भूमिगत खदान में ठेका श्रमिकों का शोषण, मजदूरी दिलाने की मांग को लेकर सांसद कार्यालय में सौपा ज्ञापन

भूमिगत खदान में ठेका श्रमिकों का शोषण, मजदूरी दिलाने की मांग को लेकर सांसद कार्यालय में सौपा ज्ञापन


अनूपपुर/कोतमा

हाली मे बिजुरी क्षेत्र के एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की कुरजा भूमिगत खदान में कार्यरत दर्जनों ठेका श्रमिकों ने 27 फरवरी 2026 को शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह के कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मजदूरी से जुड़े गंभीर मुद्दों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में खदान में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित वेतन बैंक खातों में जमा किया जाता है, लेकिन ठेकेदार के दबाव में उनसे लगभग 75 प्रतिशत राशि वापस वसूली जाती है। इस वजह से उन्हें वास्तविक रूप से केवल 25 प्रतिशत मजदूरी मिल पाती है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि वसूली गई राशि को जीएम, सब एरिया मैनेजर, वेलफेयर और सर्वेयर सहित अन्य अधिकारियों तक पहुँचाने का आरोप है। इस प्रक्रिया के कारण श्रमिक अपनी पूरी मेहनताना प्राप्त नहीं कर पाते और लंबे समय से असंतोष व्याप्त है। यदि कोई श्रमिक पूरी मजदूरी की मांग करता है या पैसे वापस देने से इनकार करता है, तो उसे काम से हटाने या काम बंद कराने की धमकी दी जाती है। भुगतान और बिल पास कराने की प्रक्रिया में दबाव बनाए जाने की बात भी दर्ज की गई है।

श्रमिकों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। बैंक खातों में पैसा आने के बाद भी ठेकेदार द्वारा बड़ी राशि वापस लेने के कारण उनकी वास्तविक आमदनी बहुत कम रह जाती है। इस पूरे मामले ने खदान प्रबंधन और उप क्षेत्रीय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आवेदन में मांग की गई है कि ठेका कर्मियों को नियमित पेमेंट स्लिप उपलब्ध कराई जाए और न्यूनतम वेतन का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बोनस, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और कॉलोनी में खाली पड़े क्वार्टर जरूरतमंद परिवारों को दिए जाएं। इस मामले में जब कुरजा भूमिगत खदान के प्रबंधन को मोबाइल से कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

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