अज्ञात कारणों से युवक ने खेत में पेड़ पर लगाई फांसी, पुलिस जुटी जांच में


अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत ग्राम मझगवां के गढीटोला में रविवार की रात अज्ञात कारणों से एक 25 वर्षीय युवक ने घर के पास स्थित एक पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली जिसकी जानकारी पुलिस को दिए जाने पर कोतवाली पुलिस मौके में पहुंचकर मृतक के शव का पंचनामा एवं ड्यूटी डॉक्टर से शव परीक्षण कराने पश्चात अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर जांच प्रारंभ की है।

 घटना के संबंध में सहा, उपनिरीक्षक संतोष पांडेय ने बताया कि ग्राम मझगवा के गढ़ीटोला निवासी 25 वर्षीय रमेश कोल को पिता मेघई कोल ने विगत रात घर के पास स्थित खेत में लगे छुइला के पेड़ में साड़ी से फांसी लगा ली जिससे उसकी मृत्यु हो गई, घटना की सूचना पुलिस को मिलने पर हम लोग घटनास्थल पहुंचे तथा मृतक के शव का पंचनामा कर साक्षियो के कथन लिए गए वह शव को जिला चिकित्सालय अनूपपुर में ड्यूटी डॉक्टर से शव परीक्षण कराने बाद अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया गया है प्रारंभिक जांच दौरान मृतक के फांसी लगा के आत्महत्या करने का कारण ज्ञात नहीं हो सका है, जिसकी जांच जारी है।

पिस्टल से गोली चलाने के मामले पर विधायक के ऊपर हुआ मामला दर्ज


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के कोतमा विधानसभा कांग्रेस के विधायक सुनील सराफ के द्वारा रिवाल्वर लहराकर फायरिंग करने के मामला प्रदेश स्तर पर राजनीति गर्मा गई है। इस मामले का वीडियो वायरल होते ही भोपाल से हड़कंप मच गया इस वीडियो पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि इस तरह पिस्टल लहराकर डांस करने से कोई भी अनहोनी हो सकती थी। इस मामले पर गृह मंत्री ने अनूपपुर एसपी को जांच कर कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिए हैं। जिसके बाद कोतमा थाना में विधायक के खिलाफ 336 आईपीसी व 3/25 आर्म्स एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

*यह है मामला*

हमेशा विवादों मे रहने वाले कोतमा के कांग्रेसी विधायक सुनील सराफ ने अपने जन्मदिन व नववर्ष के उपलक्ष्य में पार्टी हो रही थी उस समय डॉन फ़िल्म का गाना अरे दीवानों मुझे पहचानो मैं हूँ डॉन चल रहा था उसी बीच विधायक स्टेज में चढ़ गए और अपना लाइसेंसी पिस्टल निकाल डांस करते हुए खुद को फिल्मी डॉन समझकर दनादन गोलियां हवा में दागने लगे।

*पहले भी कई मामलों में रह चुके हैं सुर्खियों में*

पहले भी कई मामलों में काफी सुर्खिंया बटोर चुके हैं। कोरोना महामारी के समय जब लोग के दूसरे से दूर भागते थे उस समय अपने घर पर भीड़ लगाकर कटहल बांटते हुए नजर आए थे अभी हाल में कुछ माह पहले ट्रेन में यात्रा करते समय एक महिला ने इनके ऊपर अभद्रता का आरोप लगाते हुए रेलवे थाना में मामला दर्ज करवाया था। एक बार एक कार्यक्रम में मंच से अनूपपुर कलेक्टर को देख लेने की धमकी दी थी।


अभी हाल में ही राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश में प्रवेश करने के समय मंच पर राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेने के कारण राहुल गांधी द्वारा हाथ पकड़कर हटा देने के कारण काफी किरकिरी हुई थी। इसके अलावा भी और बहुत से मामलों में विवादों में घिर चुके है यूं कहें कि कोतमा विधायक का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है।

*इनका कहना है*

विधायक के ऊपर 336 आईपीसी व 25, 9 आर्म्स एक्ट के तहत मामला कायम किया गया है।

*शिवेंद्र सिंह एसडीओपी कोतमा*

गृहमंत्री के आदेश की मुझे जानकारी नही है मगर विधायक के खिलाफ़ जल्द ही मामला पंजीबद्ध हो जाएगा।

*अजय बैगा नगर निरीक्षक थाना कोतमा*



25 फिट की गोंडवाना वीरांगना महारानी दुर्गावती की प्रतिमा हुआ अनावरण


अनूपपुर

मध्यप्रदेश के शहडोल संभाग अनूपपुर जिले के कोतमा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत  गोहन्ड्र मे गोंडवाना समाज महासभा कमेटी के तत्वधान में 25 फीट वीरांगना महारानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम सहित अनूपपुर जनपद कोतमा जनपद तथा जैतहरी जनपद के सरपंच संघ के सरपंचगण मौजूद रहे। 

वीरांगना महारानी दुर्गावती यह है इतिहास- गोंडवाना भू-भाग में अनेको क्रांतिकारी योद्धा राजा-महाराजा हुए है, जैसे कि जननायक भगवान बिरसा मुण्डा, राजा शंकर शाह मडावी, कुंवर रघुनाथ शाह मडावी उन्ही में से एक है गढ़ मण्डला की महारानी दुर्गावती, रानी दुर्गावती का जन्म 05 अक्टूबर 1524 को महोबा में हुआ था। दुर्गावती के पिता महोबा के राजा थे, रानी दुर्गावती का विवाह प्रसिद्ध गोंडवाना साम्राज्य के राजा संग्राम शाह मडावी के पुत्र दलपत शाह मडावी के साथ हुआ था, दुर्भाग्यवश विवाह के 4 वर्ष बाद ही राजा दलपत शाह का निधन हो गया, उसी समय रानी दुर्गावती की गोद में तीन वर्ष की नारायण ही था, अतः रानी ने स्वयं ही गढ़ मण्डला का शासन संभाल लिया महारानी दुर्गावती ने अपने शासनकाल में अनेक मठ, कुए बावड़ी तथा धर्मशालायें बनवायी, रानी दुर्गावती के सुखी और सम्पन्न राज्य पर कई आक्रमणकारियों ने हमला किये पर हर बार आक्रमणकारी पराजित हुए, अपनी वीरता, उदारता चतुराई एवं राजनैतिक एकता के कारण गोंडवाना राज्य शक्तिशाली और सम्पन्न राज्यों में गिना जाने लगा, इससे रानी दुर्गावती की ख्याति पूरी दुनिया में फैल गयी। 24 जून 1564 को मुगल सेना के साथ भीषण युद्ध हुआ तभी एक तीर भुजा में लगा, रानी ने उसे निकाल फेका दूसरा तीर उनकी आंख मे लगा, रानी ने इसे भी निकाला और तभी तीसरा तीर उनकी गर्दन में आकर धस गया रानी ने अंत समय निकट जानकर वजीर आधार सिंह से आग्रह किया कि वह अपनी तलवार से उनकी गर्दन काट दे पर उसके लिए वह तैयार नहीं हुआ रानी ने अपनी कटार से ही स्वयं अपने सीने में मारकर आत्मबलिदान के पथ पर बढ़ गयी महारानी दुर्गावती ने अकबर के सेनापति आसफ खान से लड़कर अपनी जान गवाने से पहले 75 वर्षों तक शासन किया था। 

गौरतलब है कि वीरांगना महारानी दुर्गावती अनावरण से पहले सुबह 7:00 बजे प्रभात फेरी जो भी कोतमा आमाडांड भालूमाड़ा होते हुए गोहन्ड्र पहुंचा जिसके बाद मंची कार्यक्रम के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गोड़वाना समाज के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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