कोयला खदान में रोजगार न मिलने पर आदिवासियों ने खोला मोर्चा, एसईसीएल कार्यालय का किया घेराव
शहडोल
जिले के एसईसीएल सोहागपुर अंतर्गत रामपुर-बटुरा परियोजना क्षेत्र में स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों, किसानों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। निजी ठेका कंपनी जय अम्बे पर स्थानीय लोगों की अनदेखी कर बाहरी लोगों को नौकरी देने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उप क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय प्रभावित परिवारों और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें नौकरी नहीं दी गई। इसके उलट कंपनी द्वारा बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार अमलाई थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के आदिवासी ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में एसईसीएल सोहागपुर अंतर्गत संचालित रामपुर बटुरा ओसीएम पहुंचे। यहां कोयला और ओबी उत्खनन का कार्य कर रही निजी ठेका कंपनी जय अम्बे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रोजगार मांगने पहुंचे लोगों के साथ कंपनी अधिकारियों ने अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के अधिकारियों अंशुल त्रिपाठी और आलोक त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों ने एसईसीएल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर स्थानीय प्रभावित परिवारों को रोजगार दिया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी और प्रबंधन की होगी।
