उपार्जन का गेहूं बेचते पकड़ाया ट्रक, ट्रांसपोर्टर एवं खाद्य विभाग की मिलीभगत, पुलिस ने जप्त किया ट्रक
अनूपपुर
जिले में एक बार फिर से छतरपुर के ट्रांसपोर्टर की कलई खुली, मामला जब पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस ने ट्रक को जप्त कर अपनी अभिरक्षा में खड़ा करवा लिया है, जिले में चल रहे गेहूं उपार्जन में समिति स्तरीय खरीदी जो खुले में की जाती रही उसको परिवहन कर गोदाम तक पहुंचाने का कार्य फिर से छतरपुर जिले के परिवहनकर्ता मेसर्स पवन कुमार जैन एंड ट्रांसपोर्ट कंपनी को दिया गया है। जिसके द्वारा जिले की प्रत्येक समितियों से उपार्जन के गेहूं को परिवहन किया जा रहा है, पूर्व में धान के परिवहन का कार्य भी इसी कंपनी को दिया गया था, वैसे देखा जाय तो नागरिक आपूर्ति निगम की मिलीभगत से लगातार कई वर्षों से उमरिया जिले के परिवहन का कार्य इसी कंपनी को दिया जा रहा है और इसके मैनेजर, ठेकेदार, वाहन चालक सभी मिल कर भारी मात्रा में उपार्जन के अनाज की चोरी करते हैं और उसकी घटती समिति प्रबंधकों को पूरा करनी पड़ती है।
उपार्जन केंद्र मातेश्वरी स्व-सहायता समूह बिलासपुर से गेहूं लोड कर धनवाही स्थित वामिका वेयरहाउस भेजा जा रहा था, जिसको धनवाही मोड़ पर ट्रक क्रमांक एम पी 07 एच बी 5285 का चालक बेचते हुए पकड़ा गया। सूत्रों के अनुसार ट्रक में उपार्जन केंद्र से लगभग 650 बोरी गेहूं लोड किया गया था और चालक द्वारा रास्ते में कितनी मात्रा में गेहूं बेचा गया, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फोटो मे देखा जा सकता है कैसे टेसू के पेड़ के नीचे गेहूं के बोरे क़ो रखा गया है बरहाल आगे जो भी हो प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गेहूं की वास्तविक कमी, जिम्मेदारों की भूमिका और संभावित हेराफेरी की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मामले के उजागर होने के बाद उपार्जन केंद्रों से वेयरहाउस तक होने वाले गेहूं परिवहन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
