धड़ल्ले से हो रही पेड़ों की कटाई, वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल, जिम्म्मेदार मौन
अनूपपुर/कोतमा
जिले कोतमा वन परिक्षेत्र के सकोला बीट (आरएफ 463) में भालूमाड़ा वार्ड क्रमांक 16 के पास 13 , 14 और 15 मार्च को बड़े पेड़ों की कटाई की घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सेमर और नीलगिरी के बड़े पेड़ काटे गए और लकड़ी ले जाने के लिए ट्रैक्टर का उपयोग किया गया, जिससे वन संपदा को गंभीर खतरा पैदा हुआ है।
बीट गार्ड बिहारी लाल रजक ने बताया कि केवल सूखी लकड़ी काटी गई और पीओआर (वन अपराध प्रकरण) दर्ज किया गया। पीओआर नंबर सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं, स्थानीय लोग इस घटना को देखकर विभागीय निगरानी पर सवाल उठा रहे हैं और आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि कटाई बड़े पैमाने पर हुई, जबकि मौके पर प्रभावी रोक नहीं दिखी।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि यदि अवैध कटाई पर समय रहते नियंत्रण नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों ( डीएफओ (डीएफओ ), अनूपपुर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), शहडोल ) से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
शहडोल के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ ) ने इस गंभीर मामले में डीएफओ अनूपपुर को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि मामले की समीक्षा की जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रकार की घटनाओं से जंगलों की सुरक्षा और वन विभाग की निगरानी क्षमता पर प्रश्न खड़े होते हैं। नागरिकों की चेतावनी और अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर बनाए रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इनका कहना है।
सेमर की लकड़ी काटे जाने की बात की जानकारी कल ही मुझे हुई है, इस संबंध में मैंने डीएफओ अनूपपुर को कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं, पीओआर काट कर वन अपराध पंजीकृत करते हुए मामले की जांच कराई जा रही है।
*सीसीएफ वन विभाग शहडोल*
"मैं अभी हाथी ड्यूटी में हूं पी ओ आर काटकर वन अपराध दर्ज किया गया है आगे की कार्यवाही जारी है"
*हरीश तिवारी, रेंजर कोतमा*
