कर्ज 14 हजार, कटौती 26 हजार, अपनी ही रकम के लिए दर-दर भटक रहा किसान, प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग
अनूपपुर
जिले के किसान शोभ सिंह को अपनी ही मेहनत की कमाई पाने के लिए समिति और बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मामला आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अमलई पयारी से जुड़ा है, जहां कर्ज की वसूली को लेकर गंभीर अनियमितता का आरोप सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, किसान ने समिति से 14 हजार रुपये का कर्ज लिया था। बाद में पंजीयन के उपरांत उन्होंने धान का विक्रय किया। आरोप है कि समिति ने बकाया राशि समायोजित करने के नाम पर 14 हजार के बजाय 26 हजार रुपये की कटौती कर ली। पीड़ित किसान का कहना है कि अतिरिक्त 12 हजार रुपये काटे जाने के बाद से वह लगातार समिति और बैंक के चक्कर लगा रहा है, लेकिन डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राशि वापस नहीं मिली है।
समिति प्रबंधक नफीस खान से संपर्क करने पर किसान को बताया गया कि खाते में सुधार कर दिया गया है और राशि आ गई होगी। लेकिन सोमवार को बैंक जाकर खाते की जांच करने पर भी अतिरिक्त काटी गई रकम वापस नहीं मिली। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि प्रबंधक नफीस खान के इस रवैये से किसान आए दिन परेशान रहते हैं। किसानों ने ऐसे भ्रष्टाचारपूर्ण कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार समिति प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच कर समाधान नहीं किया गया, तो किसानों का भरोसा सहकारी व्यवस्था से उठ सकता है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पीड़ित किसान को उसकी राशि वापस दिलाने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इनका कहना।
मैंने खाद बीज के लिए 14 हजार रूपए क़र्ज़ समिति से लिया था और 26 हजार कट गये।
*शोभ सिंह किसान ग्राम पंचायत दैखल*
उनकी राशि कटी है जिसकी मुझे जानकारी है, राशि मैंने नहीं ली किसान का नुकसान होता है तो होने दो।
*नफीस खान प्रबंधक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अमलई*
