चौकी प्रभारी पर रेत के अवैध खनन पर गंभीर आरोप, डीएफओ ने वनरक्षक को किया निलंबित

चौकी प्रभारी पर रेत के अवैध खनन पर गंभीर आरोप, डीएफओ ने वनरक्षक को किया निलंबित

*गोडारू नदी से धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, पर्यावरण व राजस्व को हो रहा नुकसान*


अनूपपुर 

जिले के थाना भालूमाड़ा अंतर्गत फुनगा चौकी क्षेत्र में इन दिनों अवैध रेत खनन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते की शह पर गोडारू नदी से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत की चोरी की जा रही है। इस अवैध गतिविधि से जहां एक ओर पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

ग्रामीण रमेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि नदी से रात-दिन लगातार रेत निकासी का कार्य जारी है। आरोप है कि रेत माफियाओं को चौकी स्तर से संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वे बेखौफ होकर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन की मिलीभगत न हो तो इतने बड़े पैमाने पर प्रतिदिन रेत परिवहन संभव ही नहीं है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी द्वारा कथित रूप से “चढ़ौती” लेकर रेत माफियाओं को खुली छूट दी गई है। परिणामस्वरूप नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता जा रहा है, जलस्तर में गिरावट की आशंका बढ़ गई है और आसपास की कृषि भूमि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित रेत खनन से नदी की धारा बदलने, जैव विविधता नष्ट होने और बाढ़ जैसी आपदाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कई बार जिला पुलिस अधीक्षक एवं जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से संबंधित चौकी प्रभारी की पदस्थापना हुई है, तभी से क्षेत्र में रेत चोरी का कारोबार तेज हुआ है।

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई और संबंधित अधिकारी को नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा फुनगा चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वास्तव में रेत माफियाओं पर लगाम कसने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा।

इनका कहना है।

अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं आई है, अगर चौकी प्रभारी की सह पर रेत चोरी हो रही है तो उक्त संबंध में कार्रवाई की जाएगी। 

*विपुल शुक्ला, थाना प्रभारी, भालूमाड़ा*


डीएफओ ने वनरक्षक पटासी को किया निलंबित 

शहडोल वन मंडलाधिकारी, दक्षिण वन मंडल श्रद्धा पेंद्रे ने वन मण्डल दक्षिण शहडोल में वन परिक्षेत्र शहडोल अंतर्गत बीटगार्ड पटासी में पदस्थ श्री शिवप्रसाद मरकाम, वनरक्षक को बिना किसी सूचना के स्वेच्छापूर्वक दिनांक 18 सितंबर 2025 से अपने कर्तव्य ड्यूटी व मुख्यालय से अनुपस्थित रहने एवं अनाधिकृत रूप से शासकीय सुरक्षा की राशि आहरण कर इनके द्वारा सुरक्षा श्रमिकों का भुगतान भी नहीं करने के फलस्वरूप म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के प्रावधान अंतर्गत शिवप्रसाद मरकाम, वनरक्षक, वन परिक्षेत्र शहडोल बीटगार्ड पटासी को तत्काल प्रभाव से निलंबित  कर दिया है। जारी आदेष में कहा गया है कि निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय वन परिक्षेत्र केशवाही होगा एवं निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

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