजीनियर एलएन सोनवानी के नेतृत्व मे जिला मुख्यालय मे पहले भी बैठक कर चुके हैं तथा विगत दिवस गुरूवार को भी बैठक का आयोजन कर हड़ताल मे संबंध मे रणनीति तैयार किया गया। कोतमा मे भी कनिष्ठ अभियंता खीरसागर पटेल की अगुवाई मे बैठक आहुत कर आज की रैली, आंदोलन हड़ताल की रूपरेखा तैयार की गई तथा सभी संविदा व आउटसोर्स अधिकारी कर्मचारियों के शामिल होकर कार्य बहिष्कार पर भी चर्चा की गई।

*इन संगठनों की रहेगी भूमिका*

विद्युत विभाग मे कल से होने वाले आंदोलन मे मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ, विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन, मध्य प्रदेश बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन, विद्युत आउट सोर्स कर्मचारी संगठन, आउट सोर्स परिषद ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और बिजली आउट सोर्स कर्मचारियों के विभागीय संविलयन को लेकर कई बार ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अभी तक मध्य प्रदेश सरकार की ओर से संविदा और आउटसोर्स दोनों वर्गों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिसके कारण उक्त संगठन आज से प्रदेश व्यापी हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं।

*हड़ताल की ऐसी होगी रूपरेखा*

कर्मचारी संगठन के 18 दिसंबर को आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में 6 जनवरी को जेल भरो आंदोलन और 7 जनवरी से प्रदेश की राजधानी भोपाल में एकत्र होकर सामूहिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। बताया गया कि 5 जनवरी की रात्रि 12 बजे के बाद समस्त संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर देंगे। जिले के बिजली उप केंद्रों एवं वितरण केंद्रों में विद्युत सप्लाई की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की बात कही गई थी, अन्यथा सम्पूर्ण जिम्मेदारी कम्पनी प्रशासन एवं मध्य प्रदेश शासन की रहेगी।

*चरमरा जायेगी विद्युत व्यवस्था*

बता दें कि जिले भर मे विद्युत विभाग मे संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी तथा नियमित कर्मचारी के आंकड़े लगभग 70 व 30 प्रतिशत है। अगर संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों का कल से होने वाला हड़ताल सफल होता है तो यह स्पष्ट है कि विभाग के 70 प्रतिशत कर्मचारियों की मौजूदगी नही होगी, ऐसी स्थिति मे 30 प्रतिशत कर्मचारी किस तरह अपने तथा 70 प्रतिशत कम हुये कर्मचारियों के कार्यों की भरपाई करेंगे अर्थात जिले भर मे विद्युत की सुचारू व्यवस्था पर निश्चित ही व्यवधान होगा। जिसका व्यापक  असर जिला ही नही प्रदेश स्तर पर देखने को मिलेगा। 

*विभाग ने नियमित कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी*

कल से होने वाले आंदोलन के मद्देनजर जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग के अधिकारियों ने विद्युत की सुचारू व्यवस्था के लिए नियमित अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी के लिए आदेश जारी कर दिये हैं परंतु यदि सब स्टेशन व फील्ड मे एक साथ फाल्ट आने पर वे कब और कहां जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारेंगे यह बड़ा सवाल है इस बीच विद्युत उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी का सामना भी करना पड़ेगा।

कोतमा / मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के साथ अन्य संघ के द्वारा शुक्रवार 30 दिसंबर को कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अधीक्षण, कार्यपालन अभियंता को संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा आउटसोर्स कर्मचारियों की संविलियन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था तथा मांग पूरी नहीं होने पर 6 जनवरी से आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी काम का बहिष्कार की बात कही गई थी। जिसके तहत मांग पूरी नही होने पर 6 जनवरी से प्रदेश समेत जिले भर के सभी संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी काम बंद हड़ताल पर जा रहे हैं जिसकी सूचना 5 जनवरी को ही विद्युत वितरण केंद्र कोतमा के सहायक अभियंता राहुल कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर जानकारी दी गई थी ।

अपनी मांगों को लेकर संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी इंजीनियर के नेतृत्व मे  हड़ताल मे जाने के संबंध मे रणनीति तैयार किया गया। कोतमा मे भी कनिष्ठ अभियंता खीरसागर पटेल की अगुवाई मे बैठक आहुत कर रैली, आंदोलन हड़ताल की रूपरेखा तैयार की गई तथा सभी संविदा व आउटसोर्स अधिकारी कर्मचारियों के शामिल होकर कार्य बहिष्कार पर भी चर्चा की गई।

6 जनवरी को जानकारी देते हुए कर्मचारी संघ ने बताया कि ऊपर से यह निर्देश मिले हैं कि 15 दिन तक हड़ताल स्थगित की जाती है यदि 15 दिन के अंदर मांगे पूरी नहीं की गई तो दोबारा रणनीति तैयार करते हुए सभी कर्मचारी हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे ।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget