हाथी ने महुआ बीन रहे वृद्ध पर किया हमला, घटनास्थल पर हुई मौत, वन विभाग कर रहा है जांच
अनूपपुर
जिले के वन परिक्षेत्र अंतर्गत शिवनी बीट एवं ग्राम पंचायत पोंडी अंतर्गत डडिंया गांव से लगे जंगल में शुक्रवार की सुबह 4 बजे महुआ बीनने गये 55 वर्षीय वृद्ध पर एक हाथी ने हमला करने से घटनास्थल पर मौत हों गई। हाथी डडिंया के जंगल में ठहरा हुआ है। घटना की जानकारी पर वन विभाग के कर्मचारी,ग्राम पंचायत के सरपंच एवं ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद है।
एक अकेला दो दांत वाला नर हाथी 1 अप्रैल को छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत पसान वन परिक्षेत्र से 2अपैल की सुबह मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र के गुल्लीडांड बीट के मालाकोट गांव से लगे जंगल में दिन में ठहरने बाद, 2 अप्रैल की शाम जंगल से निकलकर कुम्हारी रोड पारकर सोन नदी बांध के पास से घुसरिया पर पथर्री होते हुए, घिनौची मुरूम खदान के पीछे से शुक्रवार की सुबह 4 बजे ग्राम पंचायत पोंडी एवं वन बीट शिवनी अंतर्गत डडिंया के डडिंयाडोंगरी जंगल पर पहुंचा, जहां 55 वर्षीय वृद्ध त्रिलोचन सिंह पिता अंगद सिंह जो अकेले महुआ फल संग्रहित करने के लिए जंगल पहुंचकर संग्रहण कर रहे थे, इसी दौरान अचानक एक दो दांत वाला नर हाथी ने सुबह 4 बजे हमला कर दिया, जिससे वृद्ध की स्थल पर मौत हो गई। यह हाथी घटनास्थल के समीप ही शिवनी बीट के डडिंया गांव से लगे जंगल के कक्ष क्रमांक 2093 में ठहरा हुआ है। घटना की जानकारी पर वनरक्षक बीट शिवनी शाहिद खान,ग्राम पंचायत पोंडी सरपंच हेमचंद मरावी एवं भारी मात्रा में ग्रामीण जन घटना स्थल पर पहुंचे हैं। घटना की जानकारी मरवाही थाना को ग्रामीणों द्वारा दी गई है। यह क्षेत्र मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी थाना,वन परिक्षेत्र एवं तहसील के वन बीट एवं ग्राम पंचायत चोलना की सीमा से चार से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यह हाथी 2 मार्च की सुबह छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र की सीमा शिवनी बीट को पार कर अनूपपुर के जैतहरी तहसील,थाना एवं वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत एवं वन बीट चोलना की सीमा को पार कर दो दिन तक अपने तीन हाथी साथियों जो धनगवां बीट के जंगल में ठहरे रहे हैं, साथ मिलकर विचरण करते हुए वन पर क्षेत्र कोतमा के पडौंर,चुकान,आमाडांड,मलगा,टांकी से विचरण करते हुए छत्तीसगढ़ के मनेद्रगढ़, खड़गवां वन परिक्षेत्र की सीमा से वापस अपने कटघोरा वन मंडल स्थित हाथियों के बड़े दल में जाकर मिल गया था, जो एक बार फिर अपने तीन हाथी साथियों की तलाश में वापस आ गया है। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को दिन एवं रात के समय जंगल में महुआ बीनने,लकड़ी काटने,लेने तथा अन्य कार्यों के लिए जंगल नहीं जाने की हिदायत दी है।
