दो भागों में बटे तीन हाथी घर एवं फसल का कर रहे नुकसान,रात रात जाग कर खतरा मोल लेकर ग्रामीण खदेड़ते है हाथी
अनूपपुर
तीन हाथियों का समूह दो अलग-अलग हिस्सों में बट कर निरंतर 64 दिनो से अनूपपुर जिले में भ्रमण कर रहे हैं जो दिन के समय जंगल में रहकर शाम एवं रात होते ही जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर ग्रामीणों के घरो में तोड़फोड़ कर एवं खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बना रहे हैं निरंतर हाथियों के विचरण करने एवं नुकसान करने से ग्रामीण जन बेहद परेशान है ग्रामीण जन हाथियों के आने पर रात रात भर जाग कर हाथियों को अपने इलाके से खदेड़ने को मजबूर है ग्रामीणों ने जिले के जनप्रतिनिधियों,वन विभाग एवं जिला प्रशासन से हाथियों को जिले से दूर करने हेतु ठोस कदम उठाए जाने की मांग की है।
तीन हाथियों का समूह चार-पांच दिन से एक बार फिर दो एवं एक की संख्या में अलग-अलग होकर वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील जैतहरी के धनगवां बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा एवं पड़रिया के ग्रामीण अंचल से लगे जंगल में दिन में ठहरने बाद शाम एवं रात होते ही जंगल से निकल कर एक दांत वाला नर हाथी ग्राम पंचायत पड़रिया की चोई गांव अंतर्गत जुनहाटोला में कई किसानों के खेत में लगे गेहूं एवं अन्य तरह की फसलों को रात भर अपना आहार बनाया जबकि दो दो दांत वाले हाथी देर रात को रोहिलाकछार गांव से लगे जंगल में विभिन्न तरह के पेड़ों को तोड़कर आहार बनाते रहे सोमवार की सुबह दोनों हाथी बीट धनगवां के आमापानी जंगल में ठहरे रहे जबकि एक दांत वाला हाथी चोलना बीट के प्लांटेशन के जंगल में ठहरा रहा सोमवार की रात दोनों हाथी ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के किसानों के खेतों में लगे चना मटर एवं अन्य तरह की फसल को आहार बनाते हुए मंगलवार की सुबह धनगवां बीट के जंगल हुडराडोंगरी में पहुंचकर विश्राम कर रहा है वही एक दांत वाला नर हाथी सोमवार की रात चोलना बीट के प्लांटेशन जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के गढ़ईटोला निवासी जियालाल कोल,लालमन चौधरी,रामेश्वर सिंह एवं झुमुखलाल कोल के घरों में पहुंचकर घर को तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे खाने पीने की सामग्रियों को अपना आहार बनाते हुए मंगलवार की सुबह धनगवां बीट के आमापानी जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। निरंतर 64 दिनों से तीन हाथियों से ग्रामीण परेशान है।
