मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन, किसानों ने एसईसीएल प्रबंधन को दी चेतावनी

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन, किसानों ने एसईसीएल प्रबंधन को दी चेतावनी

*पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार को लेकर किसानों का आक्रोश, जल्द सौंपेंगे ज्ञापन* 


शहडोल

स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और अधिग्रहित भूमि का पूरा मुआवजा देने की मांग, किसान नेता भूपेश शर्मा ने उठाई आवाज अनूपपुर खाड़ा एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर-बटुरा के किसानों द्वारा अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। किसानों का कहना है कि वर्षों से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है और यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

किसान नेता भूपेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की कई महत्वपूर्ण मांगें हैं, जिन्हें लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना, नोटिफिकेशन में छूटी हुई जमीनों के अधिग्रहण की कार्रवाई करना तथा बेलिया और रामपुर के शेष मुआवजा भुगतान को पूरा करना शामिल है। इसके अलावा परिसंपत्तियों, मोनेटरी राशि, छूटे हुए कुओं, बोरवेल, पेड़-पौधों सहित सभी लंबित मुआवजों का भुगतान करने की मांग की गई है।

किसानों ने सीएसआर मद के तहत क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की भी मांग की है। इनमें खाड़ा लिफ्ट एरिक्सन कार्य, पड़रिया स्टॉप डेम, बैरिया हैंडपंप, अतरिया-बिछिया हैंडपंप निर्माण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास शामिल है। साथ ही स्कूल स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने तथा तीन लाख रुपये की सहायता राशि को दोगुना कर एकमुश्त भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है।

रोजगार के मुद्दे पर किसानों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के आश्रितों को खुली खदानों में रोजगार दिया जाए। जो आश्रित सोहागपुर एरिया में कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें सरफेस कार्यों में समायोजित किया जाए। साथ ही निजी कंपनियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने तथा सीटें खाली न होने की स्थिति में बाहरी लोगों को हटाकर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने सांदा तिराहा से खाड़ा होते हुए रामपुर के टगरा टोला तक विद्युतीकरण कराने, रोजगार से संबंधित रुकी हुई फाइलों का सरलीकरण करने तथा नोटिस और मुआवजा के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। इसके अलावा बिछिया और खैरबना के लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा अतरिया डीआरसीसी की प्रक्रिया पूरी कर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

किसानों ने छात्रों, मजदूरों और ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के लिए प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार योजनाएं लागू करने की भी मांग की है। किसान नेता भूपेश शर्मा सहित क्षेत्र के जनपद सदस्य चंद्र कुमार तिवारी सभापति वन समिति शांति मनमोहन चौधरी सदस्य जिला पंचायत सांसद प्रतिनिधि राजकमल मिश्रा पत्रकार ओमप्रकाश त्रिवेदी पूर्व एसडीएम वरिष्ठ नेता रमेश सिंह सहित क्षेत्र के सभी सरपंच उप सरपंच एवं किसान नेताओं ने संयुक्त रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इन सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संबंधित बैठकों को स्थगित रखा जाएगा और किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।

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